पटना जीपीओ के अतीत को डिजिटल दस्तावेज के रूप में संरक्षित करेगा एनआइटी

Updated:
विज्ञापन
पटना जीपीओ के अतीत को डिजिटल दस्तावेज के रूप में संरक्षित करेगा एनआइटी

डिजिटल दस्तावेज के रूप में संरक्षित करने के उद्देश्य से एनआइटी पटना ने पूरे परिसर की फोटोग्रामेट्री कराने का निर्णय लिया है

विज्ञापन

संवाददाता, पटना पटना के ऐतिहासिक जीपीओ कैंपस को सहेजने और इसके गौरवशाली अतीत को डिजिटल दस्तावेज के रूप में संरक्षित करने के उद्देश्य से एनआइटी पटना ने पूरे परिसर की फोटोग्रामेट्री कराने का निर्णय लिया है. जीपीओ कैंपस पटना के प्रमुख ऐतिहासिक परिसरों में से एक माना जाता है, जहां से दशकों से डाक सेवाओं का संचालन हो रहा है. एनआइटी पटना के अधिकारियों के अनुसार, इस पहल से न केवल कैंपस की मौजूदा संरचनाओं का दस्तावेजीकरण होगा, बल्कि इसके संरक्षण और संवर्धन की दिशा में भविष्य की योजनाओं को भी मजबूती मिलेगी. मौके पर विरासत संरक्षण विषय पर एक विशेष प्रशिक्षण भी आयोजित किया जायेगा, जिसमें एसपीए भोपाल के प्रो अजय खरे, आइआइआरएम देहरादून की वैज्ञानिक डॉ हिना पाण्डेय, माधवन एस, मानुग्रिया चौहान, मीरब कुमार, अमन शर्मा और डॉ पूनम मेहता तिवारी जैसे विशेषज्ञ भाग लेंगे. इसके अलावा आइआइटी हैदराबाद के डिजिटल लैब प्रमुख डॉ शिवाजी और आर्किटेक्ट अमन शर्मा भी प्रशिक्षक के रूप में शामिल रहेंगे. यह प्रशिक्षण हाइब्रिड मोड में होगा और इच्छुक प्रतिभागी tinyurl.com/yptmc4 लिंक पर पंजीकरण कर सकते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Subodh Kumar

लेखक के बारे में

By Subodh Kumar

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन