Nowcast Weather: बिहार में मौसम का कहर, पेड़ गिरने से महिला की मौत, ओलावृष्टि से किसानों की फसलें तबाह

Author Ashish jha
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Bihar Weather News

सांकेतिक फोटो

Bihar Weather: बिहार में हुई दोनों घटनाओं ने एक बार फिर आपदा प्रबंधन और कृषि सहायता तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन पीड़ित परिवारों और किसानों के आंसू पोंछने के लिए कितनी तत्परता से कदम उठाता है.

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Nowcast Weather: पटना. बिहार के अलग-अलग जिलों में बदले मौसम ने कहर बरपाया है. जहां मुंगेर जिले के रामनगर थाना क्षेत्र में तेज आंधी के चलते एक पेड़ गिरने से एक महिला की मौत हो गई, वहीं मुजफ्फरपुर में ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया. मौसम विभाग ने अगले 12 घंटे के लिए बिहार के 25 जिलों में तेज हवाओं, गरज-बरसात और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इसके अलावा, 13 जिलों के लिए येलो अलर्ट भी जारी किया गया है, जहां हल्की बारिश और मध्यम गति की हवाएं चलने की उम्मीद है.

कच्चे मकान पर गिरा पेड़, महिला की मौत

मुंगेर के रामनगर थाना अंतर्गत नौआगढ़ी सिंहेश्वर टोला निवासी दिव्यांग विजय मंडल अपने परिवार के साथ घर में सो रहा था. देर रात आई तेज आंधी ने उसकी जिंदगी में भूचाल ला दिया. घर के पीछे स्थित एक बड़ा मोहगनी का पेड़ तेज हवाओं में उखड़ कर मकान पर गिर पड़ा. देखते ही देखते पूरा कच्चा मकान ढह गया और परिवार के सभी सदस्य मलबे में दब गए. इस हादसे में विजय मंडल की पत्नी लीला देवी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके चार बच्चे और खुद विजय मंडल घायल हो गए. लीला देवी भी अपने पति के साथ मजदूरी कर परिवार की जिम्मेदारी निभा रही थीं. अब इस परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है.

खेतों में लगी फसल पर गिरा ओला

वहीं दूसरी ओर मुजफ्फरपुर जिले में मौसम ने देर शाम अचानक करवट ली. औराई प्रखंड समेत कई इलाकों में तेज आंधी, बारिश और भारी ओलावृष्टि देखने को मिली. यह ओलावृष्टि किसानों के लिए किसी आपदा से कम नहीं रही. गेहूं, खेसारी, आम और लीची की फसल को गंभीर नुकसान हुआ है. भरथुआ की महिला किसान ने बताया, “कर्ज लेकर खेती की थी, सब बर्बाद हो गया.” वहीं मधुबन बेसी के किसान ने कहा, “गेहूं, खैनी, आम, लीची सब खत्म हो गया. अब खाने के लाले पड़ गए हैं.” किसानों ने सरकार से तुरंत सर्वे और मुआवजे की मांग की है. उनका कहना है कि यह ओलावृष्टि पिछले वर्षों की तुलना में सबसे अधिक नुकसानदेह रही है.

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आशीष झा

लेखक के बारे में

By आशीष झा

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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