नये साल पर आपकी राह निहार रही कैमूर की प्राकृतिक सुंदरता, देखें यहां के मनोरम वादियों की मनमोहक तस्वीरें

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 25 Dec 2022 7:50 AM

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कैमूर में दुर्गावती जलाशय परियोजना का निर्माण हुआ, तब से लोग इसे एक बार देखने के लिए कैमूर, रोहतास व अन्य जिलों व राज्यों से आते हैं. यहां पर्यटक या दर्शक आते हैं, तो पिकनिक का आनंद लेना नहीं भूलते है.

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राजू कुमार, रामपुर. कैमूर व रोहतास के बीच सीमा पर स्थित दुर्गावती जलाशय परियोजना अपनी खूबसूरती से सभी का मन मोह लेता है. यहां पर लोग आकर प्राकृतिक की सुंदर व मनोरम वादियों का आनंद ले सकते हैं. यह बिहार के कैमूर जिले के रामपुर प्रखंड के कैमूर पहाड़ी की वादियों के बीच अवस्थित है. यहां नये साल के जश्न व घूमने के लिए पिकनिक स्पॉट के रूप तैयार है और आपकी राह निहार रहा है. अब यह पर्यटकों को लुभाने लगा भी है. दुर्गावती परियोजना अपनी रमणियता व प्राकृतिक सुंदरता को लेकर पूर्व से ही आकर्षण का केंद्र है.

जब से दुर्गावती जलाशय परियोजना का निर्माण हुआ, तब से लोग इसे एक बार देखने के लिए कैमूर, रोहतास व अन्य जिलों व राज्यों से आते हैं. यहां पर्यटक या दर्शक आते हैं, तो पिकनिक का आनंद लेना नहीं भूलते है. प्रकृति की सुंदर वादियों, समुंद्र की तरह शांत जल के बीच अठखेलिया का आनंद लेना, चारों तरफ हरा भरा वृक्ष, झाड़ियां के बीच घूमना लोगों को एक अलग ही सुकून देता है. खास कर बच्चों जब बंदर एक डाली से दूसरी डाली पर उछलते कूदते देखते हैं, उनका खुशी का ठिकाना नहीं रहता है. इसके अलावा विशेष उत्सवों पर भी पिकनिक मनाने के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचते हैं. यहां प्राकृतिक मनोरम छटा देखने योग्य है. दुर्गावती डैम का नजारा वर्षा के दिनों सावन के महीना में और आनंद दोगुना हो जाता है.

झरना का उठा सकते हैं आनंद

वर्षा के दिनों में दुर्गावती जलाशय के बाबा गुप्तानाथ जाने वाले दक्षिण तरह के रास्ते में एक किमी की दूरी पर पहाड़ी से गिरने वाला पानी झरने सा प्रतीत होता है. यहां पर बरसात के दिनों में लोग दुर्गावती जलाशय घूमने के दौरान झरना का आनंद लेना नहीं भूलते हैं. यहां पर लोग पिकनिक में तरह-तरह के व्यंजन बना कर खाते हुए जिंदगी के कुछ लम्हों को यादगार के रूप में संयोग कर रखना चाहते हैं.

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नये साल पर पिकनिक का लुत्फ उठाते हैं युवा

प्रखंड के कोने-कोने से डीजे, साउंड बाक्स सहित अन्य म्यूजिक सिस्टमों के साथ युवकों को टोली पिकनिक मनाने के लिए पहुंचती है. यहां पर पहुंच कर युवकों की टोली संगीत की धुनों पर सुबह से लेकर शाम तक थिरकते हुए नये साल के स्वागत करते हुए पिकनिक का लुत्फ उठाते हैं. यहां पर वन विभाग, सिंचाई विभाग, जलाशय व पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी नये साल को अलग अंदाज में मनाने के लिए पिकनिक मनाते हैं. पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के चाक चौबंद व्यवस्था की जाती है.

