कार्यस्थल पर सुरक्षा के मसले पर डॉक्टर गोलबंद आइजी व एसपी से मिला आइएमए का शिष्टमंडल

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पूर्णिया : कार्यस्थल पर सुरक्षा के मसले को लेकर पूर्णिया के डॉक्टर गोलबंद हो गये हैं. गुरुवार को आइएमए की ओर से डॉक्टरों का एक शिष्टमंडल आइजी विनोद कुमार और एसपी विशाल शर्मा से मिला और उन्हें अपनी चिंताओं से अवगत कराया. ताजा मामले में नर्सिंग होम में हंगामे के बाद पुलिसिया कार्रवाई पर डॉक्टरों […]

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पूर्णिया : कार्यस्थल पर सुरक्षा के मसले को लेकर पूर्णिया के डॉक्टर गोलबंद हो गये हैं. गुरुवार को आइएमए की ओर से डॉक्टरों का एक शिष्टमंडल आइजी विनोद कुमार और एसपी विशाल शर्मा से मिला और उन्हें अपनी चिंताओं से अवगत कराया. ताजा मामले में नर्सिंग होम में हंगामे के बाद पुलिसिया कार्रवाई पर डॉक्टरों ने असंतोष का इजहार किया.

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हालांकि दोनों पदाधिकारियों से मिलने के बाद डॉक्टर काफी संतुष्ट दिखे. आइएमए के अध्यक्ष डॉ. ए एन केजरीवाल ने बताया कि आइजी व एसपी से मुलाकात काफी सार्थक और सकारात्मक रही.
दोनों पदाधिकारियों ने आश्वस्त किया कि डॉक्टरों को सुरक्षा का वातावरण मुहैया कराने के लिए पुलिस पूरी तरह से प्रतिबद्ध है. सबसे पहले शिष्टमंडल ने एसपी विशाल शर्मा से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद ही डॉक्टर पूरी तरह से आश्वस्त हो गये कि पुलिस सही दिशा में काम करेगी. इसके बाद आइजी विनोद कुमार से मुलाकात के बाद पुलिस के प्रति डॉक्टरों का भ्रम पूरी तरह से दूर हो गया. शिष्टमंडल में आइएमए के अध्यक्ष डॉ. ए एन केजरीवाल, सचिव डॉ. एम एम हक, डॉ. पी सी झा, डॉ. मुकेश, डॉ. एस पी सिंह जूनियर शामिल थे.
डॉक्टरों के समक्ष आइजी ने की एसपी की तारीफ : डॉक्टरों से मुलाकात के दौरान आइजी विनोद कुमार ने एसपी विशाल शर्मा की कार्यशैली की प्रशंसा की. आइजी ने कहा कि जब एसपी इस मामले को देख रहे हैं तो उन्हें लगता है कि फिलहाल मामले का निराकरण होने की ओर अग्रसर है. इसपर डॉक्टरों ने भी इससे सहमति जताते हुए एसपी से हुई सकारात्मक वार्ता का जिक्र किया. इसके बाद आइजी ने अपनी ओर से भी आश्वस्त किया कि विधि व्यवस्था के लिए पुलिस पूरी तरह से तत्पर है.
मेडिकल जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई: एसपी
डॉक्टरों से मुलाकात के बाद एसपी विशाल शर्मा ने बताया कि नर्सिंग होम मामले में मेडिकल पक्ष भी है. मेडिकल पक्ष की जांच के लिए सिविल सर्जन को लिखा जा रहा है. सिविल सर्जन की ओर से जांच रिपोर्ट मिलने के बाद तदनुसार कार्रवाई की जायेगी.
यह है मामला : 10 सितंबर की रात को लाइन बाजार के हर्ष हॉस्पीटल में बच्चे की मौत के बाद परिजन हंगामे पर उतारू हो गये. परिजनों का आरोप था कि बच्चा रोग विशेषज्ञ नहीं रहने के कारण उसकी मौत हो गयी. जबकि आइएमए की ओर से दावा किया गया कि बच्चा डॉक्टर मौजूद थे जो सीसीटीवी फुटेज में भी देखा जा सकता है. आरोप यह है कि थाना की पुलिस ने हंगामा करनेवाले को छोड़ दिया और डॉक्टर पर ही कानूनी कार्रवाई करने लगी.
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