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पटना जंक्शन का अंडरग्राउंड सब-वे आचार्य किशोर कुणाल के नाम पर होगा, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी CM नीतीश से करेंगे बात

Updated at : 30 Dec 2025 11:02 AM (IST)
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patna underground subway| Patna Junction's underground subway will be named after Acharya Kishore Kunal

पटना अंडरग्राउन्ड सब वे और आचार्य किशोर कुणाल जयंती की तस्वीर

Patna News: पटना जंक्शन के अंडरग्राउंड सब-वे को आचार्य किशोर कुणाल के नाम पर रखने की मांग उठी है. उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि वे इसके लिए मुख्यमंत्री से बात कर पहल करेंगे.

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Patna News: पटना जंक्शन के अंडरग्राउंड सब-वे को आचार्य किशोर कुणाल के नाम पर रखने की दिशा में पहल शुरू हो गई है. उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि वे इस प्रस्ताव को अपने स्तर से आगे बढ़ाएंगे और मुख्यमंत्री से भी इस संबंध में बातचीत करेंगे. यह घोषणा उन्होंने आचार्य किशोर कुणाल की पहली पुण्यतिथि पर ज्ञान भवन में आयोजित श्रद्धांजलि सभा के दौरान की.

श्रद्धांजलि सभा में आचार्य किशोर कुणाल के पुत्र और महावीर मंदिर न्यास के सचिव सायण कुणाल ने यह मांग रखी कि पटना का पहला अंडरग्राउंड सब-वे, जो महावीर मंदिर से सीधे जुड़ा है, उनके पिता के नाम पर होना चाहिए. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आचार्य किशोर कुणाल का जीवन सेवा और मानवता की मिसाल है.

सम्राट चौधरी ने आचार्य किशोर कुणाल पर क्या कहा?

सम्राट चौधरी ने कहा कि आचार्य किशोर कुणाल ने कैंसर पीड़ितों के लिए जो कार्य किए, वे समाज के लिए अद्वितीय हैं. उन्होंने धर्म को सिर्फ पूजा तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे समाज सेवा से जोड़ा. मंदिरों में मिलने वाले प्रसाद और चढ़ावे की राशि से महावीर कैंसर अस्पताल, महावीर वात्सल्य समेत नौ अस्पतालों की स्थापना कर उन्होंने हजारों जरूरतमंदों को राहत दी. उन्होंने कहा कि उनके कार्यों से देश के अन्य मठ-मंदिरों को भी प्रेरणा लेनी चाहिए.

‘बाबू मोशाय, जिंदगी लंबी नहीं, बड़ी होनी चाहिए’

कार्यक्रम के दौरान सायण कुणाल भावुक हो गए. उन्होंने अपने पिता के विचारों को साझा करते हुए कहा कि पापा अक्सर कहते थे. न मुझे राज्य चाहिए, न स्वर्ग और न ही मोक्ष, गरीबों की सेवा ही सबसे बड़ी साधना है. उन्होंने राजेश खन्ना का प्रसिद्ध डायलॉग दोहराते हुए कहा, “बाबू मोशाय, जिंदगी लंबी नहीं, बड़ी होनी चाहिए.”

सात लोगों को श्रवण कुमार पुरस्कार से किया गया सम्मानित

श्रद्धांजलि सभा में समाज सेवा और पारिवारिक समर्पण को सम्मानित करने की परंपरा को भी आगे बढ़ाया गया. विपरीत परिस्थितियों में माता-पिता की सेवा करने वाले सात लोगों को श्रवण कुमार पुरस्कार से सम्मानित किया गया. खास बात यह रही कि वर्ष 2010 से शुरू हुए इस पुरस्कार के इतिहास में पहली बार किसी बहू को यह सम्मान मिला. रामनगरी की पिंकी प्रियदर्शनी सिंह को अपनी सास की निस्वार्थ सेवा के लिए श्रवण कुमार पुरस्कार से नवाजा गया.

इसके अलावा पोस्टल पार्क के शंभू चौधरी को प्रथम, कृष्णानगर के रवि संगम को द्वितीय और आदर्श विहार कॉलोनी के प्रिय रंजन सैतव को तृतीय पुरस्कार दिया गया. वहीं परसा बाजार के अजय मुखर्जी, कंकड़बाग के तरुण कुमार और मैनपुरा के सिद्धांत कुमार को समर्पण पुरस्कार से सम्मानित किया गया.

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Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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