'सबूतों से छेड़छाड़ कैसे हुई...?' पटना NEET छात्रा मौत केस में कोर्ट के तीखे सवाल, मनीष रंजन को नहीं मिली जमानत

Published by :Abhinandan Pandey
Published at :26 Feb 2026 4:54 PM (IST)
विज्ञापन
patna hostel case news

शंभू गर्ल्स हॉस्टल और मनीष रंजन की तस्वीर

Patna NEET Student Death Case: पटना NEET छात्रा मौत मामले में आरोपी मनीष रंजन को अदालत से राहत नहीं मिली है. जमानत याचिका खारिज करते हुए कोर्ट ने जांच प्रक्रिया पर कड़े सवाल उठाए और अगली सुनवाई 28 फरवरी तय की है.

विज्ञापन

Patna NEET Student Death Case: पटना NEET छात्रा मौत मामले में अदालत ने आरोपी मनीष रंजन को जमानत देने से इनकार कर दिया है. इस फैसले के बाद मामले ने फिर से तूल पकड़ लिया है. कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 28 फरवरी तय की है. अब सभी की नजरें उसी दिन पर टिकी हैं.

करीब एक घंटे चली तीखी बहस

जमानत याचिका पर अदालत में करीब एक घंटे तक बहस चली. दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क रखे. बचाव पक्ष ने जमानत की मांग की. वहीं अभियोजन पक्ष (Prosecutors) ने इसका कड़ा विरोध किया. अदालत ने पूरे मामले को गंभीरता से सुना.

जांच पर कोर्ट के कड़े सवाल

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने जांच की प्रक्रिया पर सख्त टिप्पणी की. अब तक की जांच पर कई सवाल उठाए गए. अदालत ने जांच अधिकारियों से पूछा कि आखिर सबूतों के साथ छेड़छाड़ कैसे हुई. कोर्ट ने यहां तक कहा कि यदि लापरवाही सामने आती है, तो जांच अधिकारियों पर ही केस दर्ज क्यों न किया जाए.

पीड़िता पक्ष के वकील का बड़ा दावा

पीड़िता पक्ष के वकील ने सुनवाई के बाद बड़ा खुलासा किया. उन्होंने कहा कि अदालत के सामने साफ तौर पर यह मुद्दा उठाया गया कि कई अहम सबूतों से छेड़छाड़ की गई है. प्रारंभिक तौर पर अदालत ने इस पर गंभीर सवाल पूछे हैं. जांच एजेंसी से जवाब तलब किया गया है.

‘लापरवाही और छेड़छाड़ के साथ हुई जांच’

वकील ने आरोप लगाया कि जांच पूरी तरह लापरवाही से की गई. सबूतों को सही तरीके से संकलित नहीं किया गया. कई दस्तावेज और सामग्री संदिग्ध परिस्थितियों में सामने आई. उन्होंने दावा किया कि अदालत ने इन बिंदुओं को गंभीरता से लिया है और अधिकारियों को फटकार लगाई है.

28 फरवरी को अगली सुनवाई

अब इस मामले में 28 फरवरी को अगली सुनवाई होगी. अदालत ने जांच एजेंसी से सभी बिंदुओं पर स्पष्ट जवाब मांगा है. आने वाली सुनवाई में कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं. फिलहाल जमानत न मिलने से आरोपी की मुश्किलें बढ़ गई हैं और मामले की जांच पर भी सवाल खड़े हो गए हैं.

Also Read: बिहार में 28 फरवरी तक कराएं e-KYC नहीं तो राशन कार्ड से कटेगा नाम, इन 7 योजनाओं का नहीं मिलेगा लाभ

विज्ञापन
Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

अभिनंदन पांडेय डिजिटल माध्यम में पिछले 2 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर तक का मुकाम तय किए हैं. अभी डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास करते हैं. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखते हैं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन