दानापुर नगर परिषद में सफाई व्यवस्था की खुली पोल, करोड़ों खर्च के बाद भी सड़कों पर गंदगी का अंबार

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सडकों पर गंदगी का लगा अंबार

Patna News: दानापुर नगर परिषद में सफाई व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं. हर महीने सवा करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद कई वार्डों में सड़कों पर कचरे का अंबार लगा हुआ है. स्थानीय लोग सफाई व्यवस्था को लेकर नाराजगी जता रहे हैं.

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Patna News: (संजय कुमार) दानापुर नगर परिषद क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. हर महीने करीब सवा करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद शहर के कई वार्डों में सड़क किनारे कचरे का ढेर लगा हुआ है. लोगों का आरोप है कि केवल झाड़ू लगाकर सफाई का दिखावा किया जा रहा है, जबकि गंदगी जस की तस बनी हुई है.

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चार साल से एक्सटेंशन पर चल रही सफाई एजेंसी

नगर परिषद के 40 वार्डों में सफाई और अन्य कार्यों के लिए एडम एजेंसी के साथ अनुबंध किया गया था. यह अनुबंध अप्रैल 2020 से अप्रैल 2022 तक के लिए था, लेकिन कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी एजेंसी को लगातार एक्सटेंशन दिया जाता रहा. यहां तक कि 1 फरवरी 2026 को एक्सटेंशन खत्म होने के बाद भी उसी एजेंसी से काम कराया जा रहा है.

नियमों को ताक पर रखकर नहीं निकाली गई नई निविदा

जानकारी के मुताबिक नगर परिषद के नियमों के अनुसार हर दो साल में सफाई कार्य के लिए नई निविदा निकाली जानी चाहिए. बावजूद इसके पिछले चार वर्षों से कोई नया टेंडर जारी नहीं किया गया. परिषद की सशक्त स्थायी समिति और बोर्ड ने पुरानी एजेंसी को हर साल सेवा विस्तार देकर सफाई व्यवस्था का जिम्मा सौंप दिया.

900 मजदूरों के नाम पर भुगतान जमीन पर दिखे सिर्फ 7-8 कर्मी

सूत्रों के अनुसार एडम सफाई एजेंसी हर महीने 900 दैनिक मजदूरों के नाम पर नगर परिषद से मानदेय लेती रही. जबकि हकीकत में अधिकांश वार्डों में सिर्फ 7 से 8 सफाईकर्मी ही काम करते नजर आए. आरोप है कि बाकी मजदूरों के नाम पर कागजों में फर्जी भुगतान उठाया जाता रहा.

विभाग ने लगाई थी रोक फिर भी जारी रहा काम

परिषद से जुड़े जानकारों का कहना है कि विभाग ने एक समय एजेंसी पर दो महीने तक काम करने पर रोक भी लगाई थी. इसके बावजूद बाद में फिर उसी एजेंसी को एक्सटेंशन देकर सफाई कार्य सौंप दिया गया. इससे नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं.

अब 45 वार्डों के लिए नए टेंडर की तैयारी

परिसीमन के बाद अब नगर परिषद में 45 वार्ड बनाए गए हैं. इन्हीं वार्डों में सफाई व्यवस्था के लिए नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है. हालांकि टेंडर फाइल को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि इसकी जिम्मेदारी स्वच्छता पदाधिकारी की जगह नगर प्रबंधक को सौंप दी गई है.

नई एजेंसी आने तक पुरानी एजेंसी करेगी सफाई

नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी पंकज कुमार ने बताया कि 45 वार्डों में सफाई व्यवस्था के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. जब तक नई एजेंसी का चयन नहीं हो जाता, तब तक पुरानी एजेंसी को ही सफाई कार्य की जिम्मेदारी दी गई है. उन्होंने माना कि पुरानी एजेंसी का कार्यकाल समाप्त हो चुका है.

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