पटना: डिजिटल अरेस्ट की ठगी में 1.05 करोड़ का मनी ट्रेल, बिहटा से आरोपी गिरफ्तार

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साइबर ठग की फाइल फोटो

डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। आरोपी के बैंक खाते में 1.05 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन का पता चला है, जिसे बिहटा से गिरफ्तार किया गया है।

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पटना से आनंद सिंह कौशिक की रिपोर्ट

Cyber ​​Fraud : डिजिटल अरेस्ट के नाम पर देशभर में साइबर ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई बिहार ने बड़ी कार्रवाई की है. एनसीआरपी पोर्टल पर मिली शिकायत की तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को ऐसे बैंक खाते का पता चला, जिसका इस्तेमाल डिजिटल अरेस्ट से जुड़ी संदिग्ध रकम के लेन-देन में किया जा रहा था. जांच के बाद पुलिस ने बिहटा निवासी कुमार आर्यन (42) को गिरफ्तार किया है. उसके बैंक खाते में करीब 1.05 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन का पता चला है.

ऑनलाइन गेमिंग और सोशल मीडिया के जरिए साइबर अपराधियों के संपर्क में था

मामले में बिहटा थाने में कांड संख्या 80/2026 दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू की गयी है. जांच में सामने आया कि आरोपी ऑनलाइन गेमिंग, एक्सचेंज, फेसबुक और टेलीग्राम समेत विभिन्न ऑनलाइन माध्यमों के जरिए अंतरराज्यीय साइबर अपराधियों के संपर्क में था. पुलिस को आशंका है कि इसी नेटवर्क के जरिये लोगों को डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर साइबर ठगी की जा रही थी.

म्यूल अकाउंट से होता था ठगी की रकम का खेल

साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले म्यूल बैंक खातों के जरिये रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किया जाता था. आरोपी के खाते में 1.05 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन का पता चलने के बाद पुलिस ने बैंकिंग गतिविधियों की जांच तेज कर दी है. अब यह पता लगाया जा रहा है कि संदिग्ध रकम कहां से आयी और ठगी के बाद किन-किन खातों में भेजी गयी.

दो मोबाइल, सिम और चेकबुक बरामद

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से म्यूल अकाउंट की चेकबुक, दो मोबाइल फोन, सिम कार्ड और बैंकिंग व डिजिटल लेन-देन से संबंधित सामग्री बरामद की है. अन्य डिजिटल साक्ष्यों को भी जब्त कर तकनीकी जांच के लिए भेजा गया है.

मोबाइल और बैंक खातों से खुलेगा साइबर नेटवर्क का राज

पुलिस जब्त मोबाइल और अन्य डिजिटल उपकरणों के विश्लेषण के जरिये गिरोह के दूसरे सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. जांच टीम बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, सोशल मीडिया अकाउंट और ऑनलाइन लेन-देन की कड़ियों को खंगाल रही है. पुलिस का कहना है कि म्यूल खाते उपलब्ध कराने, संदिग्ध रकम का लेन-देन करने और साइबर अपराधियों को सहयोग देने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी.


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राजीव कुमार

लेखक के बारे में

By राजीव कुमार

राजीव कुमार तीन वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय है. फिलहाल हिंदी डिजिटल मीडिया में कंटेंट राइटर के रूप में अपना योगदान दिए हैं. बिहार के स्थानीय-क्षेत्रिय मुद्दों पर विशेष नजर बनाए रखते है. राजीतिक-सामाजिक गतिविधियों से जुड़ी खबरो पर पकड़ है. खबरों की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए स्रोतों की जांच के साथ तथ्यों की पुष्टि अनिवार्य रूप से करते हैं.

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राजीव कुमार खास तौर पर राजनीति की खबर,ब्रेकिंग न्यूज, रियल टाइम खबरें और मौसम की खबर समेत रिसर्च आधारित खबरें करते हैं. इसके अलावा वह हर तरह के इवेंट का पल-पल का लाइव कवरेज भी करते हैं. सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर नजर बनाएं रखते है. खासकर राजनीति से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस रखते है. बिहार की राजनीति पर हमेशा नजर रहती है.

पत्रकारिता अनुभव

राजीव कुमार ने पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद प्रतिष्ठित संस्थान में पत्रकारिता की शुरुआती ज्ञान लिया, यहां हेडलाइन, ब्रेकिंग न्यूज, लाइव कवरेज,खबर की थीम, खबरों में तथ्य आदि के बारे में बारीकी से समझा. जिले से जुड़ी खबर, लोकल खबर समेत कई खबरों की जानकारी मिली.

शिक्षा/पुरस्कार

मूल रूप से बिहार के पूर्वी चंपारण के बाबा सोमेश्वरनाथ नगरी रहने वाले राजीव कुमार ने महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में पारास्नातक की डिग्री हासिल किया. काम करने के दौरान बेतहर हेडिंग और एनओडी पैकेज पर दो-दो पुरस्कार प्राप्त है.

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