संवाददाता, पटना पटना वीमेंस कॉलेज के आइक्यूएसी सेल की ओर से सोमवार को कार्मेल हॉल में एनएएसी सुधार 2024 – बाइनरी मान्यता पर दो दिवसीय रूसा प्रायोजित राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि, बिहार राज्य उच्च शिक्षा परिषद (बीएसएचइसी) के उपाध्यक्ष प्रो कामेश्वर झा के संबोधन से हुई, जिन्होंने सभी कॉलेजों के लिए नैक मान्यता के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने ए के उच्चतम नैक ग्रेड को प्राप्त करने में पटना वीमेंस कॉलेज के समर्पित प्रयासों की सराहना की और अन्य संस्थानों को अपने भविष्य के मान्यता प्रयासों में इस सफलता का अनुकरण करने के लिए प्रोत्साहित किया. बीएसएचइसी की उप सचिव और सम्मानित अतिथि डॉ अर्चना कुमारी ने नैक मान्यता प्राप्त करने और उच्च शिक्षा संस्थानों (एचइआइ) द्वारा की गयी गुणवत्ता पहल को बढ़ावा देने में कॉलेजों का समर्थन करने के लिए परिषद की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला. पटना वीमेंस कॉलेज की प्राचार्या डॉ सिस्टर एम रश्मि एसी ने प्रतिभागियों का गर्मजोशी से स्वागत किया और नैक मान्यता प्रक्रिया में आगे बढ़ने वाले कॉलेजों को समर्थन की पेशकश की. रिसोर्स पर्सन कॉलेज में आइक्यूएसी की समन्वयक डॉ अमृता चौधरी, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहयोग और परामर्श सेवा (एनआइसीसीएस) के डीन और आइक्यूएसी के सहायक समन्वयक आलोक जॉन ने नये नैक की 10 विशेषताओं पर गहन चर्चा की. ढांचा, जिसमें विशिष्ट मीट्रिक आवश्यकताएं और डेटा के प्रकार और आवश्यक साक्ष्य शामिल हैं. सम्मेलन में प्राचार्य, आइक्यूएसी समन्वयकों और संकाय सदस्यों सहित 75 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जो मजबूत मान्यता प्रक्रियाओं के माध्यम से उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध थे.
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