9.1 C
Ranchi

लेटेस्ट वीडियो

Swami Vivekananda Jayanti 2026: स्वामी विवेकानंद की जयंती पर जानें उनके प्रेरक धार्मिक विचार

Swami Vivekananda Jayanti 2026: स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर उनके विचार हमें सिखाते हैं कि सच्चा धर्म करुणा, सेवा और आत्मविश्वास से जुड़ा होता है, जो समाज और राष्ट्र दोनों को आगे बढ़ाता है.

Swami Vivekananda Jayanti 2026: स्वामी विवेकानंद जी की जयंती 2026 के अवसर पर देशभर में राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जा रहा है. हर वर्ष 12 जनवरी को मनाया जाने वाला यह दिन केवल एक महान संत की जयंती नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक शक्ति, आत्मविश्वास और युवाओं की प्रेरणा का प्रतीक है. स्वामी विवेकानंद ने अपने विचारों से न केवल भारत को, बल्कि पूरे विश्व को धर्म, मानवता और कर्म का सच्चा अर्थ समझाया.

धर्म की सार्वभौमिक सोच

स्वामी विवेकानंद के धार्मिक विचार संकीर्णता से परे थे. वे मानते थे कि धर्म का उद्देश्य किसी एक मत या परंपरा तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि मनुष्य को उसकी आंतरिक शक्ति से परिचित कराना है. उन्होंने कट्टरता, अंधविश्वास और कर्मकांडों पर आधारित धर्म की खुलकर आलोचना की.

उनके अनुसार, जब धर्म समाज में भेदभाव, जातिवाद या असमानता को बढ़ावा देता है, तब वह अपने मूल उद्देश्य से भटक जाता है. 1893 में शिकागो के विश्व धर्म संसद में दिया गया उनका ऐतिहासिक भाषण आज भी धार्मिक सहिष्णुता का सर्वोच्च उदाहरण माना जाता है. उनका प्रसिद्ध कथन —

“हम न केवल सहिष्णुता में विश्वास करते हैं, बल्कि सभी धर्मों को सत्य मानते हैं” धर्म की सार्वभौमिकता को स्पष्ट करता है.

मानव सेवा ही सच्चा धर्म

स्वामी विवेकानंद के लिए मानवता की सेवा ही धर्म का सर्वोच्च रूप थी. उन्होंने अपने गुरु श्री रामकृष्ण परमहंस के विचार “शिव ज्ञाने जीव सेवा” को अपने जीवन का आधार बनाया. उनके अनुसार, ईश्वर को मंदिरों में नहीं, बल्कि गरीब, पीड़ित और वंचित लोगों में देखा जाना चाहिए.

इसी सोच से प्रेरित होकर उन्होंने रामकृष्ण मिशन की स्थापना की, जो आज भी शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है.

ये भी पढ़ें:  राष्ट्रीय युवा दिवस  पर स्वामी विवेकानंद के ये धार्मिक कोट्स बदल देंगे सोच

धर्म, विज्ञान और युवा शक्ति

स्वामी विवेकानंद के विचारों में प्राचीन भारतीय आध्यात्मिकता और आधुनिक विज्ञान का सुंदर समन्वय दिखाई देता है. वे मानते थे कि धर्म और विज्ञान एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं.

उन्होंने युवाओं से आत्मविश्वास, परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण का आह्वान किया. उनका प्रेरणादायक संदेश —

“उठो, जागो और तब तक न रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए” आज भी युवाओं के लिए मार्गदर्शक है.

Shaurya Punj
Shaurya Punj
रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में 14 वर्षों से अधिक समय तक काम करने का अनुभव हासिल किया है. धर्म और ज्योतिष मेरे प्रमुख विषय रहे हैं, जिन पर लेखन मेरी विशेषता है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी सक्रिय भागीदारी रही है. इसके अतिरिक्त, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से काम किया है. 📩 संपर्क : shaurya.punj@prabhatkhabar.in

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

संबंधित ख़बरें

Trending News

जरूर पढ़ें

वायरल खबरें

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel