‘मुझे खुश करो नहीं तो…’ पटना में महिला रेफरी के साथ छेड़खानी, पाटलिपुत्र खेल परिसर का पूरा मामला जानिए…

Muzaffarpur Brutal Murder : brutal murder of a minor girl in Muzaffarpur Bihar.
Patna News: पटना के पाटलिपुत्र खेल परिसर कार्यालय में महिला रेफरी की इज्जत लूटने की कोशिश करने का मामला सामने आया है. महिला रेफरी ने पूर्व प्रेसिडेंट पर केस दर्ज करवाया है.
पटना में बिहार की एक पूर्व महिला खिलाड़ी ने अपने साथ छेड़खानी करने का मामला दर्ज कराया है. आरोप बिहार भारोत्तोलन के प्लानिंग और डेवलपमेंट के चेयरमैन अरुण कुमार केसरी पर लगा है. पीड़िता ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में रेफरी बनाने के फेवर में अपने साथ पाटलिपुत्र खेल परिसर के कार्यालय में छेड़खानी होने का दावा किया है. उन्होंने दर्ज केस में लगाए गए आरोपों में जिक्र किया है कि अरुण कुमार केसरी ने कार्यालय में बुलाकर किस तरह उसके साथ छेड़खानी की. वहीं दिल्ली खेल मंत्रालय तक भी इसकी शिकायत की गयी है.
महिला खेल रेफरी ने जबरदस्ती करने का लगाया आरोप
बिहार की एक पूर्व महिला खिलाड़ी ने पाटलिपुत्र खेल परिसर के कार्यालय में अपने साथ छेड़खानी होने का दावा करते हुए बिहार भारात्तोलन के प्लानिंग और डेवलपमेंट के चेयामैन अरुण कुमार केसरी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. पीड़िता वर्तमान में वेट लिफ्टिंग खेल में रेफरी का काम करती है और उसने अपने साथ छेड़खानी होने के मामले में केस दर्ज कराया है. पीड़िता के अनुसार, उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश कंकड़बाग थाना अंतर्गत स्थित पाटलिपुत्र खेल परिसर में की गयी.
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पीड़िता और आरोपी के बीच क्या हुई बात?
पीड़िता ने पुलिस को बताया है कि एक नेशनल कंप्टीशन में रेफरी के लिए उसका नाम नहीं आया तो उसने अरुण कुमार केसरी को बीते 4 दिसंबर को फोन करके पूछा कि उसका नाम क्यों नहीं आया. जिसके बाद उन्होंने 6 दिसंबर को पाटलिपुत्र खेल परिसर में आकर मिलने बोला. उसके बाद अगले दिन 5 दिसंबर को उन्होंने व्हाट्सएप पर मैसेज किया और कहा कि 6 दिसंबर को मत आना मैं राजगीर जा रहा हूं. तुम 7 दिसंबर को मिलने आना. उसके बाद जब 7 दिसंबर को उनसे मिलने पाटलिपुत्र खेल परिसर स्थित उनके कार्यालय गयी तो वहां वो अकेले थे.
बंद कमरे में पीड़िता के साथ क्या हुआ, केस में किया जिक्र…
पीड़िता ने आरोप लगाते हुए लिखा है कि ” थोड़ी देर तक बात करने के बाद अरुण केसरी ने मुझसे कहा कि तुम मुझे कमरे में खुश नहीं करोगी तो किसी भी प्रतियोगिता में रेफरी में तुम्हारा नाम नहीं जाएगा. तुम्हारा कैरियर मैं बर्बाद कर दूंगा.” पीड़िता ने दर्ज केस में आरोप लगाया है कि अरुण केसरी ने ऑफिस का कमरा बंद कर दिया और जोर जबरदस्ती करने लगा. मना करने पर भी कपड़ा खोलने का प्रयास करने लगा और मेरे शरीर से चिपकने लगा. जिसे बाद कार्यालय का कमरा खोलकर वहां से किसी तरह भागी और डायल 112 को फोन किया. डायल 112 की टीम के आने से पहले ही अरुण कुमार केसरी मौके पर से फरार हो गया.
अपने ऊपर लगे आरोपों पर क्या बोले अरुण केसरी?
इधर, कंकड़बाग थाना के थानेदार नीरज कुमार ठाकुर ने बताया कि मामले में केस दर्ज किया गया है और जांच की जा रही है. वहीं अरुण कुमार केसरी ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि वह (पीड़िता) मुझपर रेफरी में नाम डालने का दबाव बनाकर मुझे ब्लैकमेल कर रही है. उसके आरोप गलत हैं. बताते चलें कि अरुण केसरी जहानाबाद के रहने वाले हैं और 2010 के चर्चित CWG घोटाले में अरुण केसरी के घर में सीबीआई की रेड भी हुई थी.
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By Thakurshaktilochan Sandilya
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