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बिहार में बैंकिंग और डिजिटल लेनदेन से जुड़े 5 बड़े बदलाव, जिससे सीधे आपकी जेब पर पड़ेगा असर

Updated at : 01 Apr 2025 10:13 AM (IST)
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new financial year rule| These 5 big changes are happening in the rules related to banking and digital transactions in Bihar in the new financial year,

सांकेतिक तस्वीर

New Financial Year Rule: 1 अप्रैल 2025 से नया वित्तीय वर्ष 2025-26 शुरू हो गया है, और इसके साथ ही कई महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव किए गए हैं. ये बदलाव बिहार के करदाताओं, व्यापारियों और आम जनता के लिए खास मायने रखते हैं.

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New Financial Year Rule: 1 अप्रैल 2025 से नया वित्तीय वर्ष 2025-26 शुरू हो गया है, और इसके साथ ही बिहार में कई महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव किए गए हैं. ये बदलाव करदाताओं, व्यापारियों और आम जनता को प्रभावित करेंगे. आइए जानते हैं कि इस नए वित्तीय वर्ष में कौन-कौन से प्रमुख परिवर्तन हुए हैं और इनका क्या प्रभाव पड़ेगा.

आयकर स्लैब में बड़ा बदलाव

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2024 में करदाताओं को बड़ी राहत देते हुए वार्षिक 12 लाख रुपये तक की आय को कर मुक्त करने की घोषणा की थी. 1 अप्रैल से यह नियम प्रभावी हो गया है. वेतनभोगी कर्मचारियों को 12 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा. इसके अतिरिक्त, 75,000 रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन भी लागू होगा. यानी अब 12,75,000 रुपये तक की आय टैक्स फ्री होगी.

रेंटल और कमर्शियल प्रॉपर्टी से जुड़े नए नियम

पहले कमर्शियल बिल्डिंग से 2.40 लाख रुपये तक की आय पर टीडीएस कटता था, जिसे अब बढ़ाकर 6 लाख रुपये कर दिया गया है. कमर्शियल रेंटल प्रॉपर्टी पर अब 18% जीएसटी लगेगा, जिससे बड़े शॉपिंग मॉल और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के किराए में वृद्धि हो सकती है.

UPI लेनदेन के लिए नया नियम

1 अप्रैल से उन यूपीआई अकाउंट्स को बंद कर दिया जाएगा, जिनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर लंबे समय से सक्रिय नहीं हैं. यह कदम डिजिटल लेनदेन को सुरक्षित बनाने के लिए उठाया गया है.

बैंक और क्रेडिट कार्ड नियमों में बदलाव

  • क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड्स में कटौती: एसबीआई और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाले रिवॉर्ड और ऑफर्स में बदलाव किए हैं.
  • बैंक खातों में न्यूनतम बैलेंस की अनिवार्यता: पंजाब नेशनल बैंक, एसबीआई और अन्य बैंकों ने सेविंग अकाउंट में न्यूनतम बैलेंस नहीं रखने पर जुर्माना लगाने का निर्णय लिया है.
  • एटीएम ट्रांजेक्शन लिमिट: अब हर महीने केवल तीन बार मुफ्त एटीएम ट्रांजेक्शन की सुविधा मिलेगी, इसके बाद अतिरिक्त ट्रांजेक्शन पर शुल्क देना होगा.

विशेषज्ञों की राय

वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि इस साल के बजट में सबसे ज्यादा लाभ मध्यम और उच्च वर्ग के करदाताओं को मिला है. इनकम टैक्स की सीमा 7.5 लाख से बढ़ाकर 12 लाख रुपये करना एक ऐतिहासिक फैसला है. इसके अलावा, व्यापारियों को रेंटल टैक्स में छूट मिलने से बड़ा फायदा होगा.

सरकार के नए नियमों का प्रभाव

ये नए बदलाव करदाताओं, व्यापारियों और आम जनता के लिए आर्थिक रूप से राहत देने वाले साबित हो सकते हैं. सरकार का मुख्य उद्देश्य टैक्स व्यवस्था को सरल बनाना, डिजिटल लेनदेन को सुरक्षित करना और बैंकिंग नियमों को पारदर्शी बनाना है. आने वाले समय में इन नियमों का बाजार और आम लोगों पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह देखना दिलचस्प होगा.

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Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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