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कृषि रोडमैप के कारण बिहार में दूध, मांस, अंडा और मछली के उत्पादन में हुई बढ़ोतरी : नीतीश कुमार

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
 पीएम के उद्घाटन एवं शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी
पीएम के उद्घाटन एवं शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी
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पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि बिहार में अभी तीसरा कृषि रोड मैप (2017-22) पर काम चल रहा है. इस कारण यहां दूध के अलावा मांस, अंडा और मछली समेत कई चीजों के उत्पादन पर भी बढ़ोतरी हुई है. सीएम गुरुवार को मुख्य सचिवालय के सभागार से पीएम के उद्घाटन एवं शिलान्यास कार्यक्रम से ऑनलाइन जुड़े हुए थे.

उन्होंने कहा कि इस मत्स्य संपदा योजना से बिहार के किसानों को काफी लाभ होगा. इसके लिए उन्होंने पीएम को धन्यवाद भी दिया. यहां के लोग इससे काफी खुश हैं. यहां के 89 प्रतिशत लोग गांव में बसते हैं और 76 प्रतिशत लोग कृषि पर ही निर्भर हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि अंडा के वार्षिक उत्पादन वर्ष 2007-08 में 106 करोड़ प्रतिवर्ष था, जो अब बढ़ कर 274 करोड़ प्रतिवर्ष हो गया है. मांस का उत्पादन एक लाख 80 हजार मीट्रिक टन था, जो बढ़ कर तीन लाख 80 हजार मीट्रिक टन हो गया है.

अब राज्य में सिर्फ 65 हजार मीट्रिक टन ही मछली बाहर से आ रही है. शेष मछली की आपूर्ति राज्य से ही हो रही है. उन्होंने कहा कि कृषि और पशुपालन के छात्रों की सुविधा के लिए कई कदम उठाये गये हैं. हर छात्र को दो हजार रुपये प्रतिमाह तथा छह हजार रुपये किताब खरीदने के लिए दिये जा रहे हैं.

सीएम ने कहा कि बिहार में करीब नौ लाख हेक्टेयर चौर (चंवर) का क्षेत्र है, जहां खेती नहीं होती है. इस इलाके का विकास के लिए कई कार्य शुरू किये गये हैं. यहां के लोगों को प्रेरित करके उसके एक हिस्से में तालाब और दूसरे हिस्से में इस तालाब की मिट्टी को भरकर खेत बनाने के लिए कहा जा रहा है. इससे कृषि और मछली पालन दोनों साथ में हो जायेगा.

खेती वाले इलाके में फल-फूल की खेती करने की योजना है. इन इलाकों में बड़ी संख्या में घोड़परास (नीलगाय) है. इनसे बचाव के लिए खेतों में लेमनग्रास और खस ग्रास लगाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है. घोड़परास इन दोनों से काफी दूर भागता है. चौर इलाके का विकास होने से यहां के लोगों की आमदनी बढ़ेगी.

पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम के नाम पर होगा किशनगंज कृषि महाविद्यालय का नामकरण

मुख्यमंत्री ने कहा कि किशनगंज कृषि महाविद्यालय का नामकरण डॉ एपीजे अब्दुल कलाम साहब के नाम पर किया गया है. यह परिसर काफी अद्भूत है. इसका क्षेत्र इतना बड़ा है कि देश के किसी भी विश्वविद्यालय के पास नहीं है. यहां मत्स्य कॉलेज की स्थापित किया गया है. अब वेटनरी कॉलेज खोलने का निर्णय लिया गया है.

पूर्णिया के मरंगा में सिमेन स्टेशन का उद्घाटन किया गया है. इसका शिलान्यास 12 मई, 2018 को हमलोगों ने किया था. इतने कम समय में इसका काम पूरा होना प्रसन्नता की बात है. इससे प्रति वर्ष 50 लाख सिमेन स्ट्रॉ की क्षमता होगी, जिसका उपयोग कृत्रिम गर्भधान के लिए किया जायेगा. इससे बिहार तथा पूर्वोत्तर राज्यों के लोगों को सुविधा होगी.

दुग्ध का उत्पादन बढ़ाने में काफी मदद मिलेगी. इस संस्थान के लिए 80 एकड़ जमीन राज्य सरकार ने मुहैया करायी है. 59 पद स्वीकृत किये गये हैं और संचालन के लिए 47 करोड़ रुपये दिये गये हैं. पटना के पशुपालन कॉलेज को पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के रूप में परिणत किया गया है. यहां भ्रूण प्रत्यारोपण तकनीकी प्रयोगशाला का उद्घाटन हुआ है.

गिरिराज जी थोड़ा भूल रहे हैं...

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने संबोधन के दौरान बीच में मुस्कुराते हुए कहा कि गिरिराज जी थोड़ा भूल रहे हैं. बिहार में नीचे मछली और ऊपर बिजली योजना पर काम पहले से ही शुरू कर दिया है. इससे मछली उत्पादन के साथ-साथ सौर ऊर्जा का भी उत्पादन होगा. किसानों की आमदनी भी इस योजना से बढ़ेगी.

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