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मोकामा में गंगा पर नया रेल पुल तैयार, मई से दौड़ेंगी ट्रेनें, इन लोगों को मिलेगा फायदा

Updated at : 07 Mar 2026 4:51 PM (IST)
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mokama ganga rail bridge

मोकामा में गंगा पर रेल पुल तैयार

Bihar News: मोकामा में गंगा नदी पर राजेंद्र सेतु के समानांतर बन रहा नया डबल ट्रैक रेल पुल लगभग तैयार हो गया है. अप्रैल तक काम पूरा होने और सीआरएस निरीक्षण के बाद मई से इस पुल पर ट्रेनों का परिचालन शुरू होने की संभावना है.

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Bihar News: बिहार में रेल यात्रियों के लिए जल्द ही बड़ी खुशखबरी मिल सकती है. मोकामा में गंगा नदी पर राजेंद्र सेतु के समानांतर बन रहे नए रेल पुल पर मई से ट्रेनों का परिचालन शुरू होने की संभावना है. करीब 1.86 किलोमीटर लंबे इस डबल ट्रैक रेल पुल का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है. अभी इसे मोकामा-बरौनी रेलखंड से जोड़ने के लिए पटरी बिछाने का काम तेजी से चल रहा है.

रेलवे अधिकारियों के अनुसार अप्रैल तक पुल को पूरी तरह तैयार करने का लक्ष्य है. इसके बाद विद्युतीकरण (Electrification) का काम पूरा किया जाएगा. फिर सीआरएस (कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी) निरीक्षण होगा. निरीक्षण के बाद मई में ही इस पुल से ट्रेनें चलने की उम्मीद जताई जा रही है.

उत्तर और दक्षिण बिहार को मिलेगा फायदा

इस नए पुल के चालू होने से उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच रेल संपर्क और मजबूत हो जाएगा. अभी गंगा पार करने के लिए ट्रेनों को काफी दबाव झेलना पड़ता है. नया पुल बनने से ट्रेनों की आवाजाही आसान और तेज हो जाएगी. यात्रियों को भी सफर में राहत मिलेगी.

एप्रोच लाइन सहित कुल लंबाई 14 किमी

रेलवे इस पुल को मोकामा-बरौनी रेलखंड से जोड़ने के लिए करीब 14 किलोमीटर लंबी एप्रोच रेल लाइन तैयार कर रहा है. इस पूरी परियोजना पर लगभग 1700 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं. पुल के साथ एप्रोच लाइन का निर्माण भी तेजी से पूरा किया जा रहा है.

आधुनिक तकनीक से तैयार हुआ पुल

यह नया रेल पुल आधुनिक तकनीक से बनाया गया है. पहले राजेंद्र सेतु पर केवल एक ही रेल लाइन थी. इसके कारण ट्रेनों को कई बार लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता था. इससे समयपालन भी प्रभावित होता था.

नया पुल शुरू होने के बाद दोहरी पटरियों पर एक साथ ट्रेनों का संचालन संभव होगा. इससे ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी और परिचालन भी ज्यादा सुचारू होगा. खास बात यह है कि नए पुल के चालू होने के बाद भी राजेंद्र सेतु पर ट्रेनों का संचालन जारी रहेगा.

110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेनें

इस पुल पर स्टील स्लीपर लगाए गए हैं. इसकी वजह से ट्रेनें यहां से करीब 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गुजर सकेंगी. इसका फायदा यात्रियों के साथ-साथ मालगाड़ियों को भी मिलेगा. इस पुल की आधारशिला साल 2016 में रखी गई थी, जबकि निर्माण कार्य 2018 में शुरू हुआ था. अब काम अंतिम चरण में है. ऐसे में उम्मीद है कि मई से गंगा पर यह नया रेल पुल बिहार के रेल नेटवर्क को नई रफ्तार देगा.

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Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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