निवेशकों के आवेदन पर विलंब से पहल स्वीकार्य नहीं : डा दिलीप कुमार जायसवाल

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निवेशकों के आवेदन पर विलंब से पहल स्वीकार्य नहीं : डा दिलीप कुमार जायसवाल

राज्य के उद्योग मंत्री डा दिलीप कुमार जायसवाल विभागीय अधिकारियों से साफ कहा कि किसी भी निवेशक के आवेदन में अनावश्यक विलंब स्वीकार्य नहीं है.

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एएमएसएमइ, एसआइपीबी पर खास जोर:: निवेशकों को पोर्टल पर मिले समय से जवाब संवाददाता,पटना राज्य के उद्योग मंत्री डा दिलीप कुमार जायसवाल विभागीय अधिकारियों से साफ कहा कि किसी भी निवेशक के आवेदन में अनावश्यक विलंब स्वीकार्य नहीं है. इसके लिए प्रत्येक चरणवार स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित की जानी चाहिए. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पोर्टल को ऐसी व्यवस्था से सुदृढ़ किया जाये, जिससे सभी विभाग समयबद्ध तरीके से जवाब दें और निवेशक को वास्तविक “वन-स्टॉप क्लियरेंस ” का अनुभव मिले. डा जायसवाल मंगलवार को स्टार्टअप, एसआइपीबी, एमएसएमइ तथा औद्योगिक प्रोत्साहन से संबंधित सभी प्रमुख योजनाओं और नीतियों की विस्तृत समीक्षा की. समीक्षा में में उद्योग निदेशक मुकुल कुमार गुप्ता समेत निदेशालय से संबंधित सहायक निदेशक तथा संबंधित प्रकोष्ठों के पदाधिकारी उपस्थित रहे. उद्योग मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि उद्योग निदेशालय को प्रदेश के औद्योगिक विकास की धुरी के रूप में अपनी भूमिका को और अधिक सुदृढ़ करना होगा.एसआइपीबी बैठकों के कागजात और लंबित मामलों की पूरी सूची तैयार करने और उसे अद्यतन रखने का दायित्व भी उद्योग निदेशालय को सौंपा गया. मंत्री ने कहा कि उद्योग निदेशालय की दक्षता, समन्वय क्षमता और नीति-क्रियान्वयन की मजबूती आने वाले समय में बिहार के औद्योगिक भविष्य को निर्णायक रूप से प्रभावित करेगी. उन्होंने उम्मीद जतायी कि उद्योग निदेशालय और विभाग की टीम की सक्रिय भूमिका के कारण बिहार जल्द ही निवेश, स्टार्टअप और एमएसएमइविकास के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा. उद्योग निदेशक मुकुल कुमार गुप्ता ने उद्योग मंत्री को एसआइपीबी और उसके सचिवालय की कार्यप्रणाली पर विस्तृत जानकारी दी. मंत्री द्वारा राज्य में कुल एमओयू का संपूर्ण विवरण तैयार करने का निर्देश दिया गया. बैठक में बताया गया कि बिहार की 2016 की औद्योगिक नीति और बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज 2025 प्रभावी रूप से जारी है.इसके अतिरिक्त राज्य की टेक्सटाइल एवं लेदर नीति, एथनॉल उत्पादन प्रोत्साहन नीति तथा लॉजिस्टिक नीति की प्रगति पर भी विस्तृत चर्चा हुई. बैठक में स्टार्टअप बिहार पॉलिसी 2022 की प्रगति पर भी विस्तृत चर्चा की गयी. कहा गया कि राज्य सरकार एमएसएमइ क्लस्टर डेवलपमेंट प्रोग्राम, आरएएमपी योजना और पीएमइजीपी जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को मजबूत आधार प्रदान कर रही है. .

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