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पटना में लोन देने के नाम पर पांच करोड़ से ज्यादा की ठगी, महेंद्र सिंह धोनी की फोटो का करते थे इस्तेमाल

Updated at : 20 Dec 2022 12:26 AM (IST)
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पटना में लोन देने के नाम पर पांच करोड़ से ज्यादा की ठगी, महेंद्र सिंह धोनी की फोटो का करते थे इस्तेमाल

गिरफ्तार आकाश कुमार सिन्हा नालंदा के दीपनगर थाने से साइबर ठगी के मामले में पहले भी जेल जा चुका है, जबकि आकाश कुमार को छतीसगढ़ के सरगुजा के अंबिकापुर कोतवाली थाने की पुलिस ने वर्ष 2020 में गिरफ्तार कर जेल भेजा था.

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भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का फोटो लगा कर पांच करोड़ से अधिक की ठगी करने वाले पांच साइबर बदमाशों को पत्रकार नगर थाने की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. ये धनी फाइनांस के नाम पर लोगों को लोन देने का झांसा देकर ठगी करते थे. गिरफ्तार सभी बदमाशों की उम्र 18 से 25 साल के बीच में है. इन लोगों के पास से पुलिस ने साइबर ठगी से जमा किये गये 1.45 लाख नकद, 10 मोबाइल फोन, एचपी कंपनी का एक लैपटॉप, क्रिकेटर महेंद्र सिंह धौनी के फोटो का लोगो लगा फर्जी धानी फाइनांस लोन के दस्तावेज, हजारों लोगों के मोबाइल नंबर की सूचीयुक्त चार रजिस्टर व एक पल्सर बाइक बरामद की गयी है.

गिरफ्तार आकाश कुमार सिन्हा नालंदा के दीपनगर थाने से साइबर ठगी के मामले में पहले भी जेल जा चुका है, जबकि आकाश कुमार को छतीसगढ़ के सरगुजा के अंबिकापुर कोतवाली थाने की पुलिस ने वर्ष 2020 में गिरफ्तार कर जेल भेजा था. आकाश ही गिरोह का सरगना है और यह हाल में ही जमानत पर छूटा और फिर से कुछ अन्य को साथ में लेकर साइबर ठगी शुरू कर दी. इन लोगों ने खेमनीचक में किराये का फ्लैट ले रखा था और वहां से ही ठगी का कार्यालय चलाया जा रहा था.

पकड़े गये सभी युवक छात्र हैं. ये सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते थे, लेकिन साइबर ठगी के धंधे में लाखों की आमदनी होने के कारण पढ़ाई छोड़ दी. प्रतिदिन लाखों की ठगी करने के बाद ये लोग अय्याशी के लिए कोलकाता भी जाते थे और गलफ्रेंड भी बना रखा था. ये लोग पांच साल से अधिक समय से इस धंधे में थे. एसएसपी डॉ मानवजीत सिंह ढिल्लो ने बताया कि गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों को पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है. इन लोगों के पास से बरामद लैपटॉप, मोबाइल फोन व अन्य सामान की जांच की जा रही है और जो लोग भी शामिल होंगे, उन्हें गिरफ्तार किया जायेगा.

लोन देने के नाम पर करते थे ठगी

इस गिरोह ने धानी फाइनांस नाम से एक कंपनी बना रखी थी. साथ ही कई जगहों व इंटरनेट के माध्यम से लोगों के नंबर को जुटा कर उसे रजिस्टर में अंकित कर रखा था. इसके बाद यह गिरोह उन लोगों के नंबरों पर कॉल या एसएमएस के माध्यम से संपर्क करता और आसान प्रक्रिया और बिना ब्याज के लोन देने की पेशकश करते. जैसे ही लोग अपनी इच्छा जाहिर करते, वैसे ही ये लोग रजिस्ट्रेशन, प्रोसेसिंग फीस, इंश्योरेंस, जीएसटी के नाम पर पांच हजार से 50 हजार रुपये तक अपने खाते में डलवा लेते थे. खास बात यह है कि सिम कार्ड व बैंक खाता भी ये लोग फर्जी नाम व पता के आधार पर लेकर रखते थे. जिसके कारण पुलिस इन तक नहीं पहुंच पा रही थी.

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संदिग्ध हालत में देख कर पुलिस ने खदेड़ कर पकड़ा

जानकारी के अनुसार, पत्रकार नगर थानाध्यक्ष मनोरंजन कुमार भारती अपनी टीम के साथ गश्ती कर रहे थे. इसी बीच एचडीएफसी बैंक के सटे 14 नंबर रोड की ओर जाने वाली गली में गौतम व भरत को संदिग्ध हालत में पाया. इसके बाद पुलिस ने उन लोगों को रोकने की कोशिश की, तो भागने लगे. इसके बाद पुलिस ने दोनों को खदेड़ कर पकड़ लिया. इसके बाद खेमनीचक में इनके कार्यालय में छापेमारी की, तो साइबर ठगी से संबंधित कई कागजात, मोबाइल फोन व अन्य सामान बरामद किये गये.

1000 रुपये दो और तीन मिनट में लो 15 लाख का लोन

पुलिस ने इन लोगों के पास से धानी फाइनांस के जो दस्तावेज बरामद किये हैं, उनमें यह अंकित है कि बस एक हजार रुपये दो और महज तीन मिनट में 15 लाख का लोन लो. कागजात में धानी फाइनांस के साथ क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी का लोगो भी लगा हुआ है.

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