पटना हॉस्टल कांड: NEET छात्रा मौत मामले में मनीष रंजन को नहीं मिली बेल, जमानत याचिका खारिज

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शंभू गर्ल्स हॉस्टल और मनीष रंजन की तस्वीर

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Patna NEET Student Death Case: NEET छात्रा मौत मामले में हॉस्टल मालिक मनीष रंजन को कोर्ट से राहत नहीं मिली है. एडीजे-6 की अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी, जिसके बाद वह फिलहाल जेल में ही रहेंगे.

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Patna NEET Student Death Case: पटना NEET छात्रा मौत मामले में शंभू गर्ल्स हॉस्टल बिल्डिंग के मालिक मनीष रंजन को राहत नहीं मिली है. अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है. एडीजे-6 की अदालत ने पहले इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था. सोमवार को कोर्ट ने खुली अदालत में फैसला सुनाते हुए बेल अर्जी खारिज कर दी.

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वकील ने दी जानकारी

पीड़ित पक्ष के वकील एस.के. पांडेय ने बताया कि फैसले का ऐलान ओपन कोर्ट में किया गया है. उन्होंने कहा कि अभी जजमेंट की कॉपी हाथ में नहीं आई है. कॉपी मिलने के बाद ही फैसले की पूरी जानकारी दी जा सकेगी.

दो दिन चली थी लंबी सुनवाई

बताया जा रहा है कि बेउर जेल में बंद मनीष रंजन की जमानत याचिका पर लगातार दो दिन तक सुनवाई हुई थी. सुनवाई के दौरान स्पेशल पीपी सुरेश चंद्र प्रसाद और पीड़ित पक्ष के वकील एसके पांडेय ने कोर्ट में अपना पक्ष रखा था. करीब चार घंटे तक बहस चली. इसमें से लगभग दो घंटे की सुनवाई जज के चेंबर में हुई.

पीड़ित परिवार ने लगाए गंभीर आरोप

सुनवाई के दौरान पीड़िता की मां ने भी जांच एजेंसियों पर सवाल उठाए थे. उन्होंने आरोप लगाया था कि CBI और SIT इस मामले में लीपापोती कर रही हैं. परिवार का कहना था कि मनीष रंजन का नाम तक नहीं लिया जा रहा और उन्हें झूठा साबित करने की कोशिश हो रही है.

कोर्ट ने पुलिस से पूछे कई सवाल

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केस की पहली जांच अधिकारी रौशनी कुमारी से कई सवाल किए. कोर्ट ने पूछा कि मुख्य गवाह और पीड़िता की सहेली से पूछताछ के दौरान वीडियो रिकॉर्डिंग क्यों नहीं की गई. जज ने यह भी पूछा कि मनीष रंजन थाने कब आया था और उससे पूछताछ क्यों नहीं की गई.

CBI की जांच पर भी उठे सवाल

सुनवाई के दौरान अदालत ने CBI से भी कई सवाल पूछे. कोर्ट ने पूछा कि पीड़िता और आरोपी के मोबाइल की जांच क्यों नहीं की गई. CBI ने बताया कि मोबाइल सीज किए गए हैं, लेकिन उनकी जांच अभी नहीं हुई है. इस पर अदालत ने कड़ी टिप्पणी करते हुए पूछा कि जब मोबाइल की जांच नहीं की गई तो उन्हें सीज क्यों किया गया.

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