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पीपीयू : दो या चार सेमेस्टर के बाद एग्जिट होने पर मिलेगा सर्टिफिकेट

Updated at : 12 Nov 2025 7:26 PM (IST)
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पीपीयू : दो या चार सेमेस्टर के बाद एग्जिट होने पर मिलेगा सर्टिफिकेट

पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय (पीपीयू) की 17वीं एकेडमिक काउंसिल की बैठक बुधवार को हुई. बैठक कुलपति प्रो उपेंद्र प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में हुई

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– एंटरप्रेन्योर डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत जेडी वीमेंस कॉलेज, कॉलेज ऑफ कॉमर्स आर्ट्स एंड साइंस एवं गंगा देवी महिला कॉलेज में शुरू होगी पढ़ाई

-पीएचडी में 40 प्रतिशत से अधिक नकल मिलने पर होगी शोध निर्देशक पर कार्रवाई

-पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय की अकादमिक परिषद की बैठक में 30 एजेंडों पर लगी मुहर

संवाददाता, पटना

पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय (पीपीयू) की 17वीं एकेडमिक काउंसिल की बैठक बुधवार को हुई. बैठक कुलपति प्रो उपेंद्र प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में हुई. बैठक में एनइपी 2020 के तहत नामांकित स्टूडेंट्स को दो सेमेस्टर या चार सेमेस्टर के बाद एग्जिट ऑप्शन के बारे में चर्चा हुई और इसे हरी झंडी दी गयी. यानी दो या चार सेमेस्टर के बाद पढ़ाई छोड़ने पर स्टूडेंट को सर्टिफिकेट दिया जायेगा. स्नातक के पांचवें सेमेस्टर में इंटर्नशिप को लेकर विश्वविद्यालय की ओर से बताये गये परिनियम को मंजूरी दी गयी. पीएमएआर एवं लोक प्रशासन विषय में ऑफलाइन चल रहे कोर्स को एएन कॉलेज में अगले सत्र से पढ़ाई आरंभ करने पर भी हरी झंडी दी गयी. बोर्ड ऑफ स्टडीज के अनुमोदन पर भी हरी झंडी मिली. साथ ही विभिन्न कोर्स वर्क के विषयों के सिलेबस बनाने को लेकर भी हरी झंडी दी गयी. इसमें ऐसे विषय जिनके पीजी विभाग नहीं हैं, उनका सिलेबस व रेगुलेशन बनाने की जिम्मेदारी संबंधित संकायाध्यक्ष को दी गयी. पीजी रेगुलर के मैथिली, गृह विज्ञान, मनोविज्ञान, रसायनशास्त्र, प्राकृत एवं पर्सियन के सिलेबस को एनइपी 2020 के अनुरूप बनाने को लेकर हरी झंडी दी गयी. एंटरप्रेन्योर डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत जेडी वीमेंस कॉलेज, कॉलेज ऑफ कॉमर्स आर्ट्स एंड साइंस पटना व गंगा देवी महिला महाविद्यालय में कोर्स आरंभ करने को हरी झंडी दी गयी. इसमें यह कोर्स राज्य सरकार की ओर से संचालित की जायेगी.

शोध में 40 से 60% तक नकल मिलने पर संबंधित शोध निर्देशक पर होगी कार्रवाई

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अनुरूप ही शोध विद्यार्थियों की साहित्यिक चोरी जांच पॉलिसी लागू, इसके तहत 10 प्रतिशत तक डाटा नकल मिलने पर पीएचडी थीसिस को अप्रूवल दिया जायेगा, जबकि 10 प्रतिशत से 40 प्रतिशत तक नकल होने पर बदलाव के लिए थिसिस लौटा दी जायेगी. दोबारा जमा करने के लिए छह महीने तक समय दिया जायेगा. जबकि 40 प्रतिशत से 60 प्रतिशत तक नकल मिलने पर संबंधित शोध निर्देशक का इंक्रीमेंट रोकने सहित अन्य कार्रवाई की जायेगी. एकेडमिक काउंसिल की बैठक में पैट 2021 में फेल हुए छात्रों को दोबारा कोर्स वर्क करने की हरी झंडी दी गयी. इसके अतिरिक्त पैट 2024 में विश्वविद्यालय के शिक्षकों को कोर्स वर्क के दौरान संबंधित वर्क कराने वाले संस्थान में प्रतिनियुक्ति पर भी हरी झंडी दी गयी. इससे पूर्व कुलपति ने सभी सदस्यों को संबोधित किया व कहा कि विश्वविद्यालय आपका है. इसके विकास के लिए सभी मिलकर कार्य करें. बैठक में छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष प्रोफेसर राजीव रंजन, कुलसचिव प्रो अबू बकर रिजवी, कॉलेज ऑफ कॉमर्स आर्ट्स एंड साइंस के प्राचार्य प्रो इंद्रजीत प्रसाद राय, टीपीएस कॉलेज के प्राचार्य प्रो तपन कुमार शांडिल्य, जेडी वीमेंस कॉलेज के प्राचार्या प्रो मीरा कुमारी, बीडी कॉलेज की प्राचार्या प्रो रत्ना अमृत सहित विश्वविद्यालय के सभी संकायों के संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष व विभिन्न कॉलेजों के प्राचार्य शामिल हुए. बैठक के अंत में कुलसचिव प्रो अबू बकर रिजवी ने धन्यवाद ज्ञापित किया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ANURAG PRADHAN

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By ANURAG PRADHAN

ANURAG PRADHAN is a contributor at Prabhat Khabar.

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