गाड़ियों का चालान कटने पर भी बन रहा है प्रदूषण प्रमाणपत्र

Updated at : 02 Jun 2024 1:11 AM (IST)
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गाड़ियों का चालान कटने पर भी बन रहा है प्रदूषण प्रमाणपत्र

राज्यभर में परिवहन नियमों को तोड़ने वाले गाड़ियों का चलान कटने के बाद भी गाड़ियों का इंश्योरेंस और प्रदूषण प्रमाणपत्र आसानी से बनाया जा रहा है.

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संवाददाता, पटना राज्यभर में परिवहन नियमों को तोड़ने वाले गाड़ियों का चलान कटने के बाद भी गाड़ियों का इंश्योरेंस और प्रदूषण प्रमाणपत्र आसानी से बनाया जा रहा है. लेकिन परिवहन विभाग ने सभी जिलों को सख्ती से निर्देश दिया था कि जिन गाड़ियों का चालान कट गया है, उनका किसी भी हाल में प्रदूषण व इंश्योरेंस सहित ऑनलाइन कोई काम न किया जाये. इसके बावजूद पॉल्यूशन सेंटर पर खुलेआम ऐसा हो रहा है, जिसकी शिकायत विभाग को मिली है. इसके बाद जिलों से इन शिकायतों के संबंध में रिपोर्ट मांगी है. निगरानी नहीं होने से पॉल्यूशन सेंटर में हो रही गड़बड़ी : सभी जिलों में खुले पॉल्यूशन सेंटर निजी लोगों को दिये गये हैं, ताकि गाड़ी मालिकों को पॉल्यूशन बनाने में कोई भी दिक्कत नहीं हो.लेकिन हाल के दिनों में पाया गया है कि पॉल्यूशन सेंटर जुर्माना लगी गाड़ियों का प्रदूषण बना दे रहे हैं. इसको लेकर विभागीय स्तर पर जिलों को निर्देश दिया गया है कि चालान कटने के बाद 90 दिनों तक जमा नहीं करने वाली कितनी गाड़ियों का प्रदूषण प्रमाणपत्र बनाया जाता है. वहीं, कितनी ऐसी गाड़ियां हैं, जिनका हर माह जुर्माना कट रहा है और उनके ऊपर क्या कार्रवाई की गयी है. बार-बार यातायात नियम तोड़ने पर कितनी गाड़ियों का लाइसेंस हुआ रद्द : विभाग ने जिलों से ऐसी गाड़ियों का ब्योरा मांगा है, जो बार-बार नियम तोड़ते हैं. उनके ऊपर विभागीय अधिकारियों ने क्या कार्रवाई की और कितनी गाड़ियों मालिकों का लाइसेंस रद्द करने या गाड़ी का परमिट रद्द करने के लिए जिला परिवहन पदाधिकारी को प्रस्ताव भेजा गया है. अगर नहीं भेजा गया, तो किस कारण से ऐसा किया गया.इस संबंध में जिलों से ब्योरा मांगा गया है. यह हो रही है परेशानी विभाग ने निर्देश दिया है कि चालान कट जाने के बाद विभाग ने गाड़ी मालिकों को 90 दिनों की सहूलियत दी है कि वह इतने दिनों में चालान को जमा करा दें. इसी निर्देश का फायदा उठाकर पॉल्यूशन सेंटर भी प्रदूषण प्रमाणपत्र सहित अन्य तरह के काम को कर दे रहे हैं. जब इसकी जानकारी विभाग को मिली, तो विभाग ने निर्णय लिया है कि लोकसभा चुनाव के बाद शिकायत की समीक्षा होगी, ताकि जुर्माना पर्ची कटने के बाद किसी भी गाड़ी का कोई भी काम नहीं हो पाये. जब तक वह जुर्माना की राशि जमा नहीं करा दे.

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