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स्कूली वाहनों के सुरक्षा मानकों की नियमित जांच जरूरी

Updated at : 27 Apr 2025 1:11 AM (IST)
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स्कूली वाहनों के सुरक्षा मानकों की नियमित जांच जरूरी

पटना प्रमंडल के आयुक्त मयंक वरवड़े ने परिवहन विभाग की पटना प्रमंडल में प्रगति की समीक्षा की.

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संवाददाता, पटना

पटना प्रमंडल के आयुक्त मयंक वरवड़े ने परिवहन विभाग की पटना प्रमंडल में प्रगति की समीक्षा की. उन्होंने सभी छह जिलों के डीटीओ को जिला सड़क सुरक्षा समिति व बाल परिवहन समिति की नियमित तौर पर बैठक आयोजित कराने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि बच्चों सहित लोगों की सुरक्षा से कोई भी खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्कूली वाहनों में मानकों का अनुपालन जरूरी होना चाहिए. इसके लिए वाहनों की नियमित जांच होनी चाहिए. आयुक्त ने स्कूल प्रबंधनों से स्कूलों में बाल परिवहन समिति की नियमित बैठक कराने व स्कूली बच्चों की सुरक्षित परिवहन व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना, मुख्यमंत्री प्रखंड परिवहन योजना, जिला सड़क सुरक्षा एवं बाल परिवहन समिति की बैठकों का आयोजन, नए वाहनों का निबंधन, परमिट, पेट्रोल पंपों का नवीनीकरण एवं मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता, मोटर ट्रेनिंग स्कूल,ग्रामीण क्षेत्रों में बस स्टॉप का निर्माण आदि की अद्यतन स्थिति का जायजा लिया गया. बैठक में संयुक्त आयुक्त सह सचिव क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार, पटना प्रमंडल मनोज कुमार चौधरी ने रिपोर्ट प्रस्तुत की.

नियमों का उल्लंघन करनेवालों पर कार्रवाई होगी

आयुक्त ने सभी जिला परिवहन पदाधिकारी को अपने-अपने क्षेत्रों में विद्यालय वाहनों की नियमित तौर पर जांच करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध दंड सहित विधि-सम्मत कठोरतम कार्रवाई करें. बच्चों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि बिहार मोटरगाड़ी (संशोधन) नियमावली, 2020 में विद्यालय वाहन परिचालन से संबंधित दिशा निर्देश सभी विद्यालयों के प्रबंधकों व प्राचार्यों को उपलब्ध कराया गया है. विद्यालय प्रबंधन, वाहन चालकों, बस ऑपरेटर्स, की जिम्मेदारी है कि बच्चों की सुरक्षा हर हाल में हो. पटना में 856 स्कूलों में मात्र 195 स्कूलों में वाहनों की सुविधा होने पर इसे बढ़ाने की आवश्यकता बतायी.

ओवरलोडिंग व अवैध गाड़ियों के परिचालन के खिलाफ जांच अभियान चलाएं

आयुक्त ने ओवरलोडिंग व अवैध गाड़ियों के परिचालन के विरूद्ध स्पेशल ड्राइव चलाने व नियमों का उल्लंघन करनेवाले पर नियमानुसार दंड लगाने का निर्देश दिया. प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्रों की भी जांच होनी चाहिए. सभी प्रवर्तन अवर निरीक्षक, मोटरयान निरीक्षक व जिला परिवहन पदाधिकारी को राजस्व संग्रहण के निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध सक्रिय होकर उपलब्धि हासिल करने को कहा गया. इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. बस स्टॉप निर्माण में तेजी लाने को कहा गया. रोहतास में 47 बस स्टॉप के निर्माण का लक्ष्य पूरा हो गया है. पटना में 60 के विरुद्ध मात्र 19 बस स्टॉप बनने पर इसमें तेजी लाने के लिए कहा गया. भोजपुर में 44 के विरुद्ध 39, बक्सर में 44 के विरुद्ध 36, कैमूर में 33 के विरुद्ध 31, नालंदा में 51 के विरुद्ध 26 बस स्टॉप बने हैं.

स्कूली वाहनों में ये सुविधा होनी जरूरी- स्कूली वाहनों ऑन-स्कूल ड्यूटी लिखा होना चाहिए.-स्पीड गवर्नर,वीएलटीडी व पैनिक बटन लगाना अनिवार्य, अधिकतम गति सीमा 40 किमी रहे.

– सभी वाहनों में प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स की सुविधा.- वाहन में अग्निशामक यंत्र की व्यवस्था लगाना अनिवार्य होगा.

– रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप लगाना व जीपीएस युक्त होना जरूरी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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KUMAR PRABHAT

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KUMAR PRABHAT is a contributor at Prabhat Khabar.

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