राज्य में 115 और नेपाल में 58 स्थानों पर बांध में कटाव रोकने का होगा काम
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 27 Dec 2024 1:26 AM
राज्य में 115 और नेपाल में 58 स्थानों पर बांध में कटाव रोकने का होगा काम
– जल संसाधन विभाग की कुल 173 कटाव निरोधक योजनाओं को मिली मंजूरी, खर्च होंगे 562 करोड़ रुपये
संवाददाता, पटनाराज्य में अगले साल बाढ़ से जान-माल का नुकसान कम करने के लिए राज्य में 115 और नेपाल में 58 स्थानों पर बांध में कटाव रोकने का काम होगा. इसके लिए जल संसाधन विभाग ने करीब 562 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है. कटाव रोकने वाले काम संबंधित स्थल निरीक्षण, समीक्षा और अनुमोदन की प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया है. अब संबंधित कार्यपालक अभियंता इन योजनाओं के लिए टेंडर के माध्यम से निर्माण एजेंसी का चयन कर रहे हैं. इससे योजनाओं को समय पर पूरा किया जा सकेगा और 2025 की संभावित बाढ़ अवधि में कटाव से सुरक्षा मिल सकेगी.
सूत्रों के अनुसार इस वर्ष राज्य योजना मद में बिहार में कुल 115 कटाव निरोधक योजनाओं को योजना समीक्षा समिति द्वारा स्वीकृति दे दी गयी है. इनका कुल एस्टीमेटेड कॉस्ट करीब 475 करोड़ रुपये है. इसके अतिरिक्त नेपाल के इलाके में कुल 58 कटाव निरोधक योजनाओं को मंजूरी दी गयी है. इन पर करीब 86 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है. जल संसाधन विभाग के अंतर्गत बाढ़ संबंधी कामकाज देख रहे सभी मुख्य अभियंताओं ने राज्य में विभिन्न नदियों पर प्रस्तावित कटाव निरोधक कार्यों को बिहार राज्य तकनीकी सलाहकार समिति के समक्ष प्रस्तुत किया. इन योजनाओं की समीक्षा बिहार राज्य तकनीकी सलाहकार समिति, गंडक उच्च स्तरीय समिति और कोसी उच्च स्तरीय समिति द्वारा की गयी. राशि की उपलब्धता और काम की प्राथमिकता के आधार पर इन योजनाओं को योजना समीक्षा समिति की दो दिसंबर से छह दिसंबर और 20 दिसंबर, 2024 को हुई बैठकों में अनुशंसा दी गयी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










