RJD में गृहयुद्ध : आर या पार के मूड में रोहिणी आचार्य! Tejashwi Yadav और 'आयातित गुरुओं' पर किया सीधा वार
Published by : Keshav Suman Singh Updated At : 27 Jan 2026 11:16 PM
लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य ने आज एक के बाद एक कई विस्फोटक पोस्ट किए हैं. इस पोस्ट के जरिए रोहिणी ने आरजेडी के वर्तमान नेतृत्व और तेजस्वी यादव की कार्यशैली पर करारा हमला बोला है. प्रतीकात्मक तस्वीर.
इस वक्त लालू परिवार में घमासान की स्थिति नजर आ रही है. जो राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की नींव हिला सकता है. लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सीधे तौर पर अपने भाई तेजस्वी यादव और उनके करीबियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. देखने वाली बात ये है कि ये लालू की विरासत को बचाने की जंग है या पार्टी की सत्ता पर कब्जे का संघर्ष? पढ़ें पूरी खबर…
खबर में खास
Lalu Family Conflict Rjd Internal Power Struggle : लालू यादव के सियासी परिवार के भीतर एक आग लंबे समय से सुलग रही है. अकसर इस आग की लपटों को राबड़ी आवास की चार दिवारी के पीछे छिपा दिया जाता रहा है. मगर अब इस आग की लपटें चार दिवारी पार कर रही हैं. अब ये सड़कों और सोशल मीडिया पर दिखाई देने लगीं हैं. आज एक बार फिर उसी आग की धधक देखने को मिली है. जो भीतर-भीतर सुलग रही थी.
रोहिणी की खुली बगावत
लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य ने आज एक के बाद एक कई विस्फोटक पोस्ट किए हैं. इस पोस्ट के जरिए रोहिणी ने आरजेडी के वर्तमान नेतृत्व और तेजस्वी यादव की कार्यशैली पर करारा हमला बोला है. माना जा रहा है रोहिणी का यह गुस्सा न केवल चुनावी हार पर है, बल्कि तेजस्वी को ‘कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष’ बनाए जाने पर भी है. इसे तेजस्वी और उनके इर्द-गिर्द मौजूद ‘सलाहकारों’ की चौकड़ी के खिलाफ जंग का ऐलान के तौर पर देखा जा रहा है.
‘आयातित गुरु’ और गुर्गों ने किया सर्वनाश
आपको याद होगा कि बिहार विधानसभा चुनाव में हार के बाद रोहिणी इन ‘गुरुओं’ के खिलाफ रोहिणी पहले भी मोर्चा खोल चुकी हैं. आज एक बार फिर उन्होंने जंग का ऐलान किया है. रोहिणी ने किसी का नाम नहीं लिया लेकिन तेजस्वी यादव और उनकी रणनीतिक टीम को ‘आयातित गुरु’ कहकर जरूर संबोधित किया. रोहिणी ने दोनों पर लालू जी की पार्टी को बर्बाद करने का आरोप लगाया. रोहिणी ने कहा कि इन लोगों ने लालू जी के दशकों के संघर्ष को मिट्टी में मिला दिया है. रोहिणी का आरोप है कि पार्टी के निष्ठावान ‘लालूवादियों’ को दरकिनार किया गया और कुछ ‘घटिया लोगों’ को सर्वेसर्वा बना दिया गया. जिसकी वजह से RJD बर्बादी की कगार पर पहुंच गया है.
‘ज्ञान देने वाले सच्चाई से मुंह न चुराएं’
रोहिणी ने Tejashwi Yadavके नेतृत्व पर सीधे सवाल उठाया है. उन्हें ‘कठपुतली’ तक करार दिया. उन्होंने अपने पोस्ट में तीन बड़े सवाल उठाए. जो तेजस्वी की लीडरशिप को चुनौती देते हैं.
