बंटी यादव हत्याकांड: परिजनों से मिले प्रशांत किशोर, लापरवाह पुलिसकर्मियों पर एक्शन की मांग की

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परिजनों से मिले प्रशांत किशोर

परिजनों से मिले प्रशांत किशोर

Bunty Yadav Murder Case: बंटी यादव हत्याकांड में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर गुरुवार को पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे. उन्होंने नामजद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, लापरवाह पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की.

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Bunty Yadav Murder Case: बंटी यादव हत्याकांड को लेकर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर गुरुवार को पीड़ित परिवार से मिलने उनके घर पहुंचे. उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और मामले में जल्द न्याय दिलाने की मांग की. इस दौरान उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए.

'पुलिस ने कहा था दो दिन में बंटी मिल जाएगा'

प्रशांत किशोर ने कहा कि जब बंटी यादव का अपहरण हुआ था, तब वह भी धरना स्थल पर पहुंचे थे. उस समय पुलिस ने परिवार को भरोसा दिया था कि दो दिनों के भीतर बंटी को ढूंढ़ लिया जाएगा. लेकिन कुछ दिनों बाद उसकी हत्या की खबर सामने आई.

उन्होंने कहा कि परिवार ने पुलिस की बात पर भरोसा किया. लेकिन चार दिन बाद हमें यह सुनना पड़ा कि बंटी का शव बरामद हुआ है.

पीके बोले- आरोपियों की हो तुरंत गिरफ्तारी

प्रशांत किशोर ने कहा कि इस मामले में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उन्हें बिना देरी गिरफ्तार किया जाना चाहिए. उन्होंने मांग की कि सभी आरोपियों को सख्त सजा मिले ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके.

परिजनों से मिलने के बाद मीडिया से बातचीत करते प्रशांत किशोर
परिजनों से मिलने के बाद मीडिया से बातचीत करते प्रशांत किशोर

'पुलिस की भूमिका की भी हो जांच'

जन सुराज प्रमुख ने कहा कि अगर जांच में किसी पुलिसकर्मी की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाना चाहिए.

परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग

प्रशांत किशोर ने सरकार से मांग की कि पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए. उन्होंने कहा कि परिवार ने अपना बेटा खोया है और सरकार को उनकी हरसंभव मदद करनी चाहिए.

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पहले भी पहुंचे थे धरना स्थल

प्रशांत किशोर इससे पहले भी उस समय परिवार के साथ खड़े हुए थे, जब बंटी यादव के अपहरण के बाद करबिगहिया में धरना चल रहा था. उस दौरान उन्होंने परिजनों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया था. अब हत्या के बाद एक बार फिर उन्होंने परिवार से मुलाकात कर न्याय दिलाने का भरोसा दिया.

कब हुई थी बंटी की हत्या?

6 जुलाई को बंटी यादव का पटना जंक्शन स्थित टाटा पार्क के पास से अपहरण कर लिया गया था. पांच दिन बाद 11 जुलाई को उसका शव अथमलगोला से बरामद हुआ था. उसके चेहरे पर गंभीर चोट के निशान थे और शरीर पर भी कई जगह गहरे जख्म मिले थे. इसके बाद परिजनों से जमकर प्रदर्शन किया था और न्याय की मांग की थी. साथ ही आरोपियों को सजा देने की भी मांग कर रहे थे.

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अभिनंदन पांडेय

लेखक के बारे में

By अभिनंदन पांडेय

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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