संवाददाता,पटना ग्राम कचहरियों में ग्रामीणों के न्याय की लड़ाई अधिक पारदर्शी और जवाबदेह होने जा रही है. गांव का कोई भी निवासी न्याय मांगने के लिए दबाव से मुक्त हो गया है. ग्राम कचहरियों से न्याय मांगने के लिए ग्रामीण अपने मोबाइल का उपयोग कर रहे हैं. उनके द्वारा मोबाइल से इ-ग्राम कचहरी पोर्टल पर केस दर्ज कराया जा रहा है. चाहे वह मामला दीवानी हो या फौजदारी, दोनों प्रकार के मामलों में न्याय के लिए जनता अपने सरपंच, पंच का चुनाव कर केस दायर कर रही है. अभी तक राज्य भर के सभी जिलों में कुल 11831 मामले दर्ज किये गये हैं. इसकी सुनवाई और निबटारा भी किया जा रहा है. दिलचस्प है कि सभी फैसलों की कार्यवाही भी ऑनलाइन दर्ज की जा रही है. पंचायती राज विभाग द्वारा न्याय आपके द्वार कार्यक्रम के तहत इस अभियान को आरंभ किया गया है. इसमें ग्राम कचहरी के सदस्यों को प्रशिक्षण देकर ट्रायल आरंभ किया गया है. ट्रायल के दौरान ही 843 दीवानी और 1063 फौजदारी मामलों का निबटारा किया गया है. मोबाइल के माध्यम से सर्वाधिक 895 लोगों ने न्याय मांगने के लिए अभी तक आवेदन किया है. इसमें 400 मामले दीवानी और 495 फौजदारी मामले हैं. दूसरे स्थान पर पूर्वी चंपारण जिला है जहां की ग्राम कचहरियों में 858 दीवानी और फौजदारी केस दर्ज कराये गये हैं. ग्राम कचहरियों में केस दर्ज कराने के मामले में 820 सीतामढ़ी जिले के तो 737 पटना जिले के ग्राम कचहरियों में दर्ज कराये गये हैं. नयी पहल है ई-कोर्ट बिहार सरकार ने ग्राम कचहरी को डिजिटल बनाने के लिए इ-ग्राम कचहरी की पहल की है. इसका मकसद है कि गांव स्तर पर विवादों का जल्द, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से निबटारा किया जाये. ग्राम कचहरी में होनेवाली सभी कानूनी कार्यवाहियों को डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से संचालित किया जायेगा. उसका डिजिटल रूप से रिकार्ड किया जायेगा. इससे इसकी प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और भ्रष्टाचारमुक्त बनाया जा सकेगा. इ-कोर्ट के माध्यम से ग्राम कचहरी में सभी दस्तावेजों और केस का डिजिटल रिकार्ड रखा जायेगा. इससे दस्तावेजों की सुरक्षा और उनकी पहुंच आसान हो जायेगी.
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