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पटना नहीं, कोलकाता में क्यों कराई पत्नी राजश्री की डिलीवरी? तेजस्वी यादव ने बताई असली वजह

Updated at : 24 Jun 2025 10:15 AM (IST)
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tejashwi yadav news| Why did Tejashwi Yadav get his wife Rajshri delivered in Kolkata? Told the reason

Tejashwi yadav news

Tejashwi Yadav: तेजस्वी यादव के कोलकाता में बेटे के जन्म को लेकर उठे सवालों पर अब खुद उन्होंने सफाई दी है. पूर्व डिप्टी सीएम ने बताया कि पत्नी राजश्री यादव की डिलीवरी अस्पताल के कारण नहीं, बल्कि पारिवारिक देखभाल और सुविधा को ध्यान में रखकर कोलकाता में कराई गई.

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Tejashwi Yadav: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव हाल ही में दूसरी बार पिता बने हैं. उनकी पत्नी राजश्री यादव ने 27 मई को कोलकाता के एक निजी अस्पताल में बेटे को जन्म दिया. इस खबर के सामने आने के बाद लोगों के बीच यह सवाल उठने लगा कि तेजस्वी ने पटना के बड़े और बेहतर अस्पतालों की बजाय कोलकाता को क्यों चुना?

पूरे 9 महीने कोलकाता में रहीं राजश्री

अब तेजस्वी यादव ने खुद इस सवाल पर चुप्पी तोड़ी है. एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने स्पष्ट किया कि कोलकाता का चुनाव अस्पताल की वजह से नहीं, बल्कि पारिवारिक सुविधा और देखरेख के कारण किया गया था. उन्होंने बताया कि राजश्री प्रेग्नेंसी के दौरान पूरे 9 महीने कोलकाता में ही रहीं, क्योंकि वहां उनके साले रहते हैं, जो उनकी देखभाल कर सकते थे.

24 घंटे देखरेख की थी ज़रूरत, घर में सभी रहते हैं व्यस्त

तेजस्वी ने यह भी कहा कि वह खुद बेहद व्यस्त रहते हैं और उनके माता-पिता-राबड़ी देवी और लालू यादव भी अपने कामों में लगे रहते हैं. ऐसे में 24 घंटे देखरेख की ज़रूरत थी, जो कोलकाता में रहकर संभव हो पाया. साथ ही उन्होंने कहा कि पटना में राजश्री के लिए घूमना-टहलना आसान नहीं था, जबकि कोलकाता में वह इस दौरान खुलकर जीवन जी सकीं.

सोशल मीडिया पर दी थी जानकारी

तेजस्वी यादव ने बेटे के जन्म की जानकारी सोशल मीडिया पर दी थी, जिसे लेकर उन्हें देशभर से बधाइयां मिलीं. वहीं लालू प्रसाद यादव ने अपने पोते का नाम ‘इराज’ रखा, जिसका अर्थ है भगवान हनुमान. उन्होंने कहा कि चूंकि उनका पोता मंगलवार को जन्मा, जो हनुमान जी का दिन होता है, इसलिए संस्कृत से प्रेरित यह नाम रखा गया.

तेजस्वी यादव के इस पारिवारिक फैसले पर उठे सवालों का यह जवाब उनके स्पष्ट और व्यावहारिक सोच को दर्शाता है, जिसमें परिवार की देखभाल और सहजता को प्राथमिकता दी गई.

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Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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