फुलवारी शरीफ में रुक्मिणी-कृष्ण विवाह प्रसंग पर झूमे श्रद्धालु, हरे कृष्ण-हरे राम के जयघोष, जानिए कब बंटेगा महाप्रसाद

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रुक्मिणी-कृष्ण विवाह प्रसंग पर झूमते श्रद्धालु

Patna News: पटना के फुलवारी शरीफ अंतर्गत पूर्वी आशोचक मोहल्ले में आयोजित संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. सोमवार को कथावाचक पंडित सतीशकांत शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण और माता रुक्मिणी के दिव्य विवाह प्रसंग का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे.

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Patna News: (अजीत कुमार की रिपोर्ट) राजधानी पटना के पूर्वी आशोचक मोहल्ला में आयोजित संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा इन दिनों पूरे क्षेत्र में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का मुख्य केंद्र बनी हुई है. कथा स्थल पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य और अलौकिक लीलाओं का श्रवण कर रहे हैं. पूरा वातावरण ‘हरे कृष्ण, हरे राम’ के गगनभेदी जयघोष और भजनों की मधुर धुन से पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ है.

प्रख्यात कथावाचक पंडित सतीशकांत शास्त्री के मुखारविंद से प्रवाहित हो रही श्रीमद् भागवत कथा का रसपान करने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. सोमवार को कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण और माता रुक्मिणी के दिव्य विवाह प्रसंग का अत्यंत मार्मिक और भावपूर्ण वर्णन किया गया. इस दौरान विशेष झांकी और भजनों ने पंडाल में ऐसा समां बांधा कि ऐसा प्रतीत होने लगा मानो पूरा कथा स्थल स्वयं द्वारिका नगरी में परिवर्तित हो गया हो. महिलाओं ने पारंपरिक मंगल गीत गाए, जिससे उत्सव का माहौल और भव्य हो गया.

रुक्मिणी हरण और विवाह प्रसंग सुन भावुक हुए भक्त, गूंजा राधे-राधे का नारा

कथा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए पंडित सतीशकांत शास्त्री ने व्यासपीठ से बताया कि रुक्मिणी जी ने भगवान श्रीकृष्ण को अपने मन, वचन और कर्म से पति रूप में स्वीकार किया था. जब उनके भाई रुक्मी ने उनकी इच्छा के विरुद्ध उनका विवाह शिशुपाल से कराने का प्रयास किया, तो रुक्मिणी ने भगवान श्रीकृष्ण को संदेश भेजकर अपनी व्यथा सुनाई. इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण ने रुक्मिणी जी की लाज रखी और उनका हरण कर उनके साथ विवाह संपन्न कराया.

इस प्रसंग के वर्णन के दौरान कथा पंडाल में मौजूद श्रद्धालु भक्ति भाव से सराबोर होकर झूम उठे और “राधे-राधे”, “हरे कृष्ण-हरे राम” तथा “जय श्रीकृष्ण” के जयघोष से पूरा इलाका गुंजायमान हो उठा. कथावाचक ने कहा कि श्रीमद् भागवत पुराण साक्षात भगवान श्रीकृष्ण का साहित्यिक स्वरूप है. इसके श्रवण मात्र से ही मनुष्य के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है और यह मनुष्य को धर्म, भक्ति, प्रेम, करुणा और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है.

कथा महाकुंभ की मुख्य बातें:

  • आयोजन स्थल: पूर्वी आशोचक, गोल्डेन रिसोर्ट परिसर, फुलवारी शरीफ.
  • मुख्य प्रसंग: भगवान श्रीकृष्ण और माता रुक्मिणी का भव्य विवाह उत्सव.
  • विशेष आकर्षण: महिलाओं द्वारा गाए गए सोहर और मांगलिक गीत.
  • समापन: बुधवार को विशाल भंडारा और महाप्रसाद वितरण. वितरण

समापन पर बुधवार को होगा महाप्रसाद

गौरतलब है कि इस भव्य धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत बीते तीन जून को आशोचक गांव स्थित प्रसिद्ध देवी स्थान से भव्य कलश शोभायात्रा निकाल कर की गई थी. बैण्ड-बाजे, हाथी-घोड़े और धार्मिक जयघोषों के साथ निकली यह शोभायात्रा पूरे नगर का भ्रमण करते हुए गोल्डेन रिसोर्ट स्थित मुख्य कथा स्थल तक पहुंची थी. इस ऐतिहासिक यात्रा में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालुओं ने भाग लिया था.

इस बड़े धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में पूर्वी आशोचक, आशोचक और जकरियापुर गांव के ग्रामीण व श्रद्धालु पूरी निष्ठा और तन-मन से जुटे हुए हैं. आयोजकों ने विशेष जानकारी देते हुए बताया कि कथा के समापन के पावन अवसर पर आगामी बुधवार को भव्य महाप्रसाद (भंडारा) का वितरण किया जाएगा. इसके लिए बड़े पैमाने पर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं और समापन के दिन आस-पास के कई गांवों से हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है.

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निखिल अनुराग

लेखक के बारे में

By निखिल अनुराग

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट. नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है.

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