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बिहार पुलिस का 'दबंग चेहरा', जिसके एक्शन से थर्राते हैं अपराधी! जानिए कौन हैं पटना के नए सिटी SP भानु प्रताप सिंह

Updated at : 16 Jun 2025 1:07 PM (IST)
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ips bhanu pratap singh| success story of dabang ips bhanu pratap singh

IPS भानु प्रताप सिंह की तस्वीर

IPS Bhanu Pratap Singh: 2021 बैच के आईपीएस भानु प्रताप सिंह अपनी दबंग छवि, तेज तर्रार कार्यशैली और बेखौफ फैसलों की वजह से चर्चा में रहते हैं. अपराधियों में उनका नाम खौफ तो जनता में भरोसे का प्रतीक बन चुका है. कम वक्त में ही उन्होंने खुद को एक 'लाठीचार्ज एक्सपर्ट' और ज़मीनी स्तर पर असरदार अधिकारी के रूप में स्थापित कर लिया है.

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IPS Bhanu Pratap Singh: बिहार कैडर के 2021 बैच के युवा आईपीएस अधिकारी भानु प्रताप सिंह इन दिनों अपने कड़क तेवर और दबंग कार्यशैली को लेकर चर्चा में हैं. उन्हें पटना का सिटी एसपी बनाया गया है. दाहिना हाथ जेब में डाले जब वे सड़क पर निकलते हैं, तो अपराधी रास्ता बदल लेते हैं. ‘लाठीचार्ज एक्सपर्ट’ और ‘दबंग अफसर’ जैसे उपनामों से चर्चित भानु प्रताप की छवि अब जनता के बीच ‘फिल्मी सिंघम’ जैसी बनती जा रही है.

तीन बार पास की UPSC परीक्षा

भानु प्रताप मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सीकरी के रहने वाले हैं और उन्होंने 2018 से 2020 तक लगातार तीन बार UPSC परीक्षा पास की. हिंदी साहित्य को वैकल्पिक विषय चुनकर उन्होंने यूपी पीसीएस और सिविल सेवा दोनों में सफलता हासिल की. उनके पास हिंदी साहित्य में मास्टर्स की डिग्री भी है.

ट्रेनिंग के बाद मुजफ्फरपुर में बने थे टाउन एएसपी

आईपीएस बनने के बाद नालंदा में प्रशिक्षण से करियर की शुरुआत करने वाले भानु प्रताप सिंह की पहली बड़ी पोस्टिंग मुजफ्फरपुर में टाउन एएसपी के रूप में हुई. वहां उन्होंने सड़कों पर नेतागिरी नहीं चलने देने की सख्त चेतावनी दी थी, जो वायरल वीडियो के जरिए सुर्खियों में आई. उनकी साफ और कठोर भाषा के पीछे एक स्पष्ट संदेश था- अपराध और राजनीति की सांठगांठ को किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

रीतलाल यादव के भाई पर कसा था शिकंजा

इसके बाद दानापुर में एएसपी रहते हुए उन्होंने कई बड़े एक्शन किए. दिसंबर 2024 में बाहुबली विधायक रीतलाल यादव के भाई पिंकू यादव को आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर करना ऐसा ही एक दुर्लभ और साहसी कदम था. राजनीतिक दबाव के बावजूद कार्रवाई करना, उनकी निडरता और कर्तव्यनिष्ठा का परिचायक है.

प्रशांत किशोर का अनशन करवाया था समाप्त

भानु प्रताप ने कुख्यात कालिया गैंग के गुर्गों की गिरफ्तारी कर भारी मात्रा में हथियार बरामद किए. ये कार्रवाई पुलिस महकमे में सराहना का विषय बनी. साथ ही, जनसुरक्षा से जुड़ा एक संवेदनशील मोर्चा तब भी संभाला जब उन्होंने रणनीतिक संयम से प्रशांत किशोर का अनशन समाप्त करवाया.

अपराधियों में बना रहता है खौफ

अपने छोटे से कार्यकाल में ही भानु प्रताप सिंह ने जो पहचान बनाई है, वह उन्हें आम आईपीएस अधिकारियों की कतार से अलग करती है. वह केवल वर्दीधारी अफसर नहीं, बल्कि कानून का वह चेहरा हैं जो जनता में भरोसा और अपराधियों में खौफ पैदा करता है.

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Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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