पटना में ई-रिक्शा की बैटरी हो रही है हैक, चलते-चलते बंद हुईं 300 गाड़ियां, जानिए चीनी एप से कैसे हो रहा खेल

Updated:
विज्ञापन

ई-रिक्शा अचानक हो रही बंद (सांकेतिक तस्वीर)

Patna E-rickshaw Battery Hacking : पटना में पिछले 3 दिनों से कई ई-रिक्शा चलते चलते बंद हो जा रहे हैं. हालात ऐसे हैं कि सवारी को बीच रास्ते में उतारना पड़ रहा है और तो और मैकेनिक भी ई-रिक्शा को ठीक नहीं कर पा रहे हैं.

विज्ञापन

Patna E-rickshaw Battery Hacking : राजधानी पटना और उसके आसपास के इलाकों में इन दिनों ई-रिक्शा चालकों के बीच अजीबोगरीब डर का माहौल है. सड़क पर फर्राटा भरते ई-रिक्शा अचानक बिना किसी तकनीकी खराबी के बंद हो रहे हैं. मिली जानकारी के मुताबिक, पटना और इसके आस-पास के क्षेत्रों में अब तक कम से कम 200 से 300 ई-रिक्शा इस तकनीकी गड़बड़ी का शिकार हो चुके हैं.

Patna E-rickshaw Battery Hacking :खुलासे से दंग हुए मैकेनिक

शुरुआत में इसे मैकेनिक और चालक सामान्य खराबी मान रहे थे, लेकिन जांच में जो खुलासा हुआ है उसने सुरक्षा एजेंसियों और वाहन कंपनियों के होश उड़ा दिये हैं. दरअसल, यह कोई मैकेनिकल फॉल्ट नहीं, बल्कि एक मोबाइल एप के जरिये ई-रिक्शा की बैटरी को रिमोटली बंद करने का खेल है.

देशभर में सामने आयी शिकायतें

जानकारी अनुसार ऐसी गड़बड़ियां बिहार में पटना के अलावा अन्य जिलों सहित देश के कई शहरों में भी सामने आयी हैं. चलते चलते अचानक ई-रिक्शा बंद हो जा रहे हैं. चालक भी नहीं समझ पा रहे हैं कि उनके ई-रिक्शे में हुआ क्या है. इसी बीच हुए खुलासे ने सबको दंग कर दिया है.

क्या है गड़बड़ी का मुख्य कारण?

इस पूरे संकट के पीछे ई-रिक्शा में लगी आधुनिक लिथियम-आयन बैटरी और उसकी सुरक्षा में छूटी एक बड़ी लापरवाही है. आजकल आने वाली कई लिथियम-आयन बैटरियों में बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (बीएमएस) होता है, जो ब्लूटूथ के जरिये मोबाइल से कनेक्ट हो जाता है. कंपनियों ने इन बैटरियों में ब्लूटूथ तो दे दिया, लेकिन सुरक्षा के लिए कोई मजबूत पासवर्ड सेट नहीं किया.

अचानक हो जा रहे हैं बंद

बता दें कि, ई-रिक्शा बैटरी हैकिंग से तीन दिनों से परेशानी जारी है. इससे यात्रियों को असुविधा हो रही है, जबकि चालक बेहाल हैं. इसके कारण कई रिक्शा तो यात्रियों को ले जाने के दौरान ही अचानक बंद हो गये, जिन्हें बहुत प्रयास के बावजूद चालक दोबारा चालू नहीं कर सका. मजबूरन यात्रियों को बीच रास्ते में ही उतरना पड़ा. बुद्धा कॉलोनी की ऑल फाइन कंपनी के पांच ई-रिक्शा को हैकरों ने बुधवार को अचानक बंद कर दिया.

तमाम प्रयास के बाद भी नहीं चालू हो रहे ई-रिक्शा

तमाम प्रयास के बावजूद जब बैटरी ऑन नहीं हुई, तो चालक ई-रिक्शा को लेकर बुद्धा कॉलोनी में ही स्थित सर्विस सेंटर पर आये. लेकिन, दिन भर प्रयास के बावजूद मेकैनिक चालू नहीं कर सके. फिर गुरुवार को बैट बीएमएस नामक एप के बारे में उनको जानकारी हुई, जिससे बैटरी को हैक कर ऑफ किया गया था. फिर सर्विस सेंटर के मालिक ने उस एप को डाउनलोड किया व उसी के सहारे ब्लूटूथ कनेक्टिविटी से बैटरी को गुरुवार शाम तक फिर चालू किया. इस तरह की घटना शहर के अन्य कई क्षेत्रों में भी हुई.

अचानक बंद हो गया मेरा ई-रिक्शा

ई-रिक्शा चालक जितेंद्र कुमार ने बताया कि, दो दिन पहले वे गायघाट से गांधी मैदान जा रहे थे, तभी त्रिपोलिया के पास उनका ई-रिक्शा बद हो गया. उसे शनिचरा मोड़ स्थित गैरेज लेकर गए. रात 11 बजे फोन आया कि ई-रिक्शा चालू हो गया है. हैकिंग वाले एप को ही मोबाइल में अपलोड कराया गया, क्योंकि उसी से बैटरी ऑन होती है.

