हिंदी में पढ़ सकेंगे ब्रिटिश काल से लेकर हाल में बने कानून

Published by : Mithilesh kumar Updated At : 15 Apr 2025 10:03 PM

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हिंदी में पढ़ सकेंगे ब्रिटिश काल से लेकर हाल में बने कानून

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संवाददाता,पटना हिंदी में लिखित जमीन संबंधी कानून की जानकारी वाली किताब बिहार की भूमि विधियां की मंगलवार को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने विमोचन किया. अपने कार्यालय कक्ष में विमोचन समारोह में सचिव जय सिंह, किताब के लेखक राधा मोहन प्रसाद, विभाग के विशेष सचिव अरुण कुमार सिंह, संयुक्त सचिव अनिल कुमार पांडेय तथा आजीव वत्सराज उपस्थित थे. अपर मुख्य सचिव ने बताया कि ‘इस एक किताब से जमीन के कानून से संबंधित सभी अधिनियमों एवं नियमावली की जानकारी रैयतों को एक ही स्थान पर मिल सकेगी. हिंदी में उपलब्ध करायी जा रही यह पुस्तक सभी के लिए उपयोगी है. पुस्तक में विभाग के द्वारा समय-समय पर जारी की जाने वाली भूमि सुधार संबंधी नीतियों को भी समेकित किया गया है. इसमें बेतिया राज की संपत्तियों को निहित करने वाले अधिनियम, 2024 को भी जगह दी गयी है. उन्होंने कहा कि आजादी से पूर्व के सभी अधिनियम अंग्रेजी भाषा में थे, जिन्हें समझने में लोगों को परेशानी होती थी. इस पुस्तक में बिहार काश्तकारी अधिनियम, 1885, बंगाल एलुवियन एवं डिल्यूवियन विनियम, 1825; बंगाल एलुवियन एवं डिल्यूवियन एक्ट, 1847; बंगाल गंगबरार भूमि बन्दोबस्ती अधिनियम, 1858; बंगाल गंगबरार संशोधन अधिनियम, 1868; बिहार बकाश्त विवाद निपटारा अधिनियम, 1947 अधिनियम सभी का हिन्दी अनुवाद किया गया है. विभाग के सचिव जय सिंह ने कहा कि भूमि विधियों को विभिन्न कोटि के राजस्व न्यायालयों/प्राधिकारियों/ अधिवक्ताओं/ आम काश्तकारों/व्यक्तियों के लिए सर्व सुलभ बनाने के उद्देश्य से उन्हें समेकित रूप से एक साथ जिल्दबद्ध रूप में प्रकाशित किया गया है. इस किताब में जमींदारी उन्मूलन के पूर्व में अधिनियमित तथा वर्ष 1950 के बाद विभिन्न भूमि विषयों से संबंधित अधिनियमों, नियमावलियों, खास महाल नीति, रैयती भूमि लीज नीति को एक साथ संकलित किया गयाहै. ज्ञात हो कि भूमि विधियों के निर्माण का प्रारंभ ब्रिटिश शासन काल में भूमि को भू-सम्पदा स्वीकार करने के उपरांत हुआ. किताब में इन कानूनोंकी है जानकारी इस पुस्तक में बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बन्दोबस्त अधिनियम, 2011, बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बन्दोबस्त नियमावली, 2012 (संशोधन नियमावली, 2024 द्वारा यथासंशोधित), बिहार भूमि दाखिल खारिज अधिनियम, 2011, बिहार भूमि दाखिल-खारिज नियमावली, 2012 (संशोधन नियमावली, 2017), बिहार भूमि विवाद निराकरण अधिनियम, 2009 , बिहार भूमि विवाद निराकरण नियमावली की जानकारी दी गयी है. इसके अलावा बिहार भूमि न्यायाधिकरण नियमावली, 2010, बिहार कृषि भूमि (गैर-कृषि प्रयोजनों के लिए सम्परिवर्तन) अधिनियम, 2010 एवं बिहार कृषि भूमि (गैर कृषि प्रयोजनों के लिए सम्परिवर्तन) नियमावली, 2011 सहित कुल 47 भूमि सुधार संबंधित कानूनों को समाहित किया गया है. लेखक राधा मोहन प्रसाद ने कहा कि उल्लेखित अधिनियमों, नियमावलियों के प्रावधानों को अधिनियम से संबंधित वाद राजस्व न्यायालयों में दायर होने पर विद्वान अधिवक्ताओं द्वारा तथ्यों को सुस्पष्ट किया जाता रहा है. हिंदी में इस पुस्तक के प्रकाशन से सभी वर्ग के लोग जमीन संबंधित समस्या के समाधान इससे कर सकेंगे. बिहार की भूमि विधियों से संबंधित इस पुस्तक को प्रीतम लॉ हाउस प्राइवेट लिमिटेड, सालिमपुर अहरा, पटना द्वारा प्रकाशित किया गया है.

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