NEET छात्रा मौत केस: पीसी में SDPO अनु भी बोलीं, लेकिन आत्महत्या बताने वाले ASP अभिनव क्यों रहे पूरी तरह खामोश?

पीसी के दौरान पटना पुलिस के अधिकारी, सर्कल में एएसपी अभिनव
Patna NEET Student Death Case: NEET छात्रा मौत केस में सबसे पहला बयान देने वाले सदर ASP अभिनव एक बार फिर चर्चा में हैं. ओवरडोज और आत्महत्या की बात कहकर सवालों में आए अभिनव, अब पुलिस की अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुप कराए गए. जिससे जांच की पारदर्शिता पर नए सवाल खड़े हो रहे हैं.
Patna NEET Student Death Case: (ग्राउंड जीरो से राजकमल) NEET छात्रा की मौत के मामले पर बुधवार को पटना पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई. इस PC में पुलिस अधिकारियों ने अब तक की जांच की सभी जानकारियां शेयर की. करीब 15 मिनट तक चली इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस ने अपना पक्ष रखा. हालांकि, सभी अधिकारी पत्रकारों के सवालों से बचते नजर आए. इस पीसी में एएसपी अभिनव को बोलने का मौका नहीं दिया गया. यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है.
पहले बयान पर उठे थे सवाल
इस मामले पर सबसे पहला बयान पटना सदर एएसपी अभिनव का आया था. उन्होंने कहा था कि छात्रा की मौत नशे की ओवरडोज दवा लेने की वजह से हुई है. उन्होंने इसे आत्महत्या करार दिया था. इस बयान के बाद लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला.
आक्रोश और मीडिया से बचते दिखे अधिकारी
अभिनव के बयान के बाद कई सवाल खड़े किए गए. आक्रोशित लोगों ने पुलिस की जांच पर संदेह जताया. एक मौके पर एएसपी अभिनव मीडिया से बचते हुए भागते भी नजर आए थे. यह तस्वीरें और वीडियो भी चर्चा में आए थे.
PC में क्यों नहीं बोले एएसपी अभिनव?
बुधवार को पटना SSP कार्यालय में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में SIT टीम के लगभग सभी सदस्यों ने अपनी बात रखी. इसमें ASP से नीचे पद के अधिकारी भी बोले. लेकिन जिस अधिकारी ने सबसे पहले बयान दिया था, यानी एएसपी अभिनव, उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया गया.
सवाल शुरू होते ही “नो कमेंट्स”
इस पीसी में जैसे ही पत्रकारों ने सवाल पूछने शुरू किए, SSP कार्तिकेय शर्मा ने “नो कमेंट्स” कह दिया. इसके बाद सभी अधिकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस छोड़कर बाहर निकल गए. बाहर भी जब मीडिया ने सवाल करना चाहा, तो अधिकारी तेजी से अपनी-अपनी गाड़ियों में बैठकर निकल गए. इस रवैये को लेकर पत्रकारों और आम लोगों के बीच नाराजगी देखी गई.
कई सवाल, जवाब अभी बाकी
अब सवाल उठ रहा है कि एएसपी अभिनव को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलने से क्यों रोका गया? क्या यह उनके पुराने बयान से जुड़ा मामला है या कोई और वजह है? यह बात फिलहाल साफ नहीं है. इसी वजह से यह मामला अब और ज्यादा चर्चा में आ गया है.
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By Abhinandan Pandey
अभिनंदन पांडेय डिजिटल माध्यम में पिछले 2 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर तक का मुकाम तय किए हैं. अभी डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास करते हैं. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखते हैं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.
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