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विधायकों को मिलेंगे नये आवास व तीन बॉडीगार्ड, हारने वालों की सुरक्षा घटेगी

Updated at : 18 Nov 2025 1:20 AM (IST)
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विधायकों को मिलेंगे नये आवास व तीन बॉडीगार्ड, हारने वालों की सुरक्षा घटेगी

बिहार विधानसभा चुनाव का रिजल्ट आने के बाद नयी सरकार के गठन की प्रक्रिया चल रही है. 18वीं विधानसभा के लिए चुने गये 243 विधायकों में इस बार 132 पहली बार चुनाव जीतकर सदन पहुंचे हैं.

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संवाददाता, पटना

बिहार विधानसभा चुनाव का रिजल्ट आने के बाद नयी सरकार के गठन की प्रक्रिया चल रही है. 18वीं विधानसभा के लिए चुने गये 243 विधायकों में इस बार 132 पहली बार चुनाव जीतकर सदन पहुंचे हैं. इन नये विधायकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्पेशल ब्रांच ने अपनी रिपोर्ट तैयार की है. इसके मुताबिक स्पेशल ब्रांच ने संबंधित जिलों के एसपी को इस संबंध दिशा- निर्देश जारी कर दिये हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नवनिर्वाचित विधायक द्वारा जिला पुलिस कार्यालय को आवेदन प्राप्त होते ही तीन अंगरक्षक उपलब्ध करा दिये जायेंगे. इसके साथ ही हारे हुए विधायक – मंत्रियों को प्रोटोकाल के तहत मिली अतिरिक्त सुरक्षा वापस लेने के लिए भी समीक्षा की जा रही है. 132 विधायक चुनाव हार गये हैं. इनमें मंत्री सुमित कुमार भी हैं. नियमानुसार हारे हुए विधायकों की सुरक्षा में केवल एक- एक गार्ड रहेगा. बाकी सुरक्षाकर्मी वापस करने होंगे. यदि किसी को खतरा है, तो एसएसपी कार्यालय में आवेदन देना होगा. एसएसपी नये सिरे से सुरक्षा पर विचार कर कर निर्णय लेंगे.

पुलिस के एक आला अधिकारी ने कहा कि यह एक रूटीन प्रक्रिया है. चुनाव होने के बाद नये विधायकों की सुरक्षा व्यवस्था होती है. इसी लिहाज से स्पेशल ब्रांच ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर संबंधित जिलों के एसपी को अवगत करा दिया है.

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था किसी थ्रेट इनपुट के आधार पर नहीं की गयी है. यह एक सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है. राज्य सरकार द्वारा विधायकों को सुरक्षा गार्ड प्रदान किये जाते हैं, जिनकी संख्या उनकी खतरे की स्थिति के आधार पर

तय की जाती है. विधायकों की सुरक्षा का मतलब है उनकी जान-माल और संपत्ति की रक्षा के लिए किये गये उपाय शामिल होते हैं. इसमें सुरक्षा गार्ड

और शारीरिक सुरक्षा शामिल हैं. सरकारी अंगरक्षक पाने वाले सबसे ज़्यादा वीआइपी बिहार में हैं. देश के अनुपात में इनकी संख्या 20 फीसदी है. बिहार पुलिस का 20 फीसदी जवान इन्हीं की सुरक्षा में लगा हुआ है. एक अगस्त, 2025 को राज्य सुरक्षा समिति की बैठक में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव समेत छह नेताओं की सुरक्षा बढ़ा दी गयी थी. सम्राट चौधरी और तेजस्वी यादव को उन्नत सुरक्षा संपर्क (एएसएल) के साथ ‘जेड प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा दी गयी थी. सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव और प्रदीप कुमार सिंह , बाढ़ से विधायक रहे ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ज्ञानू और एमएलसी नीरज कुमार को वाइ प्लस सुरक्षा प्रदान की गयी थी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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RAKESH RANJAN is a contributor at Prabhat Khabar.

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