बिहार संग्रहालय के कंजर्वेशन लैब में मुगलकालीन फरमानों को किया जा रहा संरक्षित
Published by :JUHI SMITA
Published at :01 Nov 2025 6:38 PM (IST)
विज्ञापन

बिहार संग्रहालय में स्थापित संरक्षण प्रयोगशाला (कंजर्वेशन लैब) में मुगल काल के फरमान पर कार्य किया जा रहा है
विज्ञापन
संवाददाता, पटना
बिहार संग्रहालय में स्थापित संरक्षण प्रयोगशाला (कंजर्वेशन लैब) में मुगल काल के फरमान पर कार्य किया जा रहा है. बिहार संग्रहालय की डिप्टी डायरेक्टर मोमिता घोष ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से इस लैब में मुगल साम्राज्य (17वीं-18वीं शताब्दी) के महत्वपूर्ण पांडुलिपियों के संरक्षण का कार्य किया जा रहा है. ये पांडुलिपि मुगल काल के कुल 9 फरमान हैं. समय के साथ इन दस्तावेजों के कागज, कपड़े और मुहर पर बुरा प्रभाव पड़ा है. इन बेशकीमती धरोहरों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए संरक्षण का काम जोरों पर है. लैब का उद्घाटन इसी साल किया गया है. यह अत्याधुनिक लैब भारतीय विरासत संस्थान, नयी दिल्ली के सहयोग से स्थापित की गयी है. इसके निर्माण पर लगभग दो करोड़ रुपये की राशि खर्च हुई है.छह महीने में काम होगा पूरा
इस महत्वपूर्ण कंजर्वेशन कार्य में संरक्षणकर्ता संजीव कुमार सिंह, रजनीश कुमार और रोहिणी सिंह अहम योगदान दे रहे हैं. वे लैब में मौजूद विशेष उपकरणों और रसायनों की मदद से इन दस्तावेजों का संरक्षण कर रहे हैं. संरक्षणकर्ता संजीव कुमार सिंह बताते हैं कि सबसे पहले दस्तावेजों के फिजिकल डैमेज पर काम किया जाता है. लो प्रेशर टेबल की मदद से इन दस्तावेजों को सीधा किया जाता है और डैमेज की जानकारी जुटाई जाती है. इसके बाद, क्षतिग्रस्त हिस्सों में जापानी टिश्यू का इस्तेमाल किया जाता है. यह टिश्यू एसिड फ्री होता है और दस्तावेज को मजबूती प्रदान करता है. चिपकाने के लिए एडहेसिव में क्लूसेलजी और मिथाइल सैल्यूलोज का उपयोग किया जाता है. यह एडहेसिव एसिड फ्री होने के साथ-साथ रिवर्सिबल (जिसे बाद में हटाया जा सके) भी होता है, जो फटे हुए हिस्सों को जोड़ने में मदद करता है. वर्तमान में, एक दस्तावेज को पूरी तरह से संरक्षित करने में पांच से सात दिनों का वक्त लग रहा है. ऐसे में सभी नौ फरमानों को संरक्षित करने में कम से कम छह महीने का समय लगेगा. यह संरक्षण प्रयोगशाला बिहार की समृद्ध विरासत को सहेजने की दिशा में एक बड़ा कदम है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