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प्रकृति की गोद में बसा है यह डैम

दुर्गावती जलाशय परियोजना रोहतास के शेरगढ़ पहाड़ी व कैमूर के राजादेव टोंगर के पास की पहाड़ी के बीच से बहने वाली दुर्गावती नदी पर बनाया गया है. इसके निर्माण का उद्देश्य कैमूर व रोहतास के 33 हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचाई करना है. इस योजना का शिलान्यास 1976 में तत्कालीन उप प्रधानमंत्री जगजीवन राम ने किया था. इसके बाद इसके निर्माण में कई प्रकार की अड़चने आयी. लेकिन 38 साल बाद वर्ष 2014 में तत्कालीन मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी द्वारा इस परियोजना का उद्घाटन किया गया.

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बांस में से निकली है दुर्गावती नदी

सूत्रों के अनुसार, दुर्गावती नदी अधौरा प्रखंड के खुखुमा नाम के पहाड़ पर बांस के कुपड़ में से निकली है. इसमें से सदैव पानी बहता रहता है. यही से निकलने के बाद आगे जाकर एक नदी का रूप धारण कर लिया है. डैम के पूर्वी तट पर शेरगढ़ का प्राचीन भूमिगत किला है, जो दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. इसे भी लोग दुर्गावती जलाशय घूमने के बाद शेरगढ़ के किला को घूमना नहीं भूलते हैं. इस किले की रहस्यमयी दीवार जो पहाड़ी को काट कर बनाया गया है, वह देखते ही बनता है. यहां से कुछ ही दूरी पर भुड़कुड़ा का प्राचीन किला भी सैकड़ों वर्षों से विद्यमान है. वहां जाने वाले सैलानी दर्शकों को भ्रमण के लिए पूरा एक दिन भी समय कम पड़ जाता है. शेरगढ़ की ऊपरी प्राचीर से दुर्गावती जलाशय का विहंगम दृश्य देखते ही बनता है. साल दर साल बढ़ रही पर्यटकों की भीड़ आने वाले दिनों में इस स्थल को पर्यटन का नया केंद्र स्थापित कर सकता है.

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सागर की तरह शांत जल में कलरव करतीं पक्षियां

विदेशी व दुर्लभ पक्षियों का आश्रय स्थल दुर्गावती जलाशय परियोजना में सागर की तरह शांत जल में पक्षियों का अनोखा दृश्य देखने को मिलता है. तरह तरह के पक्षियों को देख खूब आनंद पा सकते हैं. दुर्गावती जलाशय परियोजना बिहार की महत्वाकांक्षी परियोजना है. इस परियोजना से रोहतास और कैमूर की 33 हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचित किया जाता है.

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ले चुके हैं जायजा

विगत 14 फरवरी 2017 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दुर्गावती जलाशय परियोजना का जायजा लेने पहुंचे थे. यहां उन्होंने कैमूर व रोहतास के क्षेत्र में किसानों के लिए सिंचाई व डैम के बारे में अधिकारियों को निर्देश दिया था. वहीं, दुर्गावती जलाशय पर प्रशासन की तरफ से रोहतास जिले व कैमूर जिले के पुलिस प्रशासन की सुविधा रहती है. लोग यहां पर एक बार डैम को जरूर देखने के लिए आते हैं, तो पिकनिक मनाना नहीं भूलते है. यहां पिकनिक में भोजन के रूप में ज्यादातर लोग ताजा ताजा मछली खाना पसंद करते हैं. यहां पर मछुआरे नाव व ट्यूब पर बैठ कर जाल से मछली मारते हैं.

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भभुआ जिला मुख्यालय से करीब 32 किमी व रामपुर प्रखंड मुख्यालय से 17 किमी की दूरी पर दक्षिण कैमूर पहाड़ी पर उक्त परियोजना स्थित है. यहां पहुंचने के लिए दो रास्ते हैं. एक सबार-भभुआ मुख्य सड़क के बाद दक्षिण के तरह सबार भीतरीबांध जाने वाले पथ से होकर व रोहतास के चेनारी से मल्हीपुर से होकर भी दुर्गावती डैम तक पहुंचा जा सकता है.

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