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Bihar News: मिनी मैराथन में दिखा ‘दिव्य दौड़’, दिव्यांगों ने दिखायी जुनून की उड़ान

Updated at : 24 Nov 2024 8:47 PM (IST)
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दिव्य दौड़

दिव्य दौड़

Bihar News: दौड़ की शुरुआत सुबह लगभग साढ़े सात बजे तारामंडल के सामने विद्यापति भवन हुई और इनकम टैक्स गोलंबर, हाइकोर्ट, बिहार म्यूजियम होकर पुनाइचक मोड़ होते वापस विद्यापति भवन के पास समाप्त हुई.

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Bihar News पटना. आइएसपीएल की ओर से शनिवार को दिव्यांगों के लिए मिनी मैराथन ‘दिव्य दौड़’ का आयोजन किया गया. फ्लैग ऑफ अमनौर के विधायक कृष्ण कुमार मंटू और इपीएफओ के एम्पलाइज एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहन उपाध्याय ने किया. इसमें विभिन्न संस्थाओं के दिव्यांग बच्चों ने हिस्सा लिया. दौड़ की शुरुआत सुबह लगभग साढ़े सात बजे तारामंडल के सामने विद्यापति भवन हुई और इनकम टैक्स गोलंबर, हाइकोर्ट, बिहार म्यूजियम होकर पुनाइचक मोड़ होते वापस विद्यापति भवन के पास समाप्त हुई. मुख्य अतिथि नगर विकास मंत्री नितिन नवीन दौड़ के विजेता को ट्रॉफी और सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया. इस मौके पर पटना की उप महापौर रेशमी चंद्रवंशी, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारी नीरज सिंह, अजीत कुमार लाली, राकेश कुमार, विमलेश तिवारी, हिमांशु श्रीवास्तव सहित कई लोग मौजूद रहे.

दिव्यांगों की दौड़ का आयोजन सराहनीय पहल : नितिन नवीन

पुरस्कार वितरण कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि नितिन नवीन ने कहा कि दिव्यांगों के लिए दौड़ का आयोजन सराहनीय पहल है. इन लोगों को समाज में उचित भागीदारी मिलनी चाहिए. ऐसे आयोजन से इनका हौसला बढ़ता है. उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन में मैं हर संभव मदद करने के लिए तैयार हूं. सरकार भी प्रयास कर रही है कि दिव्यांगों का विकास हो.
आइएसपीएल के डायरेक्टर निर्मल मिश्रा ने कहा कि स्वर्ग संस्था की यह पहल मात्र मैराथन तक सीमित नहीं है, बल्कि एक निश्चित अंतराल पर विभिन्न खेलों का आयोजन दिव्यांगों और सामान्य बच्चों का किया जायेगा, ताकि हमारे बिहार के भी खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें.

नो मी फॉर एब्लिटीज, नॉट फॉर डिसएब्लिटी दिया संदेश

आयोजन अध्यक्ष निर्मल मिश्रा ने बताया कि दौड़ की थीम नो मी फॉर एब्लिटीज, नॉट फॉर डिसएब्लिटी है. इसके जरिये समाज से यह संदेश दिया गया कि दिव्यांगों की अयोग्यता नहीं, योग्यता को जाने. दिव्यांग किसी सामान्य व्यक्ति से कम नहीं है.

बच्चों में दिखा जोश

मैराथन शुरू होने से पहले ही बच्चे काफी उत्साहित थे. समय से पहले ही आयोजन स्थल पर पहुंच गये. मूक-बधिर बच्चे हाथ हिला कर इशारों में अपने जोश का इजहार कर रहे थे. वहीं, शारीरिक रूप से दिव्यांग ट्राइ साइकिल से दौड़ को पूरा किया.

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ये रहे विजेता

0 से 12 वर्ष आयु वर्ग : प्रथम इंतिखाब, द्वितीय विनय कुमार, तृतीय रोहित कुमार
13 से 17 आयु वर्ग : प्रथम अभिनव वॉर्न, द्वितीय विवेक कुमार, तृतीय शोएब अहमद
17 से अधिक आयु वर्ग : प्रथम प्रिंस, द्वितीय राजीव रंजन, तृतीय देव
ट्राइ साइकिल : प्रथम दिनेश कुमार, द्वितीय राकेश कुमार, तृतीय कृष्ण राय

प्रतिभागी बोले

इस तरह के आयोजन से दिव्यांगों का हौसला बढ़ता है. स्वस्थ रहने के लिए सभी को दौड़ना चाहिए.– राकेश कुमार
खेलकूद से शारीरिक विकास के साथ-साथ स्वस्थ समाज का निर्माण होता है़, इस तरह की पहल सराहनीय है़. -सोनी कुमारी
इस दौड़ के माध्यम से समाज को संदेश देना चाहते हैं कि हम भी किसी से कम नहीं है. देश के विकास में दिव्यांगों काभी योगदान है. – दिनेश कुमार
पढ़ाई के साथ खेल भी जरूरी है. मैं हर दिन सुबह दौड़ता हूं. सभी को स्वस्थ रहने के लिए दौड़ना चाहिए. – अफजल रकीब
भागदौड़ की जिंदगी में लोगों को अपने स्वास्थ्य के लिए समय नहीं है. ऐसे लोगों को संदेश देना चाहता हूं कि वे भी कुछ समय निकाल कर सुबह दौड़े और स्वस्थ रहें. -कर्ण कुमार

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Radheshyam Kushwaha

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.

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