हेडमास्टर बनने के लिए बदला गया पैमाना, शिक्षा विभाग के नए नियम, स्कूलों के लिए नया आदेश
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 13 Feb 2026 7:49 PM
सांकेतिक तस्वीर
Bihar Education Department:बिहार शिक्षा विभाग ने प्रभारी हेडमास्टर और प्रधान शिक्षक बनाने के लिए नई गाइडलाइन जारी की है. अब चार से आठ साल का अनुभव अनिवार्य होगा. मिडिल, और प्राइमरी स्कूलों के लिए अलग मापदंड तय किए गए हैं.
Bihar Education Department: शिक्षा विभाग ने बिहार के सरकारी स्कूलों में मुख्य शिक्षक (प्रभारी) और हेडमास्टर के पदों पर जिम्मेदारी सौंपने के लिए नए नियम जारी कर दिए हैं. विभाग की गाइडलाइन के मुताबिक, अब स्कूलों की कमान संभालने के लिए 4 से 8 साल का पढ़ाने का अनुभव होना जरूरी है. यह नियम उन स्कूलों के लिए है जहां अभी तक पक्के हेडमास्टर तैनात नहीं हैं.
हाई स्कूल और प्लस-टू स्कूलों के नियम
हाई स्कूल में स्कूल प्रभारी बनने के लिए शिक्षक के पास कम से कम 8 साल पढ़ाने का अनुभव होना चाहिए. इसमें पुराने नियोजित शिक्षक और नए भर्ती हुए शिक्षक भी शामिल हो सकते हैं. प्लस-टू स्कूलों के लिए अनुभव की यह सीमा केवल 4 साल रखी गई है.
यदि एक ही स्कूल में हाई स्कूल और प्लस-टू, दोनों के योग्य शिक्षक मौजूद हैं, तो किसे सीनियर माना जाए, इसका फैसला उनकी डिग्री और ट्रेनिंग से होगा. नियम के अनुसार, अगर हाई स्कूल शिक्षक के पास एमए या एमएससी की डिग्री है और उसकी नौकरी के 4 साल पूरे हो चुके हैं, तो उसे प्लस-टू शिक्षक के बराबर माना जाएगा. ऐसी स्थिति में, जिसे पहले ट्रेनिंग वाला वेतन मिलना शुरू हुआ होगा, उसे ही स्कूल की चाबी सौंपी जाएगी.
बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें
प्राइमरी और मिडिल स्कूलों के नियम
प्राइमरी स्कूलों में कार्यवाहक मुख्य शिक्षक बनने के लिए भी 8 साल का अनुभव जरूरी है. अगर स्कूल में पुराने सीनियर शिक्षक नहीं हैं, तो अनुभवी शिक्षकों में से सबसे सीनियर को चुना जाएगा. यदि एक ही स्कूल में 8 साल का अनुभव रखने वाले एक से ज्यादा शिक्षक हैं, तो यहां भी फैसला इसी बात से होगा कि किसे ट्रेनिंग वाली सैलरी पहले मिलना शुरू हुई थी.
मिडिल स्कूलों की बात करें तो यहां प्रभारी हेडमास्टर बनने के लिए ट्रेनिंग के बाद कम से कम 4 साल पढ़ाने का अनुभव होना जरूरी है. विभाग ने यह भी साफ कर दिया है कि मुख्य शिक्षक की कुर्सी के लिए शिक्षक के पास बीएड (B.Ed) की डिग्री होना अनिवार्य है. इस नए नियम से स्कूलों में बॉस कौन है, इस बात को लेकर होने वाले आपसी झगड़े खत्म होंगे.
इसे भी पढ़ें: हो जाएं तैयार, मई में घर-घर पहुंचेगी जनगणना टीम, पूछे जाएंगे 33 सवाल
बिहार में नौकरियों की बौछार, इस विभाग में 16584 पदों पर जल्द होगी बहाली, डिप्टी सीएम का ऐलान
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










