ePaper

हत्या के प्रयास में दो आरोपियों को दी गयी सात साल की सजा

Updated at : 24 Sep 2019 8:31 AM (IST)
विज्ञापन
हत्या के प्रयास में दो आरोपियों को दी गयी सात साल की सजा

पूर्णिया : हत्या के प्रयास के एक मामले में अदालत ने दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सात साल की सजा सुनाई है. चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश बलजिन्दर पाल ने सत्रवाद संख्या 22/13 में अभियुक्त खगेन्द्र प्रसाद सिन्हा और संतोष सिन्हा (सभी रामनगर, पूर्णिया) को हत्या के प्रयास का दोषी पाते हुए सात वर्ष की […]

विज्ञापन

पूर्णिया : हत्या के प्रयास के एक मामले में अदालत ने दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सात साल की सजा सुनाई है. चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश बलजिन्दर पाल ने सत्रवाद संख्या 22/13 में अभियुक्त खगेन्द्र प्रसाद सिन्हा और संतोष सिन्हा (सभी रामनगर, पूर्णिया) को हत्या के प्रयास का दोषी पाते हुए सात वर्ष की सजा सुनाई तथा अलग से प्रत्येक को दस हजार रुपये जुर्माना लगाया है.

मामले के सूचक नीरज कुमार यादव ने मरंगा थाने में कांड संख्या 194/11 दर्ज करवाया था. दर्ज प्राथमिकी में कहा गया है कि 24 मई 2011 की रात करीब 8.30 बजे रामनगर स्थित अपने घर पर हिसाब कर रहा था. इसी दरमयान दोनों आरोपी नाकाब लगाये घऱ पर पहुंचे और लाठी-डंडा एवं तलवार से प्रहार करने लगे. इतना ही नहीं जान मारने की नीयत से गोली भी चलायी. गोलबारी में सूचक का पुत्र घायल हो गया.
आरोपी भागते समय 50 हजार के जेवरात भी लेकर भाग गये. मामले में अभियोजन की तरफ से अपर लोक अभियोजक हरे राम ठाकुर ने 8 गवाहों का साक्ष्य न्यायालय में कलमबद्ध करवाया. कोर्ट ने भारतीय दण्ड संहिता की धारा 148 में 2 वर्ष दो हजार जुर्माना, 307 में सात वर्ष कैद तथा पांच हजार जुर्माना तथा 452 में चार वर्ष तथा तीन हजार जुर्माना और सजा सुनाई.
नाबालिग के अपहरण मामले में एक को सात साल की सजा, जुर्माना
पूर्णिया. चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश बलजिन्दर पाल ने एक नाबालिग लड़की के अपहरण के एक मामले में दोषी पाते हुए पूर्णिया राजाबाड़ी के सुबोध कुमार मंडल उर्फ सनोज कुमार मंडल को सात साल की सजा सुनाई है तथा अलग से दस हजार रुपया का जुर्माना लगाया है. यह मामला आठ साल पुराना है.
मामले में अपह्त के पिता ने केहाट थाने में कांड संख्या 272/11 दर्ज कराया था. दर्ज प्राथमिकी के अनुसार 6 जुलाई 2011 को रोज की भांति उनकी बेटी कम्प्यूटर क्लास के लिए घर से निकली. जब वह वापस घर नहीं लौटी तो खोजबीन शुरू की गयी.
खोजबीन के दौरान पता लगा कि अभियुक्त अन्य 3-4 लोगो के सहयोग से उनकी बेटी का अपहरण कर लिया है. मामले में जहां अभियोजन की तरफ से सरकारी राहुल झा तथा सूचक के अधिवक्ता विकाश कुमार झा ने 8 गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत कर गवाही करवाई. न्यायायलय ने अभियुक्त सुबोद मंडल को भारतीय दंड संहिता की धारा 366(A) में दोषी पाते हुए सात वर्ष की सजा सुनाई.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन