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सीएनएलयू में एसडीपीओ के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न

बिहार के विभिन्न जिलों के एसडीपीओ के लिए एक दिवसीय अभिमुखीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया

संवाददाता, पटना: चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (सीएनएलयू) पटना के पंचायती राज चेयर प्रोफेसर द्वारा संयुक्त राष्ट्र बाल कोष यूनिसेफ के सहयोग से बिहार के विभिन्न जिलों के एसडीपीओ के लिए एक दिवसीय अभिमुखीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम का मुख्य विषय ग्राम कचहरियों के कार्यक्रम में पुलिस कर्मियों की भूमिका, किशोर न्याय अधिनियम 2015 तथा पॉस्को अधिनियम 2012 रहा. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार थे, जबकि बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग के सचिव शमनोज कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. प्रशिक्षण सत्र में यूनिसेफ के बाल संरक्षण विशेषज्ञ बंकु बिहारी सरकार ने किशोर न्याय अधिनियम एवं पॉस्को अधिनियम के तकनीकी प्रावधानों की जानकारी दी तथा इन मामलों में पुलिस की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला. अजय कुमार ने दोनों अधिनियमों के संदर्भ में पुलिस की व्यावहारिक जिम्मेदारियों पर प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया. मुख्य रिसोर्स पर्सन के रूप में अवकाशप्राप्त जिला न्यायाधीश एवं पूर्व सूचना आयुक्त बिहार ओमप्रकाश ने ग्राम कचहरी को सशक्त बनाने में पुलिस की बहुआयामी भूमिका को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर विवादों के समाधान में ग्राम कचहरी एक प्रभावी मंच बन सकती है, बशर्ते पुलिस और पंचायत संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय हो. पंचायती राज चेयर प्रोफेसर एपी सिंह ने अपने स्वागत भाषण में अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए बिहार में ग्राम कचहरी की ऐतिहासिक यात्रा और उसके विकास पर प्रकाश डाला. कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए डीजीपी विनय कुमार ने एसडीपीओ से अपील की कि वे बच्चों से जुड़े अपराधों की संवेदनशीलता के साथ निगरानी करें, क्योंकि बच्चे राष्ट्र का भविष्य हैं. उन्होंने कहा कि बच्चों से संबंधित मामलों में करुणामय और मानवीय दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है. डीजीपी ने एसडीपीओ से यह भी आह्वान किया कि वे पुलिस और ग्राम कचहरी के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर बच्चों द्वारा किए गए लघु अपराधों एवं विवादों का प्रभावी समाधान सुनिश्चित करें. धन्यवाद ज्ञापन सत्यम भारद्वाज ने किया. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में बिहार के विभिन्न जिलों से करीब 60 एसडीपीओ ने भाग लिया. प्रतिभागियों ने दोनों अधिनियमों से जुड़े तकनीकी प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान विशेषज्ञों से प्राप्त किया. सभी रिसोर्स पर्सन ने इस बात पर जोर दिया कि ग्राम कचहरी बच्चों से जुड़े विवादों के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है.

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