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पप्पू यादव के दावों पर नीरज कुमार का बड़ा हमला, बताया डकैती और हत्या का इतिहास

Updated at : 14 Feb 2026 3:01 PM (IST)
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Pappu Yadav

पप्पू यादव

Pappu Yadav: जेल से रिहा होते ही पप्पू यादव ने अपनी हत्या की साजिश का आरोप लगाया. इस पर जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने उन्हें कायर बता दिया. उन्होंने कहा कि पप्पू यादव केवल नाटक कर रहे हैं.

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Pappu Yadav: बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने जेल से बाहर निकलने के बाद आरोप लगाया कि पटना, दिल्ली और उनके अपने क्षेत्र पूर्णिया के कुछ बड़े नेता मिलकर उनकी हत्या की साजिश रच रहे हैं. पप्पू यादव के इन आरोपों पर जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने चुप्पी तोड़ते हुए उन पर जोरदार हमला बोला है.

जदयू का पलटवार

जदयू नेता नीरज कुमार ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पप्पू यादव को राजनीति का कायर बताया. उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यदि पप्पू यादव को अपनी हत्या की साजिश के बारे में इतनी सटीक जानकारी है, तो वे डर क्यों रहे हैं? उन्हें उन तीन नेताओं के नाम सार्वजनिक करने चाहिए जो उनकी जान लेना चाहते हैं.

लॉरेंस बिश्नोई और हवाबाजी का जिक्र

नीरज कुमार ने पप्पू यादव के पुराने बयानों पर तंज कसते हुए कहा, “जो शख्स खुद को इतना निडर बताता था कि लॉरेंस बिश्नोई की धमकियों से भी नहीं डरता, वह आज कुछ नेताओं का नाम लेने में क्यों थर-थर कांप रहा है? यह उनकी कायरता और उनके दोहरे चरित्र को जनता के सामने बेनकाब करता है. वे सिर्फ हवाबाजी कर रहे हैं.”

बीमारी और सेहत पर उठाए सवाल

जदयू नेता ने पप्पू यादव के जेल जाने और बाहर आने के तरीके पर भी तंज कसा. उन्होंने कहा कि यह बिहार की राजनीति का सबसे बड़ा नाटक है. जब पप्पू यादव के जेल जाने की बारी आती है, तो वे अचानक गंभीर रूप से बीमार हो जाते हैं. उन्हें कमर और पेट में असहनीय दर्द होने लगता है, वे स्ट्रेचर पर लेट जाते हैं और रोने लगते हैं. लेकिन जैसे ही कोर्ट से जमानत मिलती है और वे जेल की दहलीज से बाहर कदम रखते हैं, उनका सारा दर्द गायब हो जाता है. व्हीलचेयर छोड़कर वे सीधे दौड़ते हुए हवाई जहाज पकड़ने पहुंच जाते हैं.

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पुराने रिकॉर्ड की दिलाई याद

सांसद के खुलासे वाले दावों पर नीरज कुमार ने कहा कि जिस व्यक्ति पर डकैती, हत्या, अपहरण, रंगदारी, धोखाधड़ी और दंगे जैसे दर्जनों गंभीर मुकदमे दर्ज हों, वह दूसरों पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार खो चुका है. उन्होंने यह भी सवाल किया कि रूपेश हत्याकांड जैसे मामलों में पप्पू यादव इतने समय तक चुप क्यों थे? क्या वे केवल पर्दे के पीछे बैठकर बारगेनिंग कर रहे थे?

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Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.

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