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स्कूलों में शिक्षक और बच्चों की उपस्थिति पर अब टैब से रखी जायेगी नजर

Updated at : 24 Jul 2025 7:42 PM (IST)
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स्कूलों में शिक्षक और बच्चों की उपस्थिति पर अब टैब से रखी जायेगी नजर

बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने प्रत्येक स्कूल को दो-दो टैब देने का निर्णय लिया है

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-जिले के 14 प्रखंडों के स्कूलों को भेजा गया टैब

संवाददाता, पटना

सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे और पढ़ाने वाले शिक्षकों की उपस्थिति पर टैब से शिक्षा विभाग नजर रखेगा. विभाग ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत जिले के पांच स्कूलों में एक-एक टैब वितरित किया था. टैब से मिली सफलता और निरीक्षण में सहायता को देखते हुए अब बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने प्रत्येक स्कूल को दो-दो टैब देने का निर्णय लिया है. एक अगस्त से टैब के माध्यम से शिक्षकों और बच्चों की उपस्थिति की निगरानी शुरू कर दी जायेगी. जिला शिक्षा कार्यालय की ओर से जिले के 14 प्रखंडों के स्कूलों में टैब बांटने के लिए भेज दिया गया है. जिले अन्य प्रखंडों के स्कूलों में भी टैब भेजने की प्रक्रिया जारी है. जिला कार्यक्रम पदाधिकारी कुमकुम पाठक ने बताया कि प्रारंभिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर के प्रत्येक स्कूलों को दो-दो टैब बांटे जायेंगे. उन्होंने बताया कि जिस स्कूल में बच्चों की संख्या अधिक होगी, वहां तीन टैब दिये जायेंगे. एक टैब का प्रयोग प्रधानाध्यापक करेंगे और दूसरे टैब का प्रयोग बच्चों व शिक्षकों द्वारा किया जायेगा. टैब के माध्यम से बच्चों की उपस्थिति और शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज की जायेगी. क्लास टीचर प्रतिदिन प्रत्येक कक्षा में उपस्थित बच्चों का फोटो और वीडियो बनाकर इ-शिक्षा पोर्टल पर अपलोड करेंगे. इसमें क्लास में चल रहे शिक्षण की कार्य का भी फोटो व वीडियो अपलोड करना होगा. इसके अलावा बच्चों को मध्याह्न भोजन खाते हुए फोटो के अलावा परिसर की साफ-सफाई का भी वीडियो अपलोड करना होगा. प्रधानाध्यापक को मिले टैब के माध्यम से शिक्षक अपनी उपस्थिति दर्ज करेंगे. इसमें प्रतिदिन कौन शिक्षक अवकाश पर है और कौन शिक्षक स्कूल में कार्यरत हैं, इसकी जानकारी भी देनी होगी.

टैब गुम होने पर चल जायेगा पता

जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने बताया कि टैब की सुरक्षा की जिम्मेदारी स्कूल के प्रधान शिक्षक और प्रधानाध्यापक की होगी. अगर किसी स्कूल से टैब चोरी होने की शिकायत मिलती है, तो इसे आसानी से पकड़ा जायेगा. टैब का आइएमइआइ नंबर, सीरियल नंबर, टैब में लगाये सिम, उपयोगकर्ता का नाम और पदनाम का जिक्र रहेगा. इसके अलावा सभी नंबर प्रधानाध्यापक के पास भी होंगे. यदि टैब की चोरी होती है, तो आइएमइआइ नंबर, सीरियल नंबर और सिम नंबर को ट्रैक कर पकड़ा जा सकता है कि टैब कहां है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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