लखीसराय के DM मिथिलेश मिश्र हटाए गए, धान खरीद गड़बड़ी मामले में कार्रवाई, विभागीय जांच जारी

Updated at : 07 Apr 2026 9:00 PM (IST)
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lakhisarai dm mithilesh mishra

डीएम मिथिलेश मिश्रा की तस्वीर

Bihar News: बिहार सरकार ने लखीसराय के डीएम मिथिलेश मिश्र को पद से हटा दिया है. धान खरीद में गड़बड़ी का आरोप लगा है. मामले में विभागीय जांच जारी है. आगे और कार्रवाई की संभावना है.

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Bihar News: बिहार सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए लखीसराय के जिलाधिकारी मिथिलेश मिश्र को पद से हटा दिया है. धान खरीद में कथित गड़बड़ी के आरोपों के बाद यह कार्रवाई की गई है, जिससे प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है.

सामान्य प्रशासन विभाग ने मंगलवार को आदेश जारी कर मिथिलेश मिश्र को उनके पद से हटा दिया. फिलहाल उन्हें पटना स्थित विभाग में योगदान देने को कहा गया है. उनके स्थान पर एडीएम नीरज को डीएम का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है.

धान खरीद में गड़बड़ी का आरोप

बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई धान अधिप्राप्ति वर्ष 2025-26 के दौरान अतिरिक्त लक्ष्य के आवंटन में अनियमितताओं के आरोपों के कारण हुई है. लखीसराय में धान खरीद का लक्ष्य 47,235 मीट्रिक टन तय था, जिसके अलावा 8000 एमटी का अतिरिक्त लक्ष्य दिया गया था.

अतिरिक्त लक्ष्य के वितरण में अनियमितता

शिकायतें मिली थीं कि इस अतिरिक्त लक्ष्य के वितरण में नियमों का पालन नहीं किया गया. इसके बाद सहकारिता विभाग ने जांच शुरू की, जिसमें कई शुरुआती गड़बड़ियां सामने आईं.

स्पष्टीकरण नहीं आया काम

जांच के दौरान मिथिलेश मिश्र से स्पष्टीकरण मांगा गया, जिसे उन्होंने 24 मार्च 2026 को प्रस्तुत किया. हालांकि विभागीय समीक्षा में उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया. अधिकारियों के मुताबिक, उनके द्वारा दिए गए तर्क अभिलेखीय तथ्यों से मेल नहीं खाते.

कदाचार की श्रेणी में मामला

सामान्य प्रशासन विभाग ने इस मामले को अखिल भारतीय सेवाएं (आचरण) नियमावली, 1968 के तहत कदाचार माना है. इसके साथ ही अखिल भारतीय सेवाएं (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1969 के तहत विभागीय कार्रवाई शुरू करने का निर्णय लिया गया है.

डेढ़ साल से थे लखीसराय के DM

मिथिलेश मिश्र सितंबर 2024 से लखीसराय के जिलाधिकारी के पद पर तैनात थे. करीब डेढ़ साल के कार्यकाल के बाद इस तरह का एक्शन प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल भी खड़े कर रहा है.

जांच जारी, आगे और कार्रवाई संभव

फिलहाल मामले की विभागीय जांच जारी है. सरकार के इस सख्त कदम से यह संकेत मिला है कि प्रशासनिक लापरवाही या अनियमितताओं पर अब तुरंत कार्रवाई की जाएगी. आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े फैसले हो सकते हैं.

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लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

अभिनंदन पांडेय डिजिटल माध्यम में पिछले 2 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर तक का मुकाम तय किए हैं. अभी डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास करते हैं. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखते हैं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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