नाम के समाजवादी नेताओं ने डुबोई RJD की लंका, विधायक भाई वीरेंद्र का बड़ा हमला
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 24 Jan 2026 2:50 PM
RJD विधायक भाई वीरेंद्र
Bihar News: बिहार विधानसभा चुनाव में हार के बाद राष्ट्रीय जनता दल के भीतर का असंतोष सामने आ गया है. वरिष्ठ विधायक भाई वीरेंद्र टिकट बंटवारे, संगठन की कमजोरी और नेतृत्व के फैसलों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. इस पर भाजपा ने तेजस्वी यादव पर हमला किया है.
Bihar News: बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के अंदर के झगड़े अब सड़कों पर आ गई है. पार्टी के कद्दावर नेता और विधायक भाई वीरेंद्र के हालिया बयान ने संगठन के भीतर सुलग रही चिंगारी को हवा दे दी है. उन्होंने नेतृत्व पर सीधा हमला करते हुए आरोप लगाया कि चुनाव में टिकटों का गलत वितरण ही हार का मुख्य कारण बना. उन्होंने कहा कि पार्टी ने अपने वफादार और स्थानीय मजबूत चेहरों को दरकिनार कर बाहरी उम्मीदवारों पर भरोसा जताया.
भाई विरेंद्र ने जताई नाराजगी
भाई वीरेंद्र की नाराजगी दिनारा विधानसभा सीट के उम्मीदवार चयन पर रही. उन्होंने सवाल उठाया कि जब एक यादव प्रत्याशी को ही मैदान में उतारना था, तो सिटिंग विधायक विजय मंडल का टिकट क्यों काटा गया? उन्होंने विजय मंडल का पक्ष लेते हुए कहा कि वे एक सक्षम और अनुभवी नेता थे, फिर भी उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया. विधायक ने यह खुलासा भी किया कि उन्होंने शीर्ष नेतृत्व के सामने विजय मंडल की पैरवी की थी, लेकिन उनकी बात को अनसुना कर दिया गया.
कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ा
भाई वीरेंद्र ने कहा कि राजद में कुछ नेता केवल नाम के समाजवादी रह गए हैं. ये एक साथ कई जिलों की राजनीति को नियंत्रित करने की कोशिश करते हैं. ऐसे नेताओं की सिफारिशों पर टिकट बांटने की परंपरा ने समर्पित कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ा है. उन्होंने संगठन की रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब तक जमीनी हकीकत को नजरअंदाज कर चंद नेताओं के इशारे पर फैसले लिए जाएंगे, तब तक पार्टी का प्रदर्शन नहीं सुधर सकता.
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बीजेपी ने तेजस्वी पर साधा निशाना
भाई वीरेंद्र के इस बयान ने सत्ताधारी भाजपा को बैठे-बिठाए एक बड़ा मुद्दा थमा दिया है. भाजपा प्रवक्ता नीरज कुमार ने भाई वीरेंद्र के बहाने तेजस्वी यादव पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव अक्सर अपनी हार का ठीकरा ईवीएम या चुनाव आयोग पर फोड़ते हैं, लेकिन अब उनके अपने ही विधायक सच्चाई बयां कर रहे हैं. भाजपा का तर्क है कि राजद के भीतर की यह कलह साबित करती है कि पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों के बजाय कुछ खास लोगों की पसंद-नापसंद पर चल रही है. विपक्षी दल अब इस मुद्दे को तेजस्वी यादव की नेतृत्व क्षमता पर सवाल के रूप में पेश कर रहे हैं.
मौजूदा स्थिति तेजस्वी यादव के लिए एक बड़ी राजनीतिक चुनौती बन गई है. एक तरफ उन्हें परिवार और पार्टी को एकजुट रखना है, तो दूसरी तरफ अनुभवी नेताओं के असंतोष को शांत करना है. भाई वीरेंद्र का यह बयान महज एक व्यक्ति की नाराजगी नहीं, बल्कि पार्टी के कार्यकर्ताओं के एक बड़े वर्ग की भावना भी हो सकती है.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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