शिक्षक सम्मान हमारा अभियान के तहत शिक्षा मंत्री का भव्य स्वागत, समान वेतन की उठी मांग

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शिक्षा मंत्री का हुआ भव्य स्वागत

पटना के रविन्द्र भवन में बिहार पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ द्वारा “शिक्षक सम्मान हमारा अभियान” कार्यक्रम आयोजित हुआ. शिक्षा मंत्री मिथिलेश कुमार तिवारी का शिक्षकों ने स्वागत किया. कार्यक्रम में समान काम के लिए समान वेतन, एक समान शिक्षक पहचान और शिक्षकों की समस्याओं के समाधान की मांग प्रमुख रूप से उठी.

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Patna News: (अजीत कुमार की रिपोर्ट) बिहार पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ की प्रदेश इकाई की ओर से “शिक्षक सम्मान हमारा अभियान” के तहत पटना स्थित रविन्द्र भवन में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश कुमार तिवारी का शिक्षकों ने जोरदार स्वागत किया.

विभिन्न जिलों से पहुंचे शिक्षक-शिक्षिकाएं

कार्यक्रम में बिहार के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल हुए. शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों ने शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को विस्तार से रखाृ.

शिक्षकों की समस्याओं के समाधान का आश्वासन

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री मिथिलेश कुमार तिवारी ने कहा कि शिक्षक समाज की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं. उन्होंने कहा कि गरीब बच्चों को बेहतर शिक्षा देना शिक्षकों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है. साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए गंभीरता से कार्य करेगी.

“शिक्षा के नाम एक पौधा” भेंट कर किया सम्मानित

फुलवारी प्रखंड की शिक्षिका नीतू शाही ने शिक्षा मंत्री को “शिक्षा के नाम एक पौधा” भेंट कर सम्मानित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि बिहार के विद्यालयों में अलग-अलग नामों से कार्यरत शिक्षकों के कारण कई बार आपसी मतभेद की स्थिति उत्पन्न होती है, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रभावित होती है.

समान काम के लिए समान वेतन की मांग

नीतू शाही ने शिक्षा मंत्री से मांग करते हुए कहा कि “जब विद्यालय एक है तो शिक्षक का नाम भी एक होना चाहिए. समान काम के लिए समान वेतन लागू किया जाए और सभी शिक्षकों को एक समान पहचान मिले, ताकि बच्चों को समान और बेहतर शिक्षा मिल सके.”

शिक्षा व्यवस्था मजबूत करने की उठी आवाज

कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों ने भी एक स्वर में शिक्षकों की समस्याओं के समाधान, समान वेतन व्यवस्था लागू करने और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग उठाई.

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निखिल अनुराग

लेखक के बारे में

By निखिल अनुराग

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट. नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है.

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