बैट बीएमएस एप से हैक कर बंद किया

ऑल फाइन शोरूम के मालिक संजीव कुमार ने बताया कि बुधवार को मेरे यहां पांच ई-रिक्शा आये, जिनकी बैटरी अचानक बंद हो गयी थी. लेकिन बुधवार को उन्हें चालू नहीं कर सके. गुरुवार को हमें सूचना मिली कि बैट बीएमएस एप से उन्हें हैक कर ऑफ किया गया है. उसके बाद उसी एप को डाउनलोड कर उन्हें चालू किया.

दिनभर परेशान रहे ई-रिक्शा चालक

ई-रिक्शा चालक संघ के महासचिव मनोज कुमार ने कहा कि, चालकों के साथ ऐसी घटनाएं हो गयी हैं. उनकी बैटरी को हैक कर लिया गया है, जिससे वे दिन भर परेशान रहे. फिर सर्विस सेंटर में जाने के बाद उनकी बैटरी फिर से चालू हुई है.

सॉफ्टवेयर गड़बड़ी व कई कारणों से बंद हो सकती है बैटरी

बैटरी विशेषज्ञ प्रेम सुमन की मानें तो बाएमएस लिथियम-आयन बटरा में खराबी आ जाये, तो बैटरी बिजली की आपूर्ति बंद कर देती है. कई मामलों में बैटरी फुल चार्ज होने के बावजूद मोटर तक बिजली नहीं पहुंचती, डिस्प्ले पर त्रुटि सदश दिखाया देती है व बटरी लाक भी हो सकती है. सॉफ्टवेयर गड़बड़ी, हार्डवेयर फेल होना, नमी, अत्यधिक गर्मी या बैटरी सेल की खराबी इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं.

पटना की खबरों को पढ़ने के लिए क्लिक करें

बीएटी-बीएमएस एप का खेल

दरअसल, इंटरनेट पर मौजूद एक चीनी एप’बीएटी बीएमस’ का इस्तेमाल कर कुछ शरारती तत्व और ठग इस वारदात को अंजाम दे रहे हैं. यह ऐप मूल रूप से बैटरी की सेहत और वोल्टेज जांचने के लिए बनाया गया था, लेकिन अब इसका गलत इस्तेमाल हो रहा है.

कैसे काम करता है यह ‘हैकिंग’ का तरीका ?

सूत्रों के अनुसार, शरारती तत्व अपने फोन में इस एप को चालू कर लेते हैं. जैसे ही असुरक्षित ब्लूटूथ वाली बैटरी इस दायरे में आती है, एप उसे स्कैन कर लेता है. बिना किसी पासवर्ड के एप बैटरी से कनेक्ट हो जाता है. इसके बाद एप में दिये गये ‘डिसचार्ज’ बटन को ऑफ कर दिया जाता है. बटन ऑफ होते ही बैटरी से ई-रिक्शा को मिलने वाली पावर सप्लाइ कट जाती है और गाड़ी बीच सड़क पर ही खड़ी हो जाती है.

कौन से ई-रिक्शा हैं पूरी तरह सुरक्षित ?

इस तकनीक के निशाने पर केवल वही ई-रिक्शा हैं जिनमें लिथियम-आयन बैटरी लगी है और जिसका ब्लूटूथ बिना पासवर्ड के है. जिन ई-रिक्शा में पुरानी लीड-एसिड (तेजाब वाली) बैटरी लगी है, वे पूरी तरह सुरक्षित हैं, क्योंकि उनमें कोई डिजिटल या ब्लूटूथ सिस्टम नहीं होता. इसके अलावा, जिन ब्रांडेड कंपनियों ने अपनी लिथियम बैटरी में मजबूत पासवर्ड प्रोटेक्शन दिया है, उन्हें भी कोई खतरा नहीं है.

फिलहाल क्या करें चालक

ई-रिक्शा चालकों को सलाह है कि वे अपनी बैटरी के ब्लूटूथ का पासवर्ड तुरंत बदलवाएं या उसे ब्लॉक करवाएं ताकि कोई अन्य एप उससे कनेक्ट न हो सके.

Also Read: पटना के होटल में चल रहा था गलत धंधा, नौकरी के नाम पर दिल्ली और पश्चिम बंगाल से लाई जा रही थी लड़कियां, पुलिस ने 10 को कराया मुक्त

विज्ञापन
साक्षी कुमारी

लेखक के बारे में

By साक्षी कुमारी

साक्षी कुमारी को डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 3 वर्षों का अनुभव है. पिछले तीन वर्षों से वह डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं. उन्हें राजनीति, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सरोकारों और समसामयिक मुद्दों से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग और लेखन का अनुभव है. बिहार की राजनीति और क्षेत्रीय मुद्दों पर उनकी विशेष रुचि है. डिजिटल पत्रकारिता के साथ-साथ उन्हें SEO (Search Engine Optimization) की भी अच्छी समझ है, जिससे वह पाठकों तक समय पर और प्रभावी ढंग से खबरें पहुंचाने में दक्ष हैं. तथ्यपरक, विश्वसनीय और SEO-अनुकूल समाचार तैयार करना उनकी प्रमुख कार्यशैली है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन