जाति गणना : पटना के करीब पहुंची पूर्वी चंपारण की जनसंख्या, 11 वर्षों में 16.5 लाख की हुई बढ़ोतरी

सहायक गणन पदाधिकारी सह अपर समाहर्ता पवन कुमार सिन्हा ने बताया कि जिले में संयुक्त भवनों की संख्या 8,69,580 है. मकानों की संख्या 10,02,446 है. इसके अलावा छोटे-बड़े मकानों को जोड़ा जाये, तो इनकी संख्या करीब 13 लाख 93 हजार 768 हो गयी है.
जाति गणना के तहत परिवारों की गिनती की समाप्ति के बाद जो तथ्य सामने आ रहे हैं, वे चौंकाने वाले हैं. शहरी आबादी के साथ ग्रामीण क्षेत्रों की भी आबादी बढ़ी है. पूर्वी चंपारण जिले की आबादी पटना के करीब पहुंच गयी है. आंकड़ों के अनुसार पूर्वी चंपारण की आबादी (जनसंख्या) 67 लाख 57 हजार 233 है. तो वहीं पटना की आबादी करीब साढ़े 68 लाख है. पटना से एक लाख का अंतर रह गया है. 2011 की जनगणना के अनुसार जिले की आबादी 50,99,371 थी. 2023 की जाति गणना के बाद 67,57,233 हो गयी है. कुल मिलाकर 11 वर्षों में 16 लाख 57 हजार 629 की बढ़ोतरी हुई है.
आंकड़ों के अनुसार जिले में परिवार की संख्या 13,94,222 है. जाति परिवार गणना का कार्य 21 जनवरी को समाप्त हो गया. इसके बाद आबादी की तस्वीर सामने आयी है. सहायक गणन पदाधिकारी सह अपर समाहर्ता पवन कुमार सिन्हा ने बताया कि जिले में संयुक्त भवनों की संख्या 8,69,580 है. मकानों की संख्या 10,02,446 है. इसके अलावा छोटे-बड़े मकानों को जोड़ा जाये, तो इनकी संख्या करीब 13 लाख 93 हजार 768 हो गयी है.
निगम क्षेत्र की आबादी 30 लाख 69 हजार के करीब है. नगर पर्षद क्षेत्र में सबसे कम आबादी चकिया 56471 है. नगर पंचायत में आबादी के मामले में सुगौली का सर्वाधिक 51 हजार है. सबसे कम केसरिया का 24 हजार बताया गया है. विभागीय सूत्रों के अनुसार मार्च के अंतिम सप्ताह से जातिवार गणना की संभावना व्यक्त की गयी है.
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ननि मोतिहारी- 3069079
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नप रक्सौल – 63802
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नप ढाका- 57029
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नप चकिया- 56471
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नपंचा मेहसी-33271
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नपं केसरिया- 24680
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नपं अरेराज- 34260
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नपं पकड़ीदयाल-39409
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नपं सुगौली- 51066
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ननि=नगर निगम
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नपं=नगर पंचायत
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पूर्वी चंपारण जिले के अपर समाहर्ता सह द्वितीय गणन अधिकारी पवन कुमार सिन्हा का कहना है कि जाति परिवार गणना के साथ जिले की आबादी भी सामने आयी है. यह अब 67 लाख 57 हजार 233 हो गयी है. नवगठित शहरी क्षेत्रों में भी आबादी बढ़ी है.
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