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पूर्णिया एयरपोर्ट: बिना मुआवजा दिये रैयतों की जमीन लेने पहुंची सरकार, किसानों ने खदेड़ा

Updated at : 11 Mar 2025 11:50 PM (IST)
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Purnia Airport

Purnia Airport

Purnia Airport: जबरन मक्का की फसल काटकर सड़क बनाने के लिए जमीन कब्जा करने पहुंची पुलिस को रैयतों ने लाठी डंडे से खदेड़ दिया है. इसके बाद पुलिस को भी बल का प्रयोग करना पड़ा. रैयतों का आरोप है कि उन्हें जमीन का मुआवजा दिये बिना सरकार उनकी जमीन पर कब्जा करना चाहती है.

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Purnia Airport : पटना. पूर्णिया में एयरपोर्ट के निर्माण को लेकर जमीन अधिग्रहण का मामला एक बार फिर चर्चा में है. जमीन के रैयतों को बिना जमीन का मुआवजा दिये जमीन कब्जा करने पहुंची सरकार को किसानों ने खदेड़ दिया है. जबरन मक्का की फसल काटकर सड़क बनाने के लिए जमीन कब्जा करने पहुंची पुलिस को रैयतों ने लाठी डंडे से खदेड़ दिया है. इसके बाद पुलिस को भी बल का प्रयोग करना पड़ा. रैयतों का आरोप है कि उन्हें जमीन का मुआवजा दिये बिना सरकार उनकी जमीन पर कब्जा करना चाहती है.

रैयतों का सरकार पर आरोप

जमीन अधिग्रहण मामले को लेकर पुलिस और रैयतों के बीच काफी देर तक हंगामा हुआ. रैयतों का आरोप है कि जमीन अधिग्रहण करने के बाद मुआवजा की राशि अब तक नहीं दी गई है और मक्के की फसल को काट दिया गया है. इसी बात का आक्रोश रैयतों में है. मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स कैंप कर रहे हैं. पुलिस बल और एसडीओ के नेतृत्व में मक्के कटाई के लिए फोर्स गई हुई है. मौके पर एसडीओ पार्थ गुप्ता ने बताया कि एयरपोर्ट निर्माण कार्य के लिए बाहर से संवेदक आ चुके हैं और स्थानीय लोगों से कई बार वार्ता हो चुकी है. उस आधार पर कार्य शुरू करवाने के लिए और संवेदक को सुरक्षा देने के लिए हम लोग यहां इकट्ठे हुए हैं.

मुआवजा नहीं मिलने से रैयतों में आक्रोश

मंगलवार को जब पत्रकारों ने घटना के संबंध में एसडीओ से जानकारी मांगी तो उन्होंने घटना के बाबत कुछ भी कहने से इनकार कर दिया, लेकिन तस्वीर बताती है कि सोमवार से ही रैयतों में काफी आक्रोश है. एसडीओ पार्थ गुप्ता ने बताया कि सभी जमीन के रैयतों का मुआवजा कोर्ट में जमा है. वे वहां से ले सकते हैं. वहीं एक महिला रैयत ने बताया कि उन्हें अब तक कोई मुआवजा नहीं मिला है और उनके मक्के की लगी फसल काट दी गई है. यही कारण है कि वे लोग इसका विरोध कर रहे हैं. महिला ने कहा कि हमारी जमीन भी सरकार ले रही है और उसका मुआवजा भी नहीं दे रही है.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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