1 : समीक्षा रिपोर्ट का सच: रोहिणी आचार्य ने तेजस्वी यादव से पूछा है कि बिहार विधानसभा चुनाव में हार के बाद जो समीक्षा हुई, उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की गई?
2 : दोषियों पर नरमी क्यों?: उन्होंने पूछा, जिन लोगों की वजह से हार हुई, उन पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई? वहीं, उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जिन लोगों की वजह से हार हुई, उन्हें सजा देने के बजाय संरक्षण क्यों दिया जा रहा है?
3 : नैतिक साहस का अभाव: रोहिणी ने तेजस्वी यादव का नाम लिए बगैर तेजस्वी यादव को ललकारा है. उन्होंने अपने पोस्ट में कहा कि अगर ‘नैतिक साहस’ है, तो खुले मंच पर आकर इन सवालों का सामना करें.
आर- पार की जंग की तैयारी में रोहिणी आचार्य?
Rohini Achayra के पोस्ट को देखकर ये साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि वो इस वक्त काफी गुस्से में हैं. इतना ही नहीं वो तेजस्वी यादव और उनके आस-पास मौजूद लोगों से सीधे टकराने का भी मन बना चुकी हैं. रोहिणी का यह गुस्सा तब फूटा है, जब तेजस्वी यादव को पार्टी की पूरी कमान सौंपने की तैयारी की जा चुकी है. रोहिणी का कहना है कि पार्टी के पुराने कार्यकर्ता और समर्थक इस ‘नए सिस्टम’ में घुटन महसूस कर रहे हैं। ‘ज्ञान कौन दे रहा और सच्चाई से कौन मुंह चुरा रहा, ये अब साफ हो जाएगा…’ उनका यह कहना ये बताने के लिए काफी है कि अब आरजेडी के भीतर आर-पार की जंग शुरू हो चुकी है.
सत्ता संघर्ष’ या लालू की विरासत बचाने की जंग!
बिहार विधानसभा चुनावों से ठीक पहले रोहिणी आचार्य के तीखे तेवरों ने विरोधियों (JDU-BJP) को बैठे-बिठाए बड़ा मुद्दा दे दिया था। सियासी गलियारों में चर्चा है कि क्या तेजस्वी यादव अपनी बहन के इन गंभीर आरोपों का जवाब देंगे, या फिर ‘आयातित गुरुओं’ की सलाह पर चुप्पी साधे रखेंगे? बहरहाल, लालू परिवार में ‘आयातित गुरु’ की वजह से Family Conflict है। रोहिणी के इस पोस्ट के बाद पटना से लेकर दिल्ली तक आरजेडी खेमे में सन्नाटा है। अब देखने वाली बात ये है कि क्या यह लालू परिवार के भीतर ‘सत्ता संघर्ष’ की नई शुरुआत है? या केवल बर्बाद होती पार्टी को बचाने की रोहिणी आचार्य की जंग!
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लेखक के बारे में
By Keshav Suman Singh
बिहार-झारखंड और दिल्ली के जाने-पहचाने पत्रकारों में से एक हैं। तीनों विधाओं (प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और वेब) में शानदार काम का करीब डेढ़ दशक से ज्यादा का अनुभव है। वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में बतौर डिजिटल हेड बिहार की भूमिका निभा रहे हैं। इससे पहले केशव नवभारतटाइम्स.कॉम बतौर असिसटेंट न्यूज एडिटर (बिहार/झारखंड), रिपब्लिक टीवी में बिहार-झारखंड बतौर हिंदी ब्यूरो पटना रहे। केशव पॉलिटिकल के अलावा बाढ़, दंगे, लाठीचार्ज और कठिन परिस्थितियों में शानदार टीवी प्रेजेंस के लिए जाने जाते हैं। जनसत्ता और दैनिक जागरण दिल्ली में कई पेज के इंचार्ज की भूमिका निभाई। झारखंड में आदिवासी और पर्यावरण रिपोर्टिंग से पहचान बनाई। केशव ने करियर की शुरुआत NDTV पटना से की थी।
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