BPSC Protest: पटना डीएम की कड़ी चेतावनी, BSPC परीक्षा मांगों पर ये कदम पड़ेगा बेहद महंगा
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 06 Jan 2025 2:44 PM
पटना जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह
BPSC Protest: पटना डीएम चंद्रशेखर सिंह ने कहा है कि अगर कोई शख्स प्रतिबंधित क्षेत्र में धरना देते पाया जायेगा तो उससे सख्ती से निपटा जायेगा. उन्होंने यह बयान जन सुराज नेता प्रशांत किशोर की गिरफ्तारी के बाद दिया.
BPSC Protest: जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने करीब 43 लोगों को हिरासत में लिया है, जिनकी पहचान की जा रही है. इनमें 30 लोगों की पहचान कर ली गई है, जिसमें एक भी छात्र नहीं है. इस बीच पटना के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह ने चेतावनी देकर कहा है कि अगर फिर से किसी ने प्रतिबंधित स्थल पर धरना दिया तो जिला प्रशासन सख्ती से निपटेगा. दरअसल, पटना के गांधी मैदान में आमरण अनशन पर बैठे प्रशांत किशोर को पुलिस ने सोमवार सुबह 4:00 बजे गिरफ्तार किया था. उन्हें मेडिकल चेकअप के बाद पटना सिविल कोर्ट में पेश किया गया, जहां कोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई.
जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह का बयान
पटना के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह ने कहा, “पटना हाई कोर्ट द्वारा धरना के लिए जो स्थल गर्दनीबाग चिन्हित किया गया है, वहां जाकर धरना देने के लिए प्रशांत किशोर से कई बार आग्रह किया गया था और उन्हें इसके लिए नोटिस भी जारी किया गया. उनको इसके लिए समय भी दिया गया. जब उन्होंने बात नहीं मानी तो पुलिस ने उनके खिलाफ गांधी मैदान थाना में मामला भी दर्ज किया था. इसके बाद उन्हें सोमवार की सुबह गिरफ्तार कर लिया गया.”
उन्होंने बताया, “उनके साथ 43 लोगों को हिरासत में लिया गया है. कुल 15 गाड़ियों को भी सीज किया गया है. हिरासत में लिए गए लोगों की पहचान की जा रही है. अभी तक 30 लोगों की पहचान की गई है, जिसमें से पांच लोग पटना से हैं और बाकी सभी लोग पार्टी के कार्यकर्ता हैं. शेष लोग विभिन्न जिलों से हैं. तीन लोग उत्तर प्रदेश से हैं और एक व्यक्ति दिल्ली का रहने वाला है. अब तक जितने लोगों की पहचान की गई है, उनमें एक भी छात्र नहीं है.” उन्होंने सख्त चेतावनी दी कि जिनको धरना प्रदर्शन करना है, वे निर्धारित स्थल पर ही जाकर करें, प्रतिबंधित क्षेत्र में इसकी इजाजत नहीं है. आगे से ऐसा करने वालों से प्रशासन सख्ती से निपटेगा.

पीके को मिली जमानत
प्रशांत किशोर को गिरफ्तारी के कुछ ही घंटों बाद पटना सिविल कोर्ट ने जमानत दे दी. उन्हें चिकित्सकीय जांच के बाद पटना सिविल कोर्ट में पेश किया गया जहां 25 हजार रुपए के निजी मुचलके के बाद जमानत दे दी. हालांकि, प्रशांत किशोर सशर्त जमानत को तैयार नहीं हैं. उनके वकील शिवानंद गिरी ने बताया कि अदालत से जमानत मिल गई है. लेकिन, प्रशांत किशोर सशर्त जमानत लेने के लिए तैयार नहीं हैं. प्रशांत किशोर पीआर बॉन्ड पर साइन नहीं कर रहे हैं. दरअसल, अदालत ने कहा है कि वह आगे से ऐसा कोई भी काम नहीं करेंगे, जिसकी वजह से आम लोगों को दोबारा परेशानियों का सामना करना पड़े. इसका प्रशांत किशोर विरोध कर रहे हैं.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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