PMCH में शुरू हुई नई ट्रायज व्यवस्था, इमरजेंसी में पहुंचते ही 5 मिनट के भीतर शुरू हो रहा मरीजों का इलाज

स्ट्रेचर पर ही शुरू हो गया इलाज
पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) ने गंभीर मरीजों के जीवन को बचाने के लिए नई ट्रायज व्यवस्था शुरू की है. अब इमरजेंसी में पहुंचने के पांच मिनट के भीतर मरीजों का इलाज शुरू कर दिया जाएगा. यह व्यवस्था गंभीर हादसों में तत्काल उपचार सुनिश्चित करेगी.
पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) के इमरजेंसी वार्ड में गंभीर मरीजों के इलाज के लिए नई ट्रायज व्यवस्था शुरू कर दी गई है. अब सड़क दुर्घटना, हार्ट अटैक और अन्य गंभीर मामलों में मरीजों का इलाज ट्रायज वार्ड में पहुंचने के पांच मिनट के भीतर शुरू किया जा रहा है. प्रभात खबर की पड़ताल में सामने आया कि सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आठ मरीज ट्रायज वार्ड पहुंचे, जिनका तत्काल इलाज शुरू कर जरूरत के अनुसार संबंधित विभागों में भर्ती कराया गया.
इमरजेंसी के बाहर स्ट्रेचर से सीधे ट्रायज वार्ड तक पहुंच रहे मरीज
अस्पताल के पुराने इमरजेंसी वार्ड में बनाए गए ट्रायज वार्ड तक मरीजों को सीधे स्ट्रेचर के माध्यम से पहुंचाया जा रहा है. सड़क दुर्घटना में घायल एक लावारिश मरीज को पुलिस पीएमसीएच लेकर पहुंची. इमरजेंसी के बाहर मौजूद स्ट्रेचर पर ट्रॉली मैन की मदद से उसे ट्रायज वार्ड लाया गया, जहां डॉक्टरों और नर्सों की देखरेख में तुरंत इलाज शुरू कर दिया गया.
17 बेड वाले ट्रायज वार्ड में डॉक्टर, नर्स और हेल्थ मैनेजर तैनात
ट्रायज वार्ड में फिलहाल 17 बेड की व्यवस्था की गई है. यहां तीन शिफ्ट में दो डॉक्टर, चार नर्स, एक हेल्थ मैनेजर और दो वार्ड बॉय की ड्यूटी लगाई गई है. मरीज के पहुंचते ही हेल्थ मैनेजर उसकी प्राथमिक जानकारी दर्ज करते हैं, जिसके बाद डॉक्टरों की निगरानी में नर्सें बिना देरी इलाज शुरू कर देती हैं.
रंगों के आधार पर तय होती है इलाज की प्राथमिकता
पीएमसीएच ने मरीजों की गंभीरता के अनुसार ट्रायज प्रणाली को चार श्रेणियों में विभाजित किया है. लाल रंग तत्काल इलाज की आवश्यकता वाले मरीजों के लिए, पीला रंग थोड़ी देरी से इलाज योग्य मरीजों के लिए, हरा रंग सामान्य मरीजों के लिए और काला रंग ऐसे मरीजों के लिए निर्धारित किया गया है, जिनकी स्थिति अत्यंत गंभीर या लाइलाज मानी जाती है. इसी आधार पर इलाज की प्राथमिकता तय की जाती है.
समय पर इलाज नहीं मिलने की घटना के बाद बदली व्यवस्था
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि एक महीने पहले सड़क दुर्घटना में घायल आनंदपुरी निवासी अमन गुप्ता की समय पर इलाज नहीं मिलने से मौत हो गई थी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अत्यधिक रक्तस्राव को मौत का कारण बताया गया था. इस घटना के बाद इमरजेंसी व्यवस्था में बदलाव करते हुए ट्रायज प्रणाली लागू की गई, ताकि गंभीर मरीजों का इलाज तुरंत शुरू किया जा सके.
अगले महीने 25 बेड के नए ट्रायज वार्ड में होगी शिफ्टिंग
पीएमसीएच प्रशासन ने ट्रायज व्यवस्था की सफलता को देखते हुए इसका विस्तार करने का निर्णय लिया है. अगले महीने इसे नए भवन में शिफ्ट किया जाएगा, जहां 17 की जगह 25 बेड वाला आधुनिक ट्रायज वार्ड संचालित होगा. इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं.
दो मामलों में तुरंत मिला इलाज
ट्रायज वार्ड के बेड नंबर 7 पर भर्ती 50 वर्षीय छोटे चौहान को यूरिन बंद होने और पेट फूलने की शिकायत के बाद एंबुलेंस से लाया गया. उन्हें तुरंत भर्ती कर इलाज शुरू किया गया. वहीं कंकड़बाग में सड़क दुर्घटना में घायल एक लावारिश व्यक्ति को भी ट्रायज वार्ड में प्राथमिक उपचार दिया गया और उसके परिजनों की तलाश की जा रही है.
24 घंटे उपलब्ध है ट्रायज सुविधा
पीएमसीएच अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि ट्रायज वार्ड में 24 घंटे इलाज की सुविधा उपलब्ध है. यहां अलग से डॉक्टरों और नर्सों की तैनाती की गई है. निर्देश है कि मरीज के पहुंचने के पांच से सात मिनट के भीतर हर हाल में इलाज शुरू कर दिया जाए. फिलहाल 17 बेड की व्यवस्था है, जिसे जल्द बढ़ाकर 25 किया जाएगा.
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