केंद्र से अनुरोध : बेलगाम सोशल मीडिया और साइबर क्राइम रोकें

Author : Pritish Sahay Published by : Prabhat Khabar Updated At : 03 Mar 2020 8:08 AM

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राज्य सरकार ने बेलगाम सोशल मीडिया और साइबर अपराध को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार से कड़े कदम उठाने का अनुरोध किया है. इस संबंध में राज्य सरकार ने गृह मंत्रालय को लिखित प्रस्ताव भेजा है.

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पटना : राज्य सरकार ने बेलगाम सोशल मीडिया और साइबर अपराध को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार से कड़े कदम उठाने का अनुरोध किया है. इस संबंध में राज्य सरकार ने गृह मंत्रालय को लिखित प्रस्ताव भेजा है. सोमवार को विधान परिषद में प्रभारी मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार की जिम्मेदार एजेंसी आर्थिक अपराध इकाई ने एक प्रस्ताव केंद्रीय गृह मंत्रालय की विभिन्न एजेंसियों को भेजा है.

वर्तमान में इनसे जुड़े कानून नाकाफी साबित हो रहे हैं. राज्य सरकार की तरफ से इस मामले में समाधान के लिए पिछले महीने फरवरी में प्रस्ताव भेजा गया है. भाजपा के रजनीश कुमार की तरफ से पेश किये गये एक गैर सरकारी संकल्प का उत्तर देते हुए यह जानकारी दी. रजनीश कुमार ने परिषद से आग्रह किया था कि सोशल मीडिया गैर जवाबदेह और अफवाहों का जरिया बन गया है. इसे रोक लगाने एक नया कानून बनाने के लिए केंद्र को प्रस्ताव पारित कर भेजने का अाग्रह किया था.

मदरसों एवं संस्कृत शिक्षकों को मिलेगी तवज्जो : शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन वर्मा ने कहा कि मदरसा और संस्कृत शिक्षकों के लिए सरकार बेहतर सोच रही है. प्रो संजय कुमार सिंह की तरफ से पेश संकल्प कि राज्य के मदरसा और संस्कृत शिक्षकों को भी सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों की भांति समरूप वेतन और भत्ते दिये जायें, पर कहा कि फिलहाल सरकार के समक्ष ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है.

शिक्षा मंत्री ने डॉ संजीव कुमार के एक संकल्प के जवाब में कहा कि 2007 में नियुक्त शिक्षकों के मामले की समीक्षा मामले में पहले से समिति बनी है. वह काम करेगी. परिवहन मंत्री संतोष निराला ने कहा कि जहानाबाद कल्पा किनारी पथ में उंटा रेलवे क्रॉसिंग पर ओवर ब्रिज बनाने के लिए रेल मंत्रालय से अनुरोध किया जायेगा. इस मामले में गैर सरकारी संकल्प राधा मोहन शर्मा ने पेश किया था. जदयू के रामवचन राय ने कहा कि राज्य में सभी भाषा अकादमियां किराये के भवनों में चल रहीं हैं.

इन्हें एक छत के नीचे लाया जाये. मंत्री वर्मा ने जवाब दिया कि एक भी एजेंसी किराये के भवन में नहीं चलती. राय ने फिर सवाल किया ऐसा है तो बताएं कि कहां कहां चल रहीं हैं? मंत्री वर्मा ताड़ गये कि सवाल रुकने वाले नहीं हैं तो उन्होंने कहा कि राय ने इससे पहले इस मामले में कभी ध्यान नहीं खींचा. उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि बिहार भाषा आकादमी और विभाग की दूसरी जमीनों का इस्तेमाल ठीक से किया जाना चाहिए.

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प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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