ePaper

अब एक ही जमीन की दाखिल खारिज कई बार नहीं होगी

Updated at : 15 Jul 2025 7:50 PM (IST)
विज्ञापन
अब एक ही जमीन की दाखिल खारिज कई बार नहीं होगी

राज्य में अब एक ही जमीन की दाखिल खारिज कई बार नहीं की जा सकेगी. इससे जमीन विवाद में कमी आयेगी.

विज्ञापन

– संयुक्त संपत्ति में किसने अपना कहां का हिस्सा बेचा, यह जानकारी आसानी से पता चल पायेगी

– एकीकृत भू–अभिलेख प्रबंधन प्रणाली (आइएलआरएमएस)– स्थानिक दाखिल–खारिज पोर्टल की शुरुआत- एक भाई अगर अपना हिस्सा बेचता है तो उसका नक्शा भी स्वतः उसके साथ लग जायेगा

संवाददाता, पटना

राज्य में अब एक ही जमीन की दाखिल खारिज कई बार नहीं की जा सकेगी. इससे जमीन विवाद में कमी आयेगी. इसके लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री संजय सरावगी ने सर्वे भवन में एकीकृत भू–अभिलेख प्रबंधन प्रणाली (आइएलआरएमएस)– स्थानिक दाखिल–खारिज पोर्टल की मंगलवार को शुरुआत की. यह पोर्टल आइआइटी, रुड़की ने विकसित किया है. मंत्री ने बताया कि इस नयी व्यवस्था से दाखिल खारिज होने पर जमाबंदी और खसरा में बदलाव के साथ ही दाखिल खारिज वाली जमीन का नक्शा भी मूल नक्शा से अलग होकर दिखने लगेगा. एक व्यक्ति का केवल एक ही खाता होगा. इस प्रणाली से एक भाई अगर अपना हिस्सा बेचता है तो उसका नक्शा भी स्वतः उसके साथ लग जायेगा. संयुक्त संपत्ति में किसने अपना कहां का हिस्सा बेचा, यह जानकारी आसानी से पता चल पायेगी. इससे जमीन की पहचान आसानी से हो सकेगी. इस तरह की व्यवस्था लागू करने वाला देश में पहला राज्य बिहार है.

मंत्री संजय सरावगी ने बताया कि इस व्यवस्था को सबसे पहले विशेष सर्वेक्षण पूरा कर अंतिम अधिकार अभिलेख प्रकाशित हो चुके शेखपुरा सहित तीन जिलों के 80 राजस्व ग्रामों में लागू किया जायेगा. वहीं दूसरे चरण में विशेष सर्वेक्षण 31 दिसंबर 2026 तक पूरा करने की समयसीमा है. उन्होंने कहा कि जमीन और राजस्व संबंधी कई कामकाज के लिए आमलोगों को कार्यालय जाना पड़ता और व्यक्तिगत रूप से हाजिर होना पड़ता है. यह व्यवस्था समाप्त होगी. इसके लिए राज्य मंत्रिपरिषद से निर्णय ले लिया गया है.

जमीन के रजिस्ट्रेशन सिस्टम से जोड़ने की योजना

इस दौरान राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने पोर्टल विकसित करने वाली पूरी टीम को बधाई दी. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यह व्यवस्था फिलहाल विशेष सर्वेक्षण पूरा हो चुके राजस्व ग्रामों में जल्द से जल्द लागू करें. इस संबंध में विभाग के सचिव जय सिंह ने बताया कि आने वाले समय में इस व्यवस्था को जमीन के रजिस्ट्रेशन सिस्टम से जोड़ने की योजना है. इससे रजिस्ट्रेशन के समय ही जमीन की पहचान हो सकेगी, जिससे दाखिल खारिज में आसानी होगी. जमीन विवाद कम होगा.

दाखिल खारिज आवेदन से पहले संबंधित जमीन का नक्शा आवेदन करना होगा

इस व्यवस्था के तहत वर्तमान में कार्यरत पोर्टल से ही दाखिल खारिज आवेदन से पहले संबंधित जमीन का नक्शा ऑनलाइन ही बनाकर आधार नंबर देकर आवेदन करना होगा. इसका अप्रूवल अंचल अधिकारी देंगे. इसके बाद एक आइडी मिलेगी और दूसरे चरण में दाखिल खारिज के लिए आवेदन किया जायेगा. राजस्व कर्मचारी और राजस्व अधिकारी की रिपोर्ट पर अंचल अधिकारी दाखिल खारिज करेंगे.

ये रहे मौजूद

इस दौरान भू–अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय की निदेशक जे. प्रियदर्शिनी, सचिव दिनेश कुमार राय, विशेष सचिव अरुण कुमार सिंह, संयुक्त सचिव अनिल कुमार पांडेय, आजीव वत्सराज समेत अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.

बॉक्स

यह होगा फायदा

1. जमीन की खरीद-बिक्री में पारदर्शिता बढ़ेगी

2.सरकारी योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना, फसल बीमा आदि का लाभ सही पात्र लाभार्थियों को शीघ्रता से मिल सकेगा

3.सरकारी परिसंपत्तियों का बेहतर प्रबंधन हो सकेगा

4. भू-राजस्व वसूली में वृद्धि होगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
DURGESH KUMAR

लेखक के बारे में

By DURGESH KUMAR

DURGESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन