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विकसित भारत 2047 के लिए एआइ पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू

Updated at : 09 Oct 2025 7:14 PM (IST)
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विकसित भारत 2047 के लिए एआइ पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू

उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) और डेटा साइंस की परिवर्तनकारी भूमिका पर अकादमिक संवाद, अंतर्विषयक सहयोग और अभिनव सोच को बढ़ावा देना है

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संवाददाता, पटना

पटना वीमेंस कॉलेज (स्वायत्त) में एआइसीटीइ-वाणी(वीएएएनआइ) प्रायोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन एआइ और डेटा साइंस : विकसित भारत 2047 के उत्प्रेरक की शुरुआत की गयी. इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) और डेटा साइंस की परिवर्तनकारी भूमिका पर अकादमिक संवाद, अंतर्विषयक सहयोग और अभिनव सोच को बढ़ावा देना है, ताकि भारत के विकास लक्ष्य 2047 को प्राप्त किया जा सके. उद्घाटन सत्र की शुरुआत प्रार्थना गीत के साथ हुई. कार्यक्रम में सी-डैक पटना के साइंटिस्ट जी और निदेशक अभिनव दीक्षित मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. कॉलेज की प्राचार्या डॉ सिस्टर एम रश्मि एसी ने डिजिटल इंडिया और विकसित भारत @2047 के व्यापक ढांचे के भीतर सम्मेलन के विषय को प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने नवाचार, समावेशन और स्वदेशी तकनीकी विकास पर विशेष जोर दिया. सम्मेलन की संयोजिका आइटी संकाय की डीन और कंप्यूटर एप्लीकेशन्स (एमसीए) विभाग की अध्यक्ष डॉ भावना सिन्हा ने नैतिक एआइ पद्धतियों और एआइसीटीइ-वाणी(वीएएएनआइ) पहल के तहत क्षेत्रीय भाषाओं में शोध को बढ़ावा देने के महत्व पर प्रकाश डाला.

मुख्य अतिथि अभिनव दीक्षित ने राष्ट्रीय मिशनों, क्षमता निर्माण और स्वदेशी नवाचार के माध्यम से एआइ और डेटा साइंस को आगे बढ़ाने में सी-डैक की महत्वपूर्ण भूमिका पर बात की उन्होंने एआइ संचालित विकास में वैश्विक नेता बनने के भारत के दृष्टिकोण का समर्थन करने के लिए एक सुरक्षित और सुदृढ़ डिजिटल बुनियादी ढांचे के निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया.

इस अवसर पर सम्मेलन की स्मारिका (एब्सट्रैक्ट) का विमोचन किया गया, जिसमें विभिन्न विषयों पर 75 शोध पत्रों के सार शामिल हैं. इन शोध पत्रों को अगले तीन दिनों के दौरान प्रस्तुत किया जायेगा. सह-संयोजिका मनीषा प्रसाद ने धन्यवाद ज्ञापन किया.

विभिन्न सत्र का हुआ आयोजन

पहले सत्र में सी-डैक पटना के डॉ कुणाल अभिषेक ने एआइ के लिए साइबर सुरक्षा विषय पर बात की, जिसमें उन्होंने एआइ प्रणालियों की सुरक्षा के लिए मजबूत सुरक्षा ढांचों की तात्कालिक आवश्यकता को रेखांकित किया. दूसरे पूर्ण सत्र में, स्मार्ट वे इलेक्ट्रॉनिक्स के संस्थापक और सीइओ, डॉ बिभूति बिक्रमादित्य ने भारत के लिए एआइ और आइओटी विषय पर बोलते हुए सार्वजनिक उपयोगिता वितरण, अवसंरचना प्रबंधन और सतत विकास में एआइ और आइओटी के एकीकरण पर विस्तार से बताया. समापन समानांतर तकनीकी सत्रों के साथ हुआ, जहां शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों ने एआइ के उभरते रुझानों, अनुप्रयोगों और चुनौतियों पर शोध पत्र प्रस्तुत किया. उद्घाटन सत्र का संचालन एआइ और मशीन लर्निंग (एआइएमएल) विभाग की अध्यक्ष पूनम ए लाकरा ने किया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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By JUHI SMITA

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