School Closed: पहाड़ों पर बर्फबारी का असर, बर्फीली हवाओं से ठिठुरा पूरा बिहार, 26 दिसंबर तक सभी स्कूल बंद

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 23 Dec 2025 5:38 PM

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बिहार स्कूल बंद (सांकेतिक फोटो)

School Closed: बिहार में इस समय कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन को पूरी तरह जकड़ लिया है. ठंडी पछुआ हवा, लगातार धूप की कमी और घने कोहरे के कारण हालात दिन-ब-दिन और गंभीर होते जा रहे हैं. मंगलवार को पटना इस सर्द मौसम का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया. सुबह 6 बजे तक राजधानी में रात जैसी स्थिति बनी रही और 8 बजे के बाद लोगों को सुबह होने का एहसास हुआ.

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School Closed: पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बर्फबारी का सीधा असर अब उत्तर भारत के मैदानी राज्यों पर पूरी तरह दिखने लगा है. उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड समेत आसपास के इलाकों में बर्फीली और तेज ठंडी हवाओं के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है. हालात की गंभीरता को देखते हुए बिहार सरकार ने ठंड से बच्चों को बचाने के उद्देश्य से आठवीं कक्षा तक के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों को 26 दिसंबर तक बंद रखने का आदेश जारी किया है.

बनी हुई है कोल्ड-डे की स्थिति

राजधानी पटना सहित पूरे बिहार में शीत दिवस यानी कोल्ड-डे की स्थिति बनी हुई है. पहाड़ों पर लगातार बर्फबारी के कारण उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में सर्द हवाएं तेजी से बह रही हैं. इन हवाओं में नमी होने के कारण हाड़ कंपा देने वाली ठंड महसूस हो रही है. लोग इसे हर का पानी वाली ठंड बता रहे हैं, जिसमें शरीर के अंदर तक ठिठुरन महसूस हो रही है. बिहार के लगभग सभी जिले इस भयंकर ठंड की चपेट में हैं. दिन और रात के तापमान में ज्यादा अंतर नहीं रहने से पूरे दिन कंपकंपी बनी हुई है और लोगों को धूप न निकलने के कारण कोई राहत नहीं मिल पा रही है.

बीते 24 घंटों के दौरान गया में न्यूनतम तापमान गिरकर 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि इससे पहले तापमान 4 डिग्री तक पहुंचने की रिपोर्ट ने ठंड की तीव्रता का अंदाजा पहले ही दे दिया था. राजगीर, जहानाबाद, जमुई, नालंदा, शेखपुरा समेत कई जिलों में भीषण ठंड का प्रकोप जारी है. दिन और रात के तापमान में बहुत अधिक अंतर नहीं होने के कारण लोगों को पूरे दिन कनकनी का एहसास हो रहा है.

आग तापते लोग

23 दिसंबर को ऐसा रहा मौसम

पटना, गया और भागलपुर समेत कई जिलों में घना कोहरा छाया रहा. गया में न्यूनतम दृश्यता मात्र 50 मीटर दर्ज की गई. पटना, गया, राजगीर, जहानाबाद, जमुई, नालंदा, शेखपुरा, भागलपुर, खगड़िया, बेगूसराय, मधेपुरा, किशनगंज और आसपास के जिलों में घना कोहरा लगातार बना हुआ है. कई जगहों पर विजिबिलिटी 10 से 50 मीटर के बीच दर्ज की गई है. मंगलवार की सुबह राजधानी पटना में सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और लोग बेहद जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलते नजर आए.

ठंड का असर कहां कहां दिख रहा

ठंड और घने कोहरे का सीधा असर रेल और हवाई यातायात पर भी पड़ा है. कई ट्रेनें घंटों की देरी से चल रही हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. राजधानी और एक्सप्रेस ट्रेनों की रफ्तार भी कम हो गई है. पटना एयरपोर्ट पर भी दर्जनों उड़ानों में देरी दर्ज की गई है. यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा और हवाई सेवाएं भी प्रभावित रहीं.

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कोल्ड-डे की चेतावनी

मौसम विभाग ने 27 दिसंबर तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में घना कोहरा और शीत दिवस की चेतावनी जारी की है. विभाग ने लोगों को सुबह और रात के समय यात्रा से बचने, गर्म कपड़े पहनने तथा बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है. चिकित्सकों ने भी ठंड से होने वाली बीमारियों, खासकर सर्दी, खांसी और सांस से जुड़ी समस्याओं को लेकर सतर्क रहने की अपील की है.

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वायुमंडल के ऊपरी हिस्से में करीब 15 किलोमीटर की ऊंचाई पर सक्रिय जेट स्ट्रीम के कारण पहाड़ों की ठंडी हवा सीधे मैदानी इलाकों तक पहुंच रही है. इसी वजह से बिहार समेत पूरे उत्तर भारत में लगातार कोल्ड-डे की स्थिति बनी हुई है. आने वाले कुछ दिनों तक घना कोहरा और ठंडी बर्फीली हवाओं का असर जारी रहने की संभावना जताई गई है.

पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का असर बिहार में पूरी तरह दिखाई दे रहा है. बर्फीली हवाओं, घने कोहरे और कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को मानो ठहर सा दिया है. सड़कों से लेकर बाजार और परिवहन व्यवस्था तक सब कुछ इस भीषण ठंड से प्रभावित है. मौसम विभाग की चेतावनी के बीच फिलहाल लोगों को अभी कुछ और दिन इस कड़ाके की ठंड का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा.

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Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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