IPS Awakash Kumar: नए साल से पहले पटना को मिला नया एसएसपी, जानें क्यों गिरिराज सिंह से भीड़ गए थे अवकाश कुमार

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 28 Dec 2024 10:06 PM

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एसएसपी अवकाश कुमार

IPS Avakash Kumar: बिहार की राजधानी पटना को नया साल से पहले नया एसएसपी अवकाश कुमार के रूप में मिला है. आइये इनके बारे में जानते हैं.

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IPS Awakash Kumar: नए साल आने से पहले आखिरी हफ्ते बिहार में बड़े पैमाने पर आईपीएस अफसरों का ट्रांसफर किया गया है. कुल 26 आईपीएस का ट्रांसफर हुआ है. बिहार कैडर के हर आईपीएस का एक ही सपना होता है कि वो पटना एसएसपी बने. बिहार सरकार के इस ट्रांसफर-पोस्टिंग में पटना के एसएसपी भी बदले गए हैं. 2012 बैच के आईपीएस अवकाश कुमार को पटना का एसएसपी बनाया गया है. अवकाश कुमार वर्तमान में सीआईडी पुलिस अधीक्षक के तौर पर पटना पुलिस मुख्यालय में तैनात थे.

अवकाश कुमार तेजतर्रार आईपीएस के तौर जाने जाते हैं. सीआईडी पुलिस अधीक्षक से पहले साल 2020 में बेगूसराय के एसपी रह चुके हैं. अवकाश कुमार जब बेगूसराय के एसपी थे. तब केंद्रीय मंत्री सह स्थानीय सांसद गिरिराज सिंह ने अवकाश कुमार की शिकायत तत्कालीन डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे से की थी. साथ ही फोन पर गिरिराज सिंह ने अवकाश कुमार को जमकर फटकार लगाई थी. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बेगूसराय में बढ़ते अपराध के लिए एसपी अवकाश कुमार को जिम्मेदार ठहराया और अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया था.

अवकाश कुमार से क्यों भिड़े थे गिरिराज सिंह

4 फरवरी 2020 को बेगूसराय के फुलवरिया में छात्र प्रिंस कुमार की सड़क हादसे में मौत हो गई थी. इस मामले में परिजनों ने हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था. आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजन एसपी ऑफिस पहुंचे और हंगामा कर दिया. इस घटना के बाद पुलिस ने मृतक के चार परिजनों को हंगामा करने के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. इसे लेकर बिफरे गिरिराज सिंह ने एसपी को फोन कर जमकर खरी खोटी सुनाई थी और बाद में गिरिराज सिंह ने तत्कालीन डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे से मिलकर अवकाश कुमार की शिकायत की थी. तब अवकाश कुमार ने अपने ऊपर लगे सारे आरोप सिरे से खारिज करते हुए कहा था कि क्षेत्रीय सांसद गिरिराज सिंह के पास आरोपों के समर्थन में सबूत हैं, तो वे वरिष्ठ अधिकारियों को सबूत के साथ इसकी जानकारी दें. आरोप सिद्ध होने पर वह किसी भी सजा के लिए तैयार हैं.

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कौन हैं आईपीएस अवकाश कुमार

गौरतलब है कि अक्टूबर 2018 में आरा से ट्रांसफर कर अवकाश कुमार को बेगूसराय का एसपी बने था. फिर दिसंबर 2021 में 3 साल से ज्यादा का कार्यकाल पूरा होने के बाद उनका तबादला दरभंगा एसएसपी के रूप में किया गया है. जब एसपी अवकाश कुमार ने बेगूसराय में जब कार्यभार संभाला था उस वक्त कई ठोस कार्यवाही कर अपराधियों को चुनौती दी गई थी. जिसमें 12 जनवरी 2019 को हुई एक मुठभेड़ में पुलिस ने तीन कुख्यात बदमाशों को मार गिराया था. जिसका नेतृत्व खुद एसपी अवकाश कुमार कर रहे थे. चेरिया बरियारपुर थाना क्षेत्र में एक बगीचे में पुलिस ने कुख्यात बदमाश सुमंत कुमार, धर्मा यादव और बलराम सहनी को मुठभेड़ में मार गिराया था.

बेगूसराय में 2019 का लोकसभा चुनाव जिसमें बीजेपी के फायर ब्रांड नेता गिरिराज सिंह और सीपीआई से कन्हैया कुमार चुनाव मैदान में थे उस चुनाव को शांतिपूर्वक करा लिया। 2020 में बिहार विधानसभा चुनाव और 2021 में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का भी सफलतापूर्वक संचालन हुआ जो इनके लिए उपलब्धि मानी जाती है.

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Paritosh Shahi

